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हरियाणा: बेमौसमी बारिश की मार, 16 हजार से अधिक किसानों ने मांगा मुआवजा

Fri, 28 Jan 2022 12:51 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 28 Jan 2022 12:51 AM IST
सार

बारिश के कारण सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इससे पहले अक्तूबर माह में भी बेमौसम बारिश की मार किसान झेल चुके हैं।

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Haryana farmers crops damaged due to unseasonal rains
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अक्तूबर में बारिश से खराब हुई धान-कपास की फसलों के मुआवजे का इंतजार कर रहे हरियाणा के किसानों को जनवरी में हुई बेमौसमी बारिश की मार झेलनी पड़ी। अब सबसे अधिक सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ। किसानों को सरकार से मदद की उम्मीद है। वीरवार तक प्रदेशभर से 16617 किसानों ने कृषि विभाग से संपर्क कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत मुआवजे की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन भी विशेष गिरदावरी की मांग कर चुकी है। अब तक अंबाला और रेवाड़ी जिलों से सबसे अधिक आवेदन आए हैं। 

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रेवाड़ी जिले में जलजमाव के कारण गेहूं और सरसों की फसल को हुए नुकसान के करीब 2538 किसानों ने मुआवजे की मांग की है। अंबाला में लगभग 2110 किसानों ने फसल को नुकसान होने का दावा करते हुए मुआवजा मांगा है। मेवात से 1435, रोहतक से 1770, चरखी दादरी से 1433, कुरुक्षेत्र से 1300, भिवानी से 910 और करनाल से 148 किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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प्रदेश में इस वर्ष गेहूं की फसल का रकबा लगभग 22.9 लाख हेक्टेयर है। 19 लाख एकड़ में सरसों की फसल है। पिछले और इस सप्ताह लगातार चली बारिश से इन दोनों फसलों के साथ सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है।

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ऐसे मिलता है मुआवजा

किसान नुकसान के 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के तुरंत बाद बीमा कंपनी और विभाग के अधिकारियों द्वारा वास्तविक नुकसान का पता लगाने के लिए भौतिक सर्वेक्षण किया जाता है और बाद में मुआवजा जारी किया जाएगा।

अक्तूबर में धान और कपास की फसल हुई थी खराब

इससे पहले अक्तूबर माह में बारिश से धान और कपास की फसलें खराब हुई थी। सरकार ने विशेष गिरदावरी कराई थी। सभी मंडलायुक्त की रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच चुकी हैं। करीब 3.50 लाख एकड़ में फसलें खराब हुई हैं। इसके बाद सरकार अलग-अलग श्रेणी में किसानों को कुल 353 करोड़ रुपये मुआवजा देगी। किसानों के खातों में सीधे राशि डालने की तैयारी है।

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