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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana CM Manohar Lal said floods in Delhi due to encroachment and silt in Yamuna

Haryana News: मनोहर लाल ने बताई दिल्ली में बाढ़ की वजह, कहा- यमुना में अतिक्रमण व गाद से बने ये हालात

Thu, 20 Jul 2023 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 20 Jul 2023 12:05 AM IST
सार

हरियाणा सीएम मनोहर लाल ने कहा कि अगर एसवाईएल बनी होती तो पंजाब बाढ़ से बच सकता था। एसवाईएल के साथ लगते पंजाब के इलाकों में पानी नीचे आया है। पंजाब से आए अतिरिक्त पानी को एसवाईएल के जरिये दक्षिण हरियाणा तक पहुंचाया जा सकता था।

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Haryana CM Manohar Lal said floods in Delhi due to encroachment and silt in Yamuna
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आईटीओ बैराज के गेट नहीं खुलने के मामले में गठित जांच कमेटी 23 जुलाई तक रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के दौरान कुछ ऐसे तथ्य ऐसे मिले हैं, जिससे पता चलता है कि अगर दिल्ली सरकार ने थोड़ा सा भी प्रयास किया होता तो आज दिल्ली की जो हालत हुई है, शायद वह नहीं होती। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बाढ़ की वजह आईटीओ के जाम गेट नहीं, बल्कि अतिक्रमण और गाद है।

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दिल्ली में यमुना नदी के क्षेत्र में अतिक्रमण है। साथ ही यमुना नदी पर आईटीओ, ओखला और वजीराबाद के बैराज में काफी गाद जमा है। इन्हें कभी साफ नहीं करवाया गया। उन्होंने बताया कि आईटीओ बैराज के जो पांच गेट बंद थे, उनकी अब उतनी उपयोगिता नहीं रही। अगर वह खुल भी जाते तो दिल्ली का नाममात्र पानी निकलता। 
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साल 2018 के बाद से दिल्ली सरकार ने गेट के रखरखाव के लिए खर्च भी नहीं दिया है। दिल्ली को सिर्फ मुफ्तखोरी की आदत पड़ गई है। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा से यमुना में करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी यमुना में गया तो दिल्ली में यह 11 लाख क्यूसिक कैसे हो गया। यह सोचने की बात है।

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एसवाईएल बनी होती तो पंजाब बच जाता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर एसवाईएल बनी होती तो पंजाब बाढ़ से बच सकता था। एसवाईएल के साथ लगते पंजाब के इलाकों में पानी नीचे आया है। पंजाब से आए अतिरिक्त पानी को एसवाईएल के जरिये दक्षिण हरियाणा तक पहुंचाया जा सकता था।

हरियाणा ने निभाया पड़ोसी धर्म, हिमाचल को देगा पांच करोड़

प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश को हरियाणा का साथ मिला है। पड़ोसी धर्म का पालन करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हिमाचल प्रदेश के बाढ़ राहत कोष में पांच करोड़ की धनराशि देने का फैसला लिया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने हिमाचल प्रदेश की मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया है। 



चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बाढ़ से हिमाचल को काफी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश की मदद करने का फैसला लिया है। पिछले दिनों दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच फंसे पर्यटकों को लेकर बातचीत भी हुई थी। हिमाचल में आपदा के दौरान हरियाणा के पर्यटक मनाली के पास फंस गए थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आग्रह पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर उन्हें हरियाणा पहुंचाया था।

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