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हरियाणा में सरकारी वाहन का निजी उपयोग करने के लिए देने होंगे पैसे: सीएम खट्टर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:37 AM IST
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के सभी अफसरों और पदाधिकारियों के लिए एक आदेश दिया है, जो काफी हैरान करने वाला है। दरअसल, सीएम खट्टर ने सरकारी वाहन के प्रयोग को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने कहा कि अब अगर किसी अफसर को निजी काम के लिए सरकारी वाहन का प्रयोग करना है तो उसे भुगतान करना होगा। भुगतान के तहत एक हजार किलोमीटर के लिए प्रति माह एक हजार रुपये देने होंगे।
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सीएम खट्टर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि पहले अधिकारी पैसा तो दें। बता दें कि हरियाणा सरकार ने वीरवार को दिशानिर्देश जारी करके कहा था कि अफसरों को अब अपने घर से ऑफिस जाने और 1,000 किलोमीटर तक गैर-आधिकारिक यात्रा के लिए सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करने पर 1,000 देने होंगे। इससे पहले उन्हें 400 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 400 हर महीने देने होते थे। हालांकि, मंत्रियों को पहले की तरह ही 400 रुपये का हर महीने भुगतान करना होगा।#WATCH Haryana CM Manohar Lal Khattar reacts to Haryana govt's order which allows state officials to use govt vehicles for personal work - Rs.1000 for 1000 km per month. (04.10.2018) pic.twitter.com/L424KAejmL
— ANI (@ANI) October 5, 20विज्ञापन
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जिन लोगों और कर्मियों पर यौन अपराधों में तय हो चुके हैं आरोप, उनके वित्तीय लाभ बंद
manohar lal khattar
- फोटो : ANI
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए थे कि सभी डीसी सीसीटीएनएस पासवर्ड शेयर कर यौन अपराधों में आरोप तय हो चुके कर्मचारियों और लोगों के सरकार की ओर से दिए जा रहे वित्तीय लाभ तत्काल बंद कर दें। इसके अलावा दहेज हत्या, दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास, यौन उत्पीड़न, फब्तियां कसने, तेजाब फेंकने, महिला तस्करी, महिलाओं का तस्करी कर शोषण करने का मामला दर्ज होते ही उसमें संलिप्त, कर्मचारियों, आम लोगों व छात्रों के सभी वित्तीय लाभ बंद कर दिए जाएं।
मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए यौन अपराधों में फंसे राज्य के सैकड़ों कर्मचारियों और अन्य लोगों के वित्तीय लाभ तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं। कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी नहीं मिलेगी। इसके अलावा सभी आरोपी कर्मचारी, जिन पर आरोप तय हो चुके हैं, उनके आर्म्स लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार के मानिटरिंग एंड कोआर्डिनेशन सेल ने इस संबंध में शुक्रवार शाम आदेश जारी कर दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्किल डवलपमेंट और आईटीआई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव, सभी मंडलायुक्तों, आईजी व पुलिस आयुक्तों, डीसी एवं एसपी को आदेशों की प्रति तत्काल प्रभाव से अमल में लाने के लिए भेजी गई है। आदेशों में साफ कहा गया है कि कर्मचारियों, छात्रों के अलावा जिन भी लोगों पर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध करने के आरोप तय हो चुके हैं, उनकी सामाजिक पेंशन, छात्रवृत्ति रोकने के अलावा आर्म्स लाइसेंस अगर हैं तो रद्द कर दिए जाएं।
डीसी को सभी चार्जशीट कर्मियों की तैयारी करनी होगी सूची
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मॉनिटरिंग एवं कोआर्डिनेशन सेल ने सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार्जशीट कर्मियों की सूची तैयार करें। 30 जून 2018 तक का इसमें ब्योरा होना जरूरी है। यौन अपराधों चार्जशीट कर्मचारियों की तत्काल प्रभाव से वित्तीय लाभ बंद कर सभी डीसी 31 अगस्त तक सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए यौन अपराधों में फंसे राज्य के सैकड़ों कर्मचारियों और अन्य लोगों के वित्तीय लाभ तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं। कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी नहीं मिलेगी। इसके अलावा सभी आरोपी कर्मचारी, जिन पर आरोप तय हो चुके हैं, उनके आर्म्स लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार के मानिटरिंग एंड कोआर्डिनेशन सेल ने इस संबंध में शुक्रवार शाम आदेश जारी कर दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्किल डवलपमेंट और आईटीआई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव, सभी मंडलायुक्तों, आईजी व पुलिस आयुक्तों, डीसी एवं एसपी को आदेशों की प्रति तत्काल प्रभाव से अमल में लाने के लिए भेजी गई है। आदेशों में साफ कहा गया है कि कर्मचारियों, छात्रों के अलावा जिन भी लोगों पर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध करने के आरोप तय हो चुके हैं, उनकी सामाजिक पेंशन, छात्रवृत्ति रोकने के अलावा आर्म्स लाइसेंस अगर हैं तो रद्द कर दिए जाएं।
डीसी को सभी चार्जशीट कर्मियों की तैयारी करनी होगी सूची
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मॉनिटरिंग एवं कोआर्डिनेशन सेल ने सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार्जशीट कर्मियों की सूची तैयार करें। 30 जून 2018 तक का इसमें ब्योरा होना जरूरी है। यौन अपराधों चार्जशीट कर्मचारियों की तत्काल प्रभाव से वित्तीय लाभ बंद कर सभी डीसी 31 अगस्त तक सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।