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Haryana: विभागों में वित्तीय गड़बड़ी रोकने के लिए ऑडिट विभाग का गठन, 500 नए पद सृजित कराने की संभावना

Wed, 14 Jun 2023 02:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 14 Jun 2023 02:02 PM IST
सार

ऑडिट विभाग का गठन करने के पीछे सरकार की मंशा है कि विभाग की अंदरूनी जांच। मौजूदा समय में हर विभाग का साल में एक बार ऑडिट होता है। यह ऑडिट जनरल की ओर से कराया जाता है। इसमें काम पूरा होने के बाद गड़बड़ी पकड़ में आती है।

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Haryana Government constituted State Audit Directorate to prevent corruption in departments
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विभागों में फैले भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने राज्य लेखा परीक्षा निदेशालय का गठन कर दिया है। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सरकार की तरफ से इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी की गई है। वित्त विभाग के अंतर्गत इस नए विभाग का गठन किया गया है। फिलहाल आईएएस संजय जून को निदेशालय की जिम्मेदारी दी गई है। आईएएस जून के नेतृत्व में अब निदेशालय की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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प्रांरभिक रूप से तैयार रूपरेखा के तहत निदेशालय में कुल 500 कर्मचारियों व अधिकारियों के नए पद सृजित करने का प्रस्ताव है। इनमें से करीब 200 ऑडिट अधिकारी होंगे। शुरुआत में अकाउंट अधिकारियों को विभाग में तैनात किया जाएगा। हालांकि, बाद में विभाग के लिए नए पद सृजित होने के बाद भर्ती की जाएगी। हरियाणा में कुल 97 विभाग हैं और 148 निगम, बोर्ड, अथॉरिटी और यूनिवर्सिटी हैं। ऐसे में एक-एक ऑडिट अधिकारी के पास एक या दो विभागों की जिम्मेदारी होगी।
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एजी से पहले सरकार हर विभाग का कराएगी अंदरूनी ऑडिट
ऑडिट विभाग का गठन करने के पीछे सरकार की मंशा है कि विभाग की अंदरूनी जांच। मौजूदा समय में हर विभाग का साल में एक बार ऑडिट होता है। यह ऑडिट जनरल की ओर से कराया जाता है। इसमें काम पूरा होने के बाद गड़बड़ी पकड़ में आती है। सरकार चाहती है कि जैसे ही किसी विभाग में कोई काम शुरू हुआ तो खर्च के साथ-साथ उस पर निगरानी रखी जाए, ताकि गड़बड़ी की आशंका ही न बचे। इसके अलावा, बिल बनाने से लेकर राशि पास होने तक पर ऑडिट विभाग अपनी निगरानी रखेगा और सरकार को रिपोर्ट देगा।


मिलीभगत की मिल रही थी शिकायतें
मौजूदा समय में हर विभाग में एक अकाउंट अधिकारी होता है। सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची है कि अकाउंट अधिकारियों की मिलीभगत से विभागों में वित्तीय गड़बड़ी होती हैं। कई बार तो यह मामले कई घोटालों के रूप में सामने आता हैं। क्योंकि एक विभाग में तैनात अकाउंट अधिकारी कई साल से एक ही विभाग में जमे होते हैं। मिलीभगत के इस नेक्सस को तोड़ने के लिए और कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ऑडिट विभाग का गठन किया है।

तकनीकी से मजबूत कर्मियों को मिलेगा मौका
इस समय हरियाणा सरकार की ओर से निर्माण से लेकर नए प्रोजेक्ट के तमाम कार्य ऑनलाइन मंजूर कराए जाते हैं। ऐसे में, ऑनलाइन ही राशि भेजी जाती है। इसलिए ऑडिट विभाग में सरकार उन अधिकारियों व कर्मचारियों को भी तरजीह देने जा रही है, जो तकनीकी रूप से मजबूत हैं और कंप्यूटर के साथ-साथ पोर्टलों की अच्छी समझ रखते हैं। नियुक्तियों में इनका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
 
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