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हरियाणा: टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी पर सरकार ने कसी नकेल, प्राइवेट कंपनी को दिखाया बाहर का रास्ता
Tue, 16 Jul 2019 11:44 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Jul 2019 11:44 AM IST
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फाइल फोटो
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हरियाणा में टेंडर प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने व इसकी आड़ में होने वाली गड़बड़ियों पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अब टेंडर प्रक्रिया के लिए हायर की गई प्राइवेट कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अब सरकारी विभागों के सभी टेंडर सरकारी एजेंसी एनआईसी के पोर्टल पर ही जारी किए जाएंगे।
सरकार ने इस संदर्भ में सभी विभाग के अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं विगत दिनों इस बाबत सप्लाई एवं डिस्पोजल निदेशालय की तरफ से सरकारी विभागों के नुमाइंदों को ट्रेनिंग भी दी गई। हरियाणा में सभी विभागों, बोर्डों व निगमों के छोटे-बड़े लगभग चार हजार टेंडर हर महीने जारी किए जाते हैं।
हरियाणा में पिछले लगभग चार साल से एक प्राइवेट फर्म भी टेंडर जारी करने के लिए विभागों के पास विकल्प के रूप में मौजूद थी। सूत्रों के अनुसार विभाग अमूमन अपना टेंडर एनआईसी की बजाए प्राइवेट फर्म के पोर्टल के जरिए ही जारी करने में ज्यादा रुचि रखते थे। लेकिन कई बार इन टेडरों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए।
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इतनी ही नहीं चहेताें को टेंडर देने जैसे आरोप भी उठते रहे। जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
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सरकार ने इस संदर्भ में सभी विभाग के अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं विगत दिनों इस बाबत सप्लाई एवं डिस्पोजल निदेशालय की तरफ से सरकारी विभागों के नुमाइंदों को ट्रेनिंग भी दी गई। हरियाणा में सभी विभागों, बोर्डों व निगमों के छोटे-बड़े लगभग चार हजार टेंडर हर महीने जारी किए जाते हैं।
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हरियाणा में पिछले लगभग चार साल से एक प्राइवेट फर्म भी टेंडर जारी करने के लिए विभागों के पास विकल्प के रूप में मौजूद थी। सूत्रों के अनुसार विभाग अमूमन अपना टेंडर एनआईसी की बजाए प्राइवेट फर्म के पोर्टल के जरिए ही जारी करने में ज्यादा रुचि रखते थे। लेकिन कई बार इन टेडरों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए।
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इतनी ही नहीं चहेताें को टेंडर देने जैसे आरोप भी उठते रहे। जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
510 बसों के टेंडर भी प्राइवेट फर्म के पोर्टल पर हुए थे जारी, विवादों में घिरे
हरियाणा में किलोमीटर स्कीम पर 700 प्राइवेट बसों को हायर करने का मामला भी विवादों में घिरा हुआ है। इन बसों के लिए दो चरणों में टेंडर हुए थे। पहली चरण में प्राइवेट फर्म के पोर्टल पर 510 बसों के टेंडर हुए और दूसरे चरण में सरकारी एनआईसी के पोर्टल पर 190 बसों के टेंडर हुए। लेकिन 510 बसों के टेंडर इस कदर विवादों में घिर गए कि आज इसकी विजिलेंस जांच की जा रही है।
इन विवादों के बीच सवाल यह उठ रहा है कि प्राइवेट फर्म के पोर्टल पर डाले गए टेंडरों में बोलीदाताओं की संख्या सरकारी पोर्टल पर जारी किए गए टेंडरों की अपेक्षाकृत बहुत कम क्यों हैं। जिस वजह से बसों को हायर करने केरेटों में बहुत बड़ा अंतर आ गया है। खैर, मामला अभी विचाराधीन है। लेकिन सरकार ने निजी पोर्टल पर जारी 510 बसों के टेंडर पर रोक लगा दी है।
अब प्रतिद्वंद्वी के दस्तावेज देख सकेंगे बोलीदाता
एनआईसी पोर्टल पर टेंडर जारी होने से सबसे बड़ी बात यह रहेगी कि सभी बोलीदाताओं के दस्तावेज अब पोर्टल पर सार्वजनिक रहेंगे। जिससे बोलीदाता अपने प्रतिद्वंद्वी के दस्तावेज भी देख सकेगा और यह जान सकेगा कि यदि उसका टेंडर रिजेक्ट हुआ है तो क्यों हुआ है, जबकि प्राइवेट पोर्टल पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
इसके अलावा जिस बोलीदाता को टेंडर दिया जाएगा, उसका आधार क्या है, यह भी प्रतिद्वंदी बोलीदाता जान सकेंगे। जबकि इससे कई तरह के आरोपों व सवालों को भी विराम मिलेगा।
इन विवादों के बीच सवाल यह उठ रहा है कि प्राइवेट फर्म के पोर्टल पर डाले गए टेंडरों में बोलीदाताओं की संख्या सरकारी पोर्टल पर जारी किए गए टेंडरों की अपेक्षाकृत बहुत कम क्यों हैं। जिस वजह से बसों को हायर करने केरेटों में बहुत बड़ा अंतर आ गया है। खैर, मामला अभी विचाराधीन है। लेकिन सरकार ने निजी पोर्टल पर जारी 510 बसों के टेंडर पर रोक लगा दी है।
अब प्रतिद्वंद्वी के दस्तावेज देख सकेंगे बोलीदाता
एनआईसी पोर्टल पर टेंडर जारी होने से सबसे बड़ी बात यह रहेगी कि सभी बोलीदाताओं के दस्तावेज अब पोर्टल पर सार्वजनिक रहेंगे। जिससे बोलीदाता अपने प्रतिद्वंद्वी के दस्तावेज भी देख सकेगा और यह जान सकेगा कि यदि उसका टेंडर रिजेक्ट हुआ है तो क्यों हुआ है, जबकि प्राइवेट पोर्टल पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
इसके अलावा जिस बोलीदाता को टेंडर दिया जाएगा, उसका आधार क्या है, यह भी प्रतिद्वंदी बोलीदाता जान सकेंगे। जबकि इससे कई तरह के आरोपों व सवालों को भी विराम मिलेगा।