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हरियाणा: 95 फीसदी डीआरओ, तहसीलदार-नायब तहसीलदार छिपा रहे संपत्ति, वित्तायुक्त ने पत्र लिख दी ये चेतावनी

Tue, 14 Dec 2021 12:58 PM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 14 Dec 2021 12:58 PM IST
सार

हरियाणा के 22 जिलों में डीआरओ, 94 तहसील में तहसीलदार व नायब तहसीलदार व 49 उप तहसीलों में नायब तहसीलदार तैनात हैं। जमीनों व अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को लेकर इनमें से अनेक पर उंगलियां उठती रहती हैं।

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Haryana Financial Commissioner warns District Revenue Officers to Send their ITR in 10 Days
आयकर

विस्तार

हरियाणा के जिलों में तैनात 95 फीसदी जिला राजस्व अधिकारी यानि डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं। इन्होंने सरकार को 2020- 21 में भरी अपनी आयकर रिटर्न की कॉपी अभी तक नहीं सौंपी है। इन अधिकारियों को बार-बार स्मरण पत्र भी भेजे गए, लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब 10 दिन में अगर ये अफसर सरकार को अपनी आईटीआर नहीं भेजते हैं, तो इन्हें चार्जशीट कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने सभी डीसी को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसकी प्रति डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भी भेजी गई है। जिसमें चेताया गया है कि समय रहते अपनी संपत्ति से जुड़ा ब्योरा व आईटीआर की कॉपी समय रहते भिजवाना सुनिश्चित करें। पत्र में दी गई समय अवधि को अंतिम मोहलत माना जाए।
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प्रदेश के 22 जिलों में डीआरओ, 94 तहसील में तहसीलदार व नायब तहसीलदार व 49 उप तहसीलों में नायब तहसीलदार तैनात हैं। जमीनों व अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को लेकर इनमें से अनेक पर उंगलियां उठती रहती हैं। सरकार ने रजिस्ट्री की व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाया है, उसके बावजूद भ्रष्टाचार में संलिप्त अफसर कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान हुई रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी के बड़े आरोप लग चुके हैं। जिसमें लगभग 250 अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है। इन पर कार्रवाई को लेकर फैसला सरकार स्तर पर विचाराधीन है।

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हर साल आईटीआर सांझा करना जरूरी

सरकार के निर्देशानुसार अफसरों को आईटीआर की कॉपी हर साल सांझा करना जरूरी है। बावजूद इसके वे सरकार को रिपोर्ट नहीं दे रहे। बार-बार कहने के बावजूद संपत्ति का ब्योरा न देने पर सरकार का माथा ठनका है। ये अफसर अब संदेह के दायरे में हैं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इनकी 2020-21 की आयकर रिटर्न का अध्ययन कर सरकार देखेगी कि एक साल में इनकी संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है। जिनकी संपत्ति आय से अधिक निकली, उनके खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

अधिकतर ने नहीं भेजी रिपोर्ट, अवहेलना पर नपेंगे 
अभी तक अधिकतर डीआरओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने आईटीआर की कॉपी सरकार को नहीं भेजी है। उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। इसके बाद आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। राजस्व अधिकारियों के खिलाफ लंबित शिकायतों को जल्द निपटाया जाएगा। डीसी को लंबित मामलों की सूची भेजकर दो हफ्ते में प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। - पीके दास, वित्तायुक्त व अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग।

 
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