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हरियाणा तक पहुंची मंदसौर की आग, 'उग्रासन' के बाद किसानों का बड़ा ऐलान

Sat, 17 Jun 2017 12:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़ Updated Sat, 17 Jun 2017 12:51 PM IST
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haryana farmers protest in favour of madhya pradesh mandsaur farmers
हरियाणा तक पहुंचा मंदसौर किसान आंदोलन
मंदसौर के किसान आंदोलन की आग अब हरियाणा तक पहुंच गई है। किसानों ने शुक्रवार को उग्र प्रदर्शन करने के बाद बड़ा ऐलान किया है। किसानों ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मरणासन करने का ऐलान किया है। कर्ज माफ करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और एमपी के किसानों के समर्थन में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों के आह्वान पर किसानों ने हरियाणा में शुक्रवार को कई जगहों पर प्रदर्शन किया।
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हिसार में तीन जगहों पर करीब तीन घंटे तक हाईवे जाम किया, जबकि अंबाला में किसानों ने जीटी रोड को ढाई घंटे तक जाम रखा। रोहतक में दो जगहों पर हाईवे जाम किया गया। करीब 10 जगहों पर हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। रूट को डायवर्ट करके वाहनों को निकाला गया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार का विरोध करके पुतला फूंका।
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प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एमपी में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि दी। किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव के समय जो वादा किये थे उसे अमल में लाएं, नहीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 19 जून को नई दिल्ली में देश के किसान संगठन राष्ट्रीय किसान महासंघ की अगुवाई में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
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जीटी रोड के किनारे कुर्सियां डालकर बैठे रहे

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हरियाणा तक पहुंचा मंदसौर किसान आंदोलन
विरोध प्रदर्शन के तहत विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों किसानों ने अंबाला में बुहावा अनाज मंडी के समक्ष जीटी रोड पर जाम लगाया। हालात बेकाबू न हो इसलिए पुलिस और प्रशासन ढाई घंटे तक बेबस बना रहा। डीसी और एसपी प्रदर्शनकारियों से महज 100 मीटर दूर जीटी रोड के किनारे कुर्सियां डालकर बैठे रहे। ढाई घंटे जीटी रोड जाम रहने से हजारों वाहन चालकों पर असर पड़ा।

हिसार में अखिल भारतीय किसान सभा और अन्य किसान संगठनों ने तीन जगहों शहर, बरवाला क्षेत्र में सरसौद और नारनौंद सहित तीन स्थानों पर हाईवे जाम किया। नारनौंद में हांसी-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगाया। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस देरी से पहुंची और जाते ही प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर शाम को छोड़ दिया।

सिरसा के ओढां में राष्ट्रीय किसान संगठन के आह्वान पर किसानों ने करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। जींद में भारतीय किसान यूनियन ने ऐन मौके पर रामराये में जाम का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। कंडेला में भी जाम नहीं लगाया गया। जिले में सिर्फ दनौदा गांव में तीन घंटे के लिए किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर विरोध जताया।

दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर नारेबाजी की

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हरियाणा तक पहुंचा मंदसौर किसान आंदोलन
तोशाम में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने गांव ईशरवाल में करीब तीन घंटे धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए किसानों ने जाम भी लगाया। पानीपत में भारतीय किसान यूनियन ने दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर नारेबाजी की।

यमुनानगर में इनेलो से राज्यसभा सदस्य रामकुमार कश्यम और पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में 100 अधिक कार्यकर्ताओं ने जगाधरी अनाज मंडी गेट के समक्ष एनएच-73 के किनारे मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका।

रोहतक में किसानों ने तीन घंटे रोहतक-पानीपत और एक घंटा रोहतक-जींद मार्ग पर जाम लगाया। किसानों ने साफ किया कि जब तक मध्यप्रदेश में किसानों पर गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों और वहां की भाजपा सरकार को बर्खास्त नहीं किया जाता, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 19 जून को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के 62 किसान संगठन एकत्रित होंगे, जहां बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

इसलिए प्रशासन रहा मौन

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हरियाणा तक पहुंचा मंदसौर किसान आंदोलन
अंबाला में जीटी रोड पर किसानों के जाम के दौरान प्रशासन व पुलिस मौन रहे। वे आंदोलन को उग्र नहीं होने देना चाहते थे। आशंका थी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रोका गया तो हालात मध्य प्रदेश जैसे बिगड़ सकते थे।

प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल
हालात से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस अलर्ट थी। अंबाला के अलावा यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला से भी फोर्स मंगवाई गई थी। सीआरपीएफ जवान भी तैनात थे। जीआरपी और आरपीएफ को भी बुलाया गया था। करीब पांच सौ प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल विभिन्न जगहों पर तैनात रहा।

किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार था। किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। यदि इन्हें रोकने का प्रयास किया जाता तो हालात बेकाबू हो सकते थे। ढाई घंटे शाहबाद से अंबाला कैंट तक जीटी रोड जाम था। इस दौरान शाहबाद-जगाधरी रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कानूनन जो कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी।
- प्रभजोत सिंह, डीसी, अंबाला।

राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने ट्वीट करके केंद्र सरकार की ओर से किसानों के हित में लागू की जा रही योजनाओं का समर्थन किया है। विपक्ष भोले-भाले किसानों को गुमराह करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री
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