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हरियाणाः तालाब प्राधिकरण में तकनीकी पद भरने में फंसा पेच निकला, नियमों और शर्तों में बदलाव
Fri, 06 Mar 2020 10:39 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 06 Mar 2020 10:39 AM IST
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हरियाणा के 16495 ग्रामीण और शहरी तालाबों को पुराना स्वरूप लौटाने के लिए अब पहले से अधिक तेजी से काम होगा। हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण में तकनीकी पद भरने के लिए फंसा पेंच सरकार ने दिया है। विधानसभा के बजट सत्र में तकनीकी पद भरने के लिए बनाए गए नियम व शर्तें बदल दिए गए।
सरकार ने इसके लिए सदन में सर्वसम्मति से हरियाणा तालाब एवं अपजल प्रबंधन प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2020 पारित कराया है। अब प्राधिकरण में तकनीकी सलाहकार और सदस्य सचिव के पद को जल्दी भरा जा सकेगा। नियम व शर्तें कड़ी होने के 2018 से अब तक ये पद नहीं भरे जा सके।
सरकार ने तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ाने के लिए प्राधिकरण में सरकारी सदस्यों के पद भी बढ़ाकर दो से तीन कर दिए हैं। प्राधिकरण ने सभी तालाबों को यूनीक आईडी दे दी है। 15891 तालाब ग्रामीण और 604 तालाब शहरी क्षेत्र में हैं। सभी तालाबों के कायाकल्प की कार्ययोजना सरकार ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से एनजीटी को भेज दी है।
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तालाबों का केस सीधा आईसीयू का, भरने दें पानी
कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी का कहना है कि तालाबों की स्थिति देखें तो उनका केस सीधा आईसीयू का है। सरकार इनकी स्थिति सुधारने के लिए जल्दी कदम उठाए। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग तालाबों में पानी नहीं भरने देता। जिससे भी तालाब डैमेज हो रहे हैं।
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सरकार ने इसके लिए सदन में सर्वसम्मति से हरियाणा तालाब एवं अपजल प्रबंधन प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2020 पारित कराया है। अब प्राधिकरण में तकनीकी सलाहकार और सदस्य सचिव के पद को जल्दी भरा जा सकेगा। नियम व शर्तें कड़ी होने के 2018 से अब तक ये पद नहीं भरे जा सके।
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सरकार ने तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ाने के लिए प्राधिकरण में सरकारी सदस्यों के पद भी बढ़ाकर दो से तीन कर दिए हैं। प्राधिकरण ने सभी तालाबों को यूनीक आईडी दे दी है। 15891 तालाब ग्रामीण और 604 तालाब शहरी क्षेत्र में हैं। सभी तालाबों के कायाकल्प की कार्ययोजना सरकार ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से एनजीटी को भेज दी है।
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तालाबों का केस सीधा आईसीयू का, भरने दें पानी
कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी का कहना है कि तालाबों की स्थिति देखें तो उनका केस सीधा आईसीयू का है। सरकार इनकी स्थिति सुधारने के लिए जल्दी कदम उठाए। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग तालाबों में पानी नहीं भरने देता। जिससे भी तालाब डैमेज हो रहे हैं।
नियम व शर्तों में हुआ ये बदलाव
प्राधिकरण में सदस्य सचिव एवं तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति के लिए तय योग्यताएं बदल दी गई हैं। अब किसी भी राज्य, केंद्र सरकार के उपक्रम या उसके अधीनस्थ कार्य कर रही संस्थाओं में कार्यरत, सेवानिवृत्त अधिकारी को तकनीकी सलाहाकर नियुक्त किया जा सकता है। अभी तक इस पद के लिए चयन की योग्यता में सीमित प्रावधान थे।
जिनके अनुसार राज्य, केंद्र सरकार के सिंचाई विभाग या जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता या उसके समकक्ष को ही नियुक्त किया जा सकता थे। इसी तरह अब सदस्य सचिव के पद पर राज्य, केंद्र सरकार के किसी भी अभियांत्रिकी विभाग में मुख्य अभियंता या समकक्ष पद पर कार्यरत व सेवानिवृत्त अधिकारी को नियुक्त कर सकते हैं। संशोधनों के बाद सदस्य सचिव एवं तकनीकी सलाहकार के पद के लिए अधिक विकल्प उपलब्धता होंगे।
नए वित्त वर्ष में 249 तालाबों के संरक्षण का लक्ष्य
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2020-21 में 249 तालाबों के सरंक्षण का लक्ष्य रखा है। इनमें 120 तालाब महाग्राम, 66 धार्मिक, ऐतिहासिक महत्व के तालाब, 14 जीटी रोड से लगे व 49 तालाब 25 एकड़ से ऊपर के शामिल हैं। प्राधिकरण ने वर्ष 2019-20 में 18 प्रदूषित तालाबों का प्राथमिकता के आधार पर संरक्षण किया। 0.5 एकड़ से कम और निजी भूमि पर स्थित तालाबों का जीर्णोद्वार प्राधिकरण नहीं करेगा। गंदे पानी वाले तालाबों के वर्गीकरण का काम जल्दी शुरू किया जाएगा।
जिनके अनुसार राज्य, केंद्र सरकार के सिंचाई विभाग या जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता या उसके समकक्ष को ही नियुक्त किया जा सकता थे। इसी तरह अब सदस्य सचिव के पद पर राज्य, केंद्र सरकार के किसी भी अभियांत्रिकी विभाग में मुख्य अभियंता या समकक्ष पद पर कार्यरत व सेवानिवृत्त अधिकारी को नियुक्त कर सकते हैं। संशोधनों के बाद सदस्य सचिव एवं तकनीकी सलाहकार के पद के लिए अधिक विकल्प उपलब्धता होंगे।
नए वित्त वर्ष में 249 तालाबों के संरक्षण का लक्ष्य
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2020-21 में 249 तालाबों के सरंक्षण का लक्ष्य रखा है। इनमें 120 तालाब महाग्राम, 66 धार्मिक, ऐतिहासिक महत्व के तालाब, 14 जीटी रोड से लगे व 49 तालाब 25 एकड़ से ऊपर के शामिल हैं। प्राधिकरण ने वर्ष 2019-20 में 18 प्रदूषित तालाबों का प्राथमिकता के आधार पर संरक्षण किया। 0.5 एकड़ से कम और निजी भूमि पर स्थित तालाबों का जीर्णोद्वार प्राधिकरण नहीं करेगा। गंदे पानी वाले तालाबों के वर्गीकरण का काम जल्दी शुरू किया जाएगा।