फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government can take help of Airforce to deal with locusts

हरियाणा में अभी नहीं टला टिड्डी दल का खतरा, वायुसेना की ली जा सकती मदद

Fri, 31 Jul 2020 01:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 31 Jul 2020 01:37 AM IST
विज्ञापन
Haryana Government can take help of Airforce to deal with locusts
टिड्डी दल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा में अभी टिड्डी दल का खतरा कम नहीं हुआ है। इसके लिए प्रदेश सरकार एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों की मदद भी ले सकती है। एयरफोर्स ने अपने हेलीकॉप्टरों में छिड़काव के लिए एक विशेष मशीन भी इंस्टॉल की है। जिसके जरिये विभिन्न राज्यों में छिड़काव भी किया गया है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि वैसे तो हमारे पास टिड्डी दल से निपटने के जरूरी इंताजाम हैं। मगर अगर जरूरत पड़ती है तो हेलीकॉप्टरों से भी छिड़काव करवाया जाएगा। 

विज्ञापन


कृषि मंत्री ने कहा कि राजस्थान में टिड्डी पर कंट्रोल न होने की वजह से बार-बार टिड्डी दल का अटैक हरियाणा की सीमा में भी हो रहा है। राजस्थान में टिड्डी प्रजनन की गति बहुत तेज है। उन्होंने कहा कि किसानों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार ने टिड्डी दल पर दवाओं के छिड़काव के लिए ड्रोन की व्यवस्था कर ली है और अगर जरूरत पड़ी तो हेलीकॉप्टरों का भी सहारा लिया जाएगा।
विज्ञापन


उधर, हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि हरियाणा में टिड्डियों के कहर को नियंत्रित करने और इनके कारण फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए हिसार और महेंद्रगढ़ जिलों में दो ड्रोन की तैनाती की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इन ड्रोनों को अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी तैनात किया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने ड्रोन तैनात करने की मंजूरी दे दी है। प्रभावित क्षेत्रों में हवाई छिड़काव करने के लिए 10 लीटर की न्यूनतम पे लोड क्षमता और प्रतिदिन कम से कम चार घंटे की उड़ान संचालन क्षमता के साथ पांच और ड्रोन लगाने के लिए निविदा जारी की गई है। 


इन ड्रोनों को विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार खेतों, सामुदायिक भूमि, रेत के टीलों, पेड़ों की टहनियों, कीकरों या किसी अन्य प्रभावित क्षेत्र में छिड़काव के लिए तैनात किया जा सकता है। आश्वासन दिया कि विभाग द्वारा स्थिति की करीब से निगरानी की जा रही है। उन्होंने प्रभावित जिलों में किसानों से आग्रह किया कि वे सतर्क रहें। अगर उन्हें कहीं भी टिड्डियां दिखाई देती हैं तो इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed