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भ्रष्ट अफसरों की खैर नहीं, विजिलेंस ने 281 मामले दर्ज कर शुरू की जांच, हर विभाग पर पैनी नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 26 Apr 2017 01:45 PM IST
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मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की खट्टर सरकार में भ्रष्ट अफसरों के दिन लद गए हैं। सत्ता संभालने के बाद से सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को राज्य विजिलेंस ब्यूरो कड़ाई से अंजाम देने में जुटा है।
विजिलेंस ने 26 अक्टूबर 2014 से 17 अप्रैल 2017 तक 281 मामले दर्ज किए हैं। इनमें भ्रष्टाचार, सरकारी धन के गबन और आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में चार आईएएस, तीन एचसीएस, छह मुख्य अभियंता, 39 कार्यकारी अभियंता, चार तहसीलदार, तीन नायब तहसीलदार और 40 उप मंडल अधिकारी, उप मंडल अभियंता या नगर अभियंताओं सहित अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
इस अवधि के दौरान 163 जांचों को पूरा किया गया है, इसके आधार पर 30 राजपत्रित अधिकारियों, 29 अराजपत्रित अधिकारियों, 25 अन्य के खिलाफ 30 आपराधिक मामले दर्ज करने और 53 जांच में दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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विजिलेंस ने 26 अक्टूबर 2014 से 17 अप्रैल 2017 तक 281 मामले दर्ज किए हैं। इनमें भ्रष्टाचार, सरकारी धन के गबन और आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप में चार आईएएस, तीन एचसीएस, छह मुख्य अभियंता, 39 कार्यकारी अभियंता, चार तहसीलदार, तीन नायब तहसीलदार और 40 उप मंडल अधिकारी, उप मंडल अभियंता या नगर अभियंताओं सहित अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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इस अवधि के दौरान 163 जांचों को पूरा किया गया है, इसके आधार पर 30 राजपत्रित अधिकारियों, 29 अराजपत्रित अधिकारियों, 25 अन्य के खिलाफ 30 आपराधिक मामले दर्ज करने और 53 जांच में दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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भ्रष्टाचार के आरोप में अब तक कई आईएएस नपे
Haryana CM Manohar lal khattar
- फोटो : अमर उजाला
छह जांच में आपराधिक मुकदमे दर्ज करने का सुझाव भी दिया गया है। विजिलेंस ने 323 छापे मारकर 32 राजपत्रित अधिकारियों, 314 अराजपत्रित अधिकारियों और 43 अन्य व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
विजिलेंस के तकनीकी विंग ने 226 मामलों का आकलन कर अनेक विभागों के 323 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे 7.21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली करने की सिफारिश की है।
विजिलेंस की ओर से इस सरकार में दर्ज 97 आपराधिक मुकद्दमों में कोर्ट ने 109 अधिकारियों एवं कर्मचारियों और 38 अन्य व्यक्तियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। सभी मामलों में आरोपियों को अदालत से पांच साल तक की कठोर कारावास की सजा हुई है।
विजिलेंस के तकनीकी विंग ने 226 मामलों का आकलन कर अनेक विभागों के 323 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे 7.21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली करने की सिफारिश की है।
विजिलेंस की ओर से इस सरकार में दर्ज 97 आपराधिक मुकद्दमों में कोर्ट ने 109 अधिकारियों एवं कर्मचारियों और 38 अन्य व्यक्तियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। सभी मामलों में आरोपियों को अदालत से पांच साल तक की कठोर कारावास की सजा हुई है।