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कच्चे कर्मचारियों को जल्द मिल सकता है ये तोहफा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Feb 2014 12:09 AM IST
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मुख्य सचिव एससी चौधरी ने हरियाणा सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के संकेत दिए हैं। इसका ऐलान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 26 फरवरी को कर्मचारी तालमेल समिति के सदस्यों से बातचीत में करेंगे।
मुख्य सचिव एससी चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को तालमेल समिति के सदस्यों सुभाष लांबा, जीवन सिंह, राज सिंह दहिया, धर्मबीर फौगाट, अमर सिंह यादव, कंवर सिंह यादव, सरबत पूनिया, राजीव जौली, ओमप्रकाश खर्ब और अन्य के साथ बैठक हुई। इसमें गृह सचिव पीके गुप्ता, डीजीपी एसएन वशिष्ठ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों भी मौजूद थे।
बैठक के बाद मुख्य सचिव ने बताया कि रेगुलराइजेशन पॉलिसी में संशोधन पर बातचीत हुई। कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति से विचार किया गया।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ होने वाली बैठक में होगा। सीएम के साथ तालमेल समिति की बैठक 26 फरवरी को होगी। उससे पहले 25 फरवरी को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों के साथ वेतन विसंगित मामले पर विचार-विमर्श होगा।
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उन्होंने कहा कि समिति सदस्यों के साथ पहले बैठक हुई थी, उसमें तीन कमेटियां गठित हुई थीं। रेगुलराइजेशन पॉलिसी पर आईइएस अनुराग अग्रवाल की कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। श्रम कानून कड़ाई से लागू करने का फैसला किया गया है।
दो साल की सेवा वाले हों पक्के : तालमेल समिति
तालमेल समिति के सदस्यों सुभाष लांबा ने कहा कि बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में सरकार को साफ-साफ कह दिया है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के सिवाए कोई चारा नहीं है।
प्रदेश सरकार ऐसा फैसला करने में सक्षम है। दो साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त के पक्का किया जाए। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि यह फैसला वह नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री के साथ 26 फरवरी को बैठक करने का फैसला किया गया है।
लांबा ने कहा कि यदि दो साल तक की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया गया, तो उसी दिन कर्मचारी तालमेल समिति आंदोलन की घोषणा कर देगी। यदि दो साल वाले कच्चे कर्मचारी पक्के होंगे तो इसका फायदा करीब 75 हजार कर्मियों को होगा।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी पूरी तरह बंद करने, रोडवेज के 3519 प्राइवेट बस परमिट रद्द करने, ठेके या कांट्रैक्ट पर लगे कच्चे कर्मचारियों को पूरा वेतनमान देने, एसीपी स्केल देने, पंजाब और केंद्र के समान वेतनमान देने जैसी कई मांगों पर चर्चा हुई। अब 26 फरवरी की बैठक पर निगाहें टिकी हुई हैं।
अफसरों ने तैयार नहीं की थी रेगुलराइजेशन पालिसी
अफसरों ने मंगलवार की बैठक के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी तैयार नहीं की थी। वर्ष 2011 में जो पालिसी जारी की थी, सिर्फ उसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था। संशोधन भी सिर्फ रोजगार कार्यालय से नाम मांगने, विभागीय चयन समिति से चयन होने की शर्त रद्द करने तक सीमित थी।
मगर, कर्मचारी तालमेल समिति ने चुनाव के मद्देनजर सरकार पर पूरा जोर डाल दिया और दो साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। उन्होंने बैठक के अंदर ही ऐलान किया था कि इससे कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। तब मुख्य सचिव ने कहा कि चूंकि यह फैसला मुख्यमंत्री कर सकते हैं, इसलिए उनके साथ बैठक करने का फैसला किया गया।
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मुख्य सचिव एससी चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को तालमेल समिति के सदस्यों सुभाष लांबा, जीवन सिंह, राज सिंह दहिया, धर्मबीर फौगाट, अमर सिंह यादव, कंवर सिंह यादव, सरबत पूनिया, राजीव जौली, ओमप्रकाश खर्ब और अन्य के साथ बैठक हुई। इसमें गृह सचिव पीके गुप्ता, डीजीपी एसएन वशिष्ठ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों भी मौजूद थे।
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बैठक के बाद मुख्य सचिव ने बताया कि रेगुलराइजेशन पॉलिसी में संशोधन पर बातचीत हुई। कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति से विचार किया गया।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ होने वाली बैठक में होगा। सीएम के साथ तालमेल समिति की बैठक 26 फरवरी को होगी। उससे पहले 25 फरवरी को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों के साथ वेतन विसंगित मामले पर विचार-विमर्श होगा।
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उन्होंने कहा कि समिति सदस्यों के साथ पहले बैठक हुई थी, उसमें तीन कमेटियां गठित हुई थीं। रेगुलराइजेशन पॉलिसी पर आईइएस अनुराग अग्रवाल की कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। श्रम कानून कड़ाई से लागू करने का फैसला किया गया है।
दो साल की सेवा वाले हों पक्के : तालमेल समिति
तालमेल समिति के सदस्यों सुभाष लांबा ने कहा कि बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में सरकार को साफ-साफ कह दिया है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के सिवाए कोई चारा नहीं है।
प्रदेश सरकार ऐसा फैसला करने में सक्षम है। दो साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को बिना शर्त के पक्का किया जाए। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि यह फैसला वह नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री के साथ 26 फरवरी को बैठक करने का फैसला किया गया है।
लांबा ने कहा कि यदि दो साल तक की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया गया, तो उसी दिन कर्मचारी तालमेल समिति आंदोलन की घोषणा कर देगी। यदि दो साल वाले कच्चे कर्मचारी पक्के होंगे तो इसका फायदा करीब 75 हजार कर्मियों को होगा।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी पूरी तरह बंद करने, रोडवेज के 3519 प्राइवेट बस परमिट रद्द करने, ठेके या कांट्रैक्ट पर लगे कच्चे कर्मचारियों को पूरा वेतनमान देने, एसीपी स्केल देने, पंजाब और केंद्र के समान वेतनमान देने जैसी कई मांगों पर चर्चा हुई। अब 26 फरवरी की बैठक पर निगाहें टिकी हुई हैं।
अफसरों ने तैयार नहीं की थी रेगुलराइजेशन पालिसी
अफसरों ने मंगलवार की बैठक के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी तैयार नहीं की थी। वर्ष 2011 में जो पालिसी जारी की थी, सिर्फ उसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था। संशोधन भी सिर्फ रोजगार कार्यालय से नाम मांगने, विभागीय चयन समिति से चयन होने की शर्त रद्द करने तक सीमित थी।
मगर, कर्मचारी तालमेल समिति ने चुनाव के मद्देनजर सरकार पर पूरा जोर डाल दिया और दो साल की सेवा वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। उन्होंने बैठक के अंदर ही ऐलान किया था कि इससे कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। तब मुख्य सचिव ने कहा कि चूंकि यह फैसला मुख्यमंत्री कर सकते हैं, इसलिए उनके साथ बैठक करने का फैसला किया गया।