भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता, अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे, पंजाब के एक और किसान की मौत
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कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। सिंघु बार्डर पर करीब 35 से ज्यादा किसान नेता भूख हड़ताल पर बैठे। किसानों का सोमवार को जिले स्तर पर प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम होने के कारण सिंघु बॉर्डर पर भीड़ कम रही। टीकरी बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 32 किसान संगठनों के उन नेताओं ने भाग लिया, जिनको टीकरी बॉर्डर आंदोलन की कमान सौंपी गई है।
करीब 10 बजे किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त को ज्ञापन देने के लिए झज्जर रवाना हो गया। अनशनकारी किसान नेताओं में ऑल इंडिया किसान सभा पंजाब से बलकरण सिंह बराड़, भारतीय किसान यूनियन डकोंदा से बलदेव सिंह और भाकियू हरियाणा के जोगिंदर नैन भी अनशन पर रहे।
रविवार रात को कड़ी ठंड पड़ने के बावजूद बहादुरगढ़ में किसानों के करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में रह रहे किसानों के इरादे कमजोर नजर नहीं आए। सिरसा में किसानों ने सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव भी किया। सोमवार को भी सैकड़ों किसान रेलगाड़ियों से टीकरी बॉर्डर पहुंचे।
पंजाब के एक और किसान की मौत
पंजाब के मोगा जिले के भिंडरकलां गांव के किसान मक्खन की हार्टअटैक से मौत हो गई। वह एक दिन पहले ही लंगर बनाने में मदद करने के लिए आया था।
सेवानिवृत्त फौजी मलिक लौटाएंगे 10 पदक
सोनीपत जिले के गन्नौर तहसील के लल्हेड़ी गांव के सेवानिवृत्त फौजी जयभगवान मलिक ने 28 साल तक देश सुरक्षा कर 10 मेडल हासिल किए थे। जयभगवान ने वह मेडल किसानों के समर्थन में वापस करने की घोषणा की। जयभगवान ने कहा कि वह राष्ट्रपति को भेजने के लिए डीसी को यह मेडल सौंपेंगे।
उमर खालिद के पक्ष में नारे लगाने से रोका
टीकरी बॉर्डर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य कविता कृष्णन ने भी मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने उमर खालिद को बेकसूर बताते हुए रिहा करने की मांग की। मंच से उमर खालिद के हक में नारे लगाने को कहा तो भाकियू नेता प्रगट सिंह राजेवाल ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर योगेंद्र यादव के नेतृत्व में किसानों ने खेड़ा बॉर्डर स्थित हाईवे पर लगाए टेंट
दिल्ली-जयपुर हाईवे-48 पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली लेन दूसरे दिन भी बंद रही। पुलिस के हाईवे पर बैरिकेड लगाकर किसानों को रोकने के चलते किसानों ने हाईवे पर ही टेंट लगा दिए हैं। वहीं दूसरी ओर रेवाड़ी के बावल स्थित आंबेडकर पार्क में सोमवार को महापंचायत का आयोजन कर किसान करीब 30 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले।
पुलिस ने इनमें से 15 किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं बहादुरगढ़ से रेवाड़ी-रोहतक हाईवे से होते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के जत्थे पहुंचने के इनपुट पर पुलिस ने हाईवे के गंगायचा टोल प्लाजा से लेकर रोहड़ाई मोड़ तक सुरक्षा बढ़ा दी।
आंदोलन को देखते हुए सीएम आवास की सुरक्षा बढ़ी
पंजाब और हरियाणा से किसानों का दिल्ली कूच जारी रहा। ऐसे में किसानों ने लगातार तीसरे दिन पानीपत और करनाल में कुछ देर के लिए टोल फ्री रखा। वहीं किसान आंदोलन को देखते हुए करनाल में सीएम आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, जबकि कैथल में किसान आंदोलनकारियों ने शहर में ट्रैक्टर रैली निकालकर शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर के घर पर विरोध प्रदर्शन किया।
पंजाब कैबिनेट ने शंभु बार्डर पर दिया धरना
अंबाला से लगे शंभु बार्डर पर पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिक्षामंत्री विजय इंद्र सिंघला, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू समेत कई मंत्रियों और नेताओं ने सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक धरना दिया। इस दौरान हरियाणा और पंजाब में आवाजाही भी बाधित रही।