फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Education Minister refuses to give extension to temporary schools

हरियाणा: 1000 निजी स्कूलों के लाखों बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार, प्राइवेट स्कूल संघ ने जताई नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

Wed, 08 Dec 2021 09:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 08 Dec 2021 09:07 PM IST
सार

हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन देने से इंकार कर दिया है। अब इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। प्राइवेट स्कूल संघ ने नाराजगी जताई है और आंदोलन की चेतावनी दी है।

विज्ञापन
Haryana Education Minister refuses to give extension to temporary schools
शिक्षा मंत्री कंवर पाल - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा के एक हजार से अधिक अस्थायी स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने इन स्कूलों को एक्सटेंशन देने से मना कर दिया है। इस पर नाराजगी जताते हुए हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को इस मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। जिस पर उन्होंने अस्थायी स्कूलों की मान्यता अवधि बढ़ाने से साफ मना कर दिया। 

विज्ञापन


संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि शिक्षा मंत्री को सौंपे ज्ञापन में इन स्कूलों की मान्यता अवधि बढ़ाने, नियम-134ए की बकाया राशि, सोसायटी नवीनीकरण का एक अवसर देने, बिना एसएलसी दाखिल बच्चों से एसएलसी लेने, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की जमीन एक समान करने व एमआईएस पोर्टल पर काम कर रहे मिडिल स्कूलों से बोर्ड संबंद्धता फीस भरवाने सहित मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया था।
विज्ञापन


कुंडू व प्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र शास्त्री ने शिक्षा मंत्री के समक्ष सवाल उठाया कि अगर अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन नहीं देन थी तो स्पोर्ट्स फंड क्यों भरवाया। 134-ए की खाली सीटों का ब्योरा भी इन स्कूलों से लिया गया। शिक्षा बोर्ड भिवानी ने मैपिंग की ऑनलाइन फीस भरवा ली है। इन स्कूलों की मान्यता 31 मार्च 2021 को समाप्त हो चुकी है फिर ये सब क्यों करवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री ने संघ के इस एतराज को जायज ठहराया और आश्वस्त किया कि अधिकारियों से बात करेंगे। नियम-134ए की बकाया राशि जल्द जारी की जाएगी। बिना एसएलसी दाखिल बच्चों से यह प्रमाण पत्र लेने व वर्ष 2012 के बाद से सोसाइटी नवीनीकरण करवाने से वंचित स्कूलों को मौका देने का उन्होंने आश्वासन दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed