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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Assembly Election 2024 RSS and BJP Political Equation for Key Seats to Form Government

Haryana Election: तीसरी बार कमल खिलाने के लिए मैदान में उतरा संघ, इन सीटों पर खास फोकस; बनाया है ये प्लान

Sat, 28 Sep 2024 09:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 28 Sep 2024 09:01 AM IST
सार

Haryana Election 2024: हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार कमल खिलाने के लिए आरएसएस भी मैदान में उतर गया है। डोर टू डोर के साथ सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की नीतियों की चर्चा कर रहे हैं।

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Haryana Assembly Election 2024 RSS and BJP Political Equation for Key Seats to Form Government
Haryana Election - फोटो : ANI

विस्तार

हरियाणा में भाजपा की हैट्रिक लगाने के लिए अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी मैदान में उतर गया है। अब संघ कार्यकर्ता हरियाणा में अंदर खाते भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे। संघ का उन सीटों पर खास फोकस रहने वाला है जहां भाजपा थोड़ी कमजोर लग रही है। 
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भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यदि इन सीटों पर पार्टी के साथ संघ कार्यकर्ताओं ने भी जोर लगाया तो परिणाम बदल सकता है। इसलिए आरएसएस ने अपने पारंपरिक तरीके से काम शुरू कर दिया है। आरएसएस कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं। 
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इसके साथ सार्वजनिक स्थलों पर भी केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। हरियाणा में मतदान के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं। भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अंतिम दिनों में भाजपा ने स्टार प्रचारकों के साथ पन्ना प्रमुखों की बूथ लेवल पर सक्रियता बढ़ा दी है। 
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इसी के साथ आरएसएस भी सक्रिय हो गई है। उनका एक सिद्धांत है कि जहां कम, वहां हम। इसके आधार पर वह उन सीटों पर जा रहे हैं, जहां भाजपा कमजोर दिख रही है। 

राज्य में यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, हिसार, सोनीपत और सिरसा जिलों में 23 से ज्यादा विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कड़ा मुकाबला है। यदि भाजपा ने इन सीटों पर बढ़त बना ली तो तीसरी बार सत्ता पाने का रास्ता आसान हो सकता है। 

 

भाजपा ने झोक दी पूरी ताकत

भाजपा की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने पिछले कुछ दिनों में अपना चुनाव उठाया है। इसलिए शीर्ष नेतृत्व ने अब पूरी ताकत झोक दी है। आरएसएस की टीमों का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं होगा। 

 

उनकी टीमें अलग से क्षेत्रों में जाएंगी। चुनाव से पहले भाजपा व आरएसएस के बीच उम्मीदवारों के चयन से लेकर बूथ स्तर के प्रबंधन पर चर्चा हुई थी। भाजपा ने आरएसएस के सुझाव को मानते हुए इस बार 25 से ज्यादा नए चेहरों को मैदान में उतारा है। 

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