कोरोना से बढ़ा मौत का आंकड़ा, पीजीआई में सात दिन में 46 मरे, अंतिम संस्कार में भी इंतजार
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आमजन को सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि अब मरीजों की संख्या के साथ कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। 10 नवंबर से 17 नवंबर शाम तक हरियाणा के रोहतक पीजीआई में 46 संक्रमित उपचार के दौरान दम तोड़ चुके हैं। पीजीआई में मंगलवार को भी चार मरीजों की मौत हो गई।
स्थिति यह है कि संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग चलती है, क्योंकि नगर निगम की ओर से एक दिन में महज चार शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही शुरू हुई दूसरी लहर कोरोना मरीजों के लिए घातक बन रही है।
तापमान व मौसम परिवर्तन की समस्याओं के साथ कोरोना का हमला सांस के रोगियों के साथ अन्य क्रोनिक बीमारी वालों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है।
एकाएक बढ़ रहे कोरोना मरीजों के मौत के आंकड़े पर पीजीआईएमएस व प्रदेश सरकार भी अलर्ट है और जांच कर रही है कि क्या अतिरिक्त व्यवस्था कर हम कोरोना से हो रही मौत के आंकड़ों को कम कर सकते हैं। इसके लिए पिछले सप्ताह पीजीआईएमएस की ओर से एक एक्सपर्ट की टीम को हिसार भेजा गया था।
गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में प्रदेश भर से और मुख्य रूप से रोहतक जिला के आसपास के मरीज उपचार के लिए आते हैं।
10 नवंबर से ये हुई मौत
- तिथि मृतक
- 10 5
- 11 8
- 12 7
- 13 6
- 14 8
- 15 5
- 16 3
- 17 4
कोरोना से रोजाना मौत हो रही हैं, इसलिए लोगों के लिए जरूरी है कि वह एहतियात बरतें। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन को पालन करते हुए मास्क का प्रयोग करें और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। सबसे अहम यह है कि मरीज समस्या होते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करे, क्योंकि अधिक स्थिति बिगड़ने के बाद मरीजों को संभालना मुश्किल हो जाता है। - डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस।