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हरियाणा: आंदोलनकारी किसानों को सीएम मनोहर लाल की दो टूक, हमारे संयम की परीक्षा न लें
Wed, 30 Jun 2021 02:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 30 Jun 2021 02:26 PM IST
सार
मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने कहा कि आंदोलन पहले भी होते रहे हैं, लेकिन हम संयम इसलिए बरत रहे हैं कि किसान शब्द की पवित्रता बनी रहे। अगर किसान शब्द की पवित्रता खत्म कर दी, तो यह किसानों का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। मेरी अपील है कि किसानों का नुकसान न करें।
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चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को आंदोलनकारी किसानों को दो टूक कहा कि वह पहले भी बहुत बार अपील कर चुके हैं, लेकिन अब लंबा समय हो चुका है। आंदोलन संयम में रहकर चलाया जाए तो ठीक रहेगा और जब तक टकराव नहीं है, संयम भी तब तक ही रहेगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को सात महीने बीत चुके हैं और इस दौरान आम जनता हकीकत जान चुकी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संयम बरत रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ से ऐसा नहीं है। मंत्रियों को रास्ता नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री का रास्ता रोकना, उपमुख्यमंत्री या विधायक कोई हो उसे नहीं जाने दिया जा रहा है, यह सही नहीं है। आखिर सरकार में जो लोग हैं उनकी जिम्मेदारी है जनता में जाना और जनता की बातों को सुनना। लेकिन जिस प्रकार से नोटिस निकाला जाता है और भाषा चुनौतीपूर्ण होती है, यह अलोकतांत्रिक है। कई बार छींटाकशी होती है हम संयम बरतते हैं कि आखिरकार सब अपने लोग हैं, हरियाणा से बाहर के नहीं है, लेकिन सीमा से आगे बढ़ना यह किसी के हित में नहीं है।
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किसान पवित्र शब्द, इसमें सभी की आस्था
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसान शब्द बहुत पवित्र शब्द है, किसान के प्रति सभी की एक श्रद्धा और आस्था है। लेकिन आंदोलन का दुखद पहलू यह है कि कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जो इस शब्द को बदनाम कर रही हैं। बहन बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ हो रहा है, मर्डर हो रहे हैं और स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो रहा है। एक-दूसरे के खिलाफ भाषण दे रहे हैं और यह अलोकतांत्रिक है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान ने नए कृषि बिल में कमियां बताए बगैर एक ही बात बार-बार कह रहे हैं कि नए कानून रद्द करो। किसानों को जिद छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही कृषि मंत्री ने बात करने के लिए कहा है, लेकिन किसान इस शर्त के साथ आए कि बिल वापस करो। यह संभव नहीं है।
जींद की घटना का दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में हमें कहना पड़ा कि लिखकर दो कि आंदोलन शांतिपूर्वक चलाएंगे। इसके बाद आंदोलनकारियों को लिख कर देना पड़ा। अगर हिंसा करेंगे तो कार्रवाई होगी, एफआईआर भी होगी और कोर्ट का नोटिस भी जाएगा। एक सीमा तक संयम बरतना अच्छा लगता है।
कंडेला जैसे कांड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन पहले भी होते रहे हैं, लेकिन हम संयम इसलिए बरत रहे हैं कि किसान शब्द की पवित्रता बनी रहे। अगर किसान शब्द की पवित्रता खत्म कर दी, तो यह बहुत बड़ा नुकसान किसानों का कर रहे हैं, किसानों का नुकसान न करें यह मेरी अपील है। केंद्र सिर्फ दो फसलों पर एमएसपी देता है। हम 10 फसलों की खरीद करते हैं। बाजरे की खरीद में 800 करोड़ से ज्यादा घाटा हो रहा है। मूंग, कपास, मक्का, चना की भी हम खरीद करते हैं, दालें और तिलहन भी खरीदते हैं। किसानों के हित में हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा दिया है।
गडकरी ने जताया एतराज, कहा-टोल खुलवाओ
मुख्यमंत्री मनोहर लाल मनाली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि जो टोल किसानों ने फ्री करवा रखे हैं उन पर गडकरी ने एतराज जताया है और चालू करवाने के लिए कहा है। हमने कहा है कि आपकी प्रॉपर्टी है आप चालू करवाओ। केएमपी के तीन टोल एचएसआईआईडीसी के हैं, वो हमने चालू करवा दिए हैं।
कांग्रेस का किया धरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो आंदोलनकारी बैठे हैं वो वास्तव में किसान नहीं है। पंजाब में चुनाव आ रहा है, इसलिए सरकार को बदनाम करने की मंशा है। कांग्रेस यह चाहती है कि सरकार को बदनाम किया जाए। मुट्ठी भर लोग हैं बहुत ज्यादा नहीं है। भले ही मुट्ठी भर हैं तो भी अपने हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से मुलाकात हुई थी। उन्होंने किसान आंदोलन के कारण बंद टोल को खुलवाने पर चर्चा की। इस पर उन्हें बताया कि हमने केएमपी के अपने तीन टोल खुलवा लिए हैं। एनएच के टोल खुलवाने के लिए केंद्र सरकार कदम उठाए। गडकरी ने जल्दी उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
एप व पोर्टल किया लांच
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को 'जनसहायक-आपका सहायक' एप स्वामित्व योजना का पोर्टल लांच किया। जनसहायक एप से घर बैठे कई सुविधाएं मिलेंगी। एप के माध्यम से नागरिक भी सुझाव दे सकेंगे। स्वामित्व योजना पोर्टल शहरी निकाय विभाग के लिए बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसहायक एप सरकार का गेट वे है। एप हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। एप से सर्टिफिकेट संबंधित सारी सुविधाएं मिलेंगी। एप में सीएम विंडो की भी सुविधा है। सरकार से जुड़ी कार्ययोजना, कार्यक्रम, जनसेवाएं, आपता सेवा, नौकरी से संबंधित सभी जानकारी इससे मिलेगी। कल से स्वामित्व पोर्टल शुरू हो जाएगा।