हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब नए सत्र में खुलेंगे प्राथमिक स्कूल, 20 अप्रैल से होंगी 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं
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हरियाणा सरकार प्राथमिक स्कूलों को अब नए शैक्षणिक सत्र में ही खोलेगी। इस सत्र के बाकी बचे महीनों के लिए स्कूल खोलने का फैसला सरकार ने टाल दिया है। कोरोना के बाद बीते वर्ष मार्च महीने से बंद इन स्कूलों को सरकार 15 फरवरी से खोलना चाह रही थी। सरकार की तैयारी को देखते हुए अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी इसके लिए मन बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन अब सरकार ही पीछे हट गई है।
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि अब मौजूदा शिक्षा सत्र में प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा है। ऐसे में पहली से पांचवीं कक्षा तक की नियमित पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं खोले जा सकते। अब नए सत्र से ही प्राथमिक स्कूलों में सुचारु रूप से पढ़ाई कराई जा सकेगी।
छठी से 12वीं कक्षाओं तक के स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या इतनी नहीं है, जितनी आम दिनों में होती है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्कूल खोलने की फाइल उनके पास भेजी थी लेकिन उन्होंने यह कहकर लौटा दी है कि अब स्कूल खोलने का समय नहीं बचा है।
20 अप्रैल से होंगी 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं/12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाएं 20 अप्रैल से शुरू होंगी। यह परीक्षाएं 31 मई तक पूर्ण होंगी। प्रश्न-पत्र में 50 प्रतिशत तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इस कारण परीक्षा का समय तीन घंटे से घटाकर ढाई घंटे किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।
प्रायोगिक विषयों की परीक्षाएं लिखित परीक्षाओं से पहले करवाई जाएंगी। परीक्षार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जहां एक ओर शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत तक की कमी की है। वहीं प्रश्न पत्र को भी आसान बनाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि वार्षिक परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों में 50 प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल किए जाएंगे।