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मुरथल गैंगरेपः DGP की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट से कड़ी फटकार

Mon, 29 Feb 2016 04:56 PM IST
सुरजीत सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुरजीत सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 29 Feb 2016 04:56 PM IST
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haryana dgp file report on murthal gangrape in highcourt

सोनीपत के मुरथल में हुए कथित गैंगरेप के मामले में होम सेक्रटरी व डीजीपी ने रिपोर्ट दाखिल की, जिस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।

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रिपोर्ट में डीजीपी ने माना कि जाट आंदोलन के दौरान मुरथल ढाबे के पास महिलाओं से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत को लेकर कुछ व्यक्ति पुलिस के पास पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रोडवेज की बसों का प्रबन्ध करके वहां से निकल दिया गया।
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रिपोर्ट देखने के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि जब कथित पीड़ित शिकायत लेकर पहुंचे थे तो बयान दर्ज क्यों नहीं किये और क्यों नहीं, उनके नाम व पते नोट किए गए। हाईकोर्ट ने 10 दिन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। फ़िलहाल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आंदोलन के दौरान 1117 एफआईआर दर्ज की गईं और 147 को गिरफ्तार किया गया है।
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यह भी बताया कि आज 11 बजे तक रोहतक में 200 और झझर में 83 केसों में सम्पति के नुकसान का एक-एक लाख रुपए मुआवजा दे दिया जाएगा। उधर आल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि तोड़ फोड़ में जाटों का हाथ नहीँ था। समिति ने जवाब दाखिल करने के लिए समय माँगा है।

सांसद राजुकमार सैनी को जिम्मेदार ठहराया

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दूसरी ओर, हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करके कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी को हरियाणा की स्थिति के लिए जिम्मेवार ठहराया गया है। साथ ही हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

याचिका अंबाला के परमजीत सिंह गिल ने एडवोकेट एसएस अंटाल के माध्यम से दायर की गई। हालांकि अभी हाईकोर्ट ने इस याचिका पर कोई नोटिस जारी नहीं किया है, लेकिन मामले में सुनवाई मुख्य केस के साथ ही की जाएगी।

याचिका में सैनी पर आरोप लगाया गया है कि वह पिछले एक साल से ‌जाटों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। भाजपा हाईकमान के समझाने के बावजूद उन्होंने बोलना जारी रखा। इस कारण जाटों में रोष फैल गया, जिसका नतीजा जाट आरक्षण आंदोलन रहा।

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