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सराहनीय पहलः महिलाओं के लिए पब्लिक टॉयलेट बनाना चाहती है ये लड़की, सरकार को लिखा खत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:45 AM IST
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प्रियंका यादव
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एक लड़की की सराहनीय पहल, वह महिलाओं के लिए पब्लिक टॉयलेट बनवाना चाहती है। इसके लिए उसने सरकार को एक खत लिखा है। लड़की का नाम प्रियंका है और वह हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली है। प्रियंका ने स्थानीय प्रशासन के साथ चंडीगढ़ में चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीएमओ को भी एक खत लिख कहा है कि वे प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक टॉयलेट बनाने के लिए कहें। प्रियंका ने लेटर में एक स्लोगन भी दिया, वेन नेचर कॉल, वी नीड एक टॉयलेट।
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Haryana: Priyanka a Rewari resident, has written to admn, urging them to build toilets at public spaces in city; says "Also wrote to CMO Chandigarh. Commissioner&Nagar Parishad's Executive Officer have been asked to submit report.Existing toilets occupied by anti-social elements" pic.twitter.com/SPC32RORvS
— ANI (@ANI) November 18, 2018विज्ञापन
क्यों उठाया ये कदम
पब्लिक टॉयलेट बनवाने की पहल करने के पीछे प्रियंका ने खुद की एक कहानी बताई। प्रियंका ने बताया कि वह रेवाड़ी में ही स्थित पंजाबी मार्केट में अपने दोस्तों के साथ खरीददारी करने के लिए गई थीं, लेकिन वहां पब्लिक टॉयलेट नहीं था। जब इस बारे में प्रियंका ने दुकानदारों से पूछा तो वह यह जानकर हैरान रह गईं कि यहां पर महिलाओं के लिए कोई पब्लिक टॉयलेट ही नहीं है।
प्रियंका के मुताबिक, यहां पब्लिक टॉयलेट पर असामाजिक तत्वों का कब्जा है। यहां पब्लिक टॉयलेट बनाए गए हैं, लेकिन उन पर पुरुषों का कब्जा है। वे यहां पर शराब पीते हैं और जुआ खेलते हैं। यहां पर ऐसे आठ पब्लिक टॉयलेट, जिनमें से कुछ पर ताला लगा दिया गया है। इसलिए उसने यह बीड़ा उठाया और खुद पब्लिक टॉयलेट का निर्माण कराने की इजाजत मांगी है।
बता दें कि 4 साल पहले 2 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता मुहिम की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश को ओडीएफ फ्री करने के लिए 286 करोड़ रुपये का बजट शौचालय बनाने के लिए रखा गया था, पर इंतजाम नाकाफी हैं। हकीकत में प्रदेश के 14 प्रमुख बाजारों में केवल 8 महिला टॉयलेट मिले और वो भी बेहद गंदे हालात में हैं।
प्रियंका के मुताबिक, यहां पब्लिक टॉयलेट पर असामाजिक तत्वों का कब्जा है। यहां पब्लिक टॉयलेट बनाए गए हैं, लेकिन उन पर पुरुषों का कब्जा है। वे यहां पर शराब पीते हैं और जुआ खेलते हैं। यहां पर ऐसे आठ पब्लिक टॉयलेट, जिनमें से कुछ पर ताला लगा दिया गया है। इसलिए उसने यह बीड़ा उठाया और खुद पब्लिक टॉयलेट का निर्माण कराने की इजाजत मांगी है।
बता दें कि 4 साल पहले 2 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता मुहिम की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश को ओडीएफ फ्री करने के लिए 286 करोड़ रुपये का बजट शौचालय बनाने के लिए रखा गया था, पर इंतजाम नाकाफी हैं। हकीकत में प्रदेश के 14 प्रमुख बाजारों में केवल 8 महिला टॉयलेट मिले और वो भी बेहद गंदे हालात में हैं।