खट्टर सरकार के 7 दिन, पढ़ें लेखा-जोखा
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हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का एक सप्ताह का कार्यकाल पूरा हो गया है। पहली बार विधायक से मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर ने इस दौरान कामों को समझा और कुछ नई योजनाओं की घोषणाएं भी कीं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामले की जांच करवाने की बात कही। उसके बाद मुख्यमंत्री ने वाड्रा लैंड मामले की जांच करवाने के मामले पर कहा कि सरकार बदले की भावना से कोई काम नहीं करेगी।
इसमें कानून के तहत ही काम किया जाएगा, वहीं पिछली भूपेंद्र हुड्डा सरकार केकार्यकाल में 16 मई के बाद की घोषणाओं और आयोग की नियुक्तियों पर रोक लगा दी।
नमो की तर्ज पर जुड़ रहे लोगों से
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाइडलाइन में प्रदेश में एक नवंबर से स्वच्छता अभियान और 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को एकता दिवस का नाम देकर लोगों को जोड़ने का प्रयास किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की संख्या कम कर सरकारी खर्चे को भी कम करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल ने भी अपने विभागों की खामियों को पूरा करने को प्राथमिकता देने के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।
मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने 26 अक्तूबर को शपथ ली थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अपने मंत्रियों को मौखिक तौर पर सरकारी कामों में रिश्तेदारों और करीबियों को दूर रखने की सलाह दी।
कौन-कौन से बड़े काम किए
- मुख्यमंत्री का पद संभालते ही 27 अक्तूबर को कैबिनट की बैठक बुलाकर पिछली सरकार के निर्णयों पर रोक लगाते हुए समीक्षा करने का फैसला लिया। ऐसे में एक नवंबर से पंजाब की तर्ज पर मिलने वाले कर्मचारियों के वेतन और बुजुर्गों की बढ़ी हुई पेंशन के निर्णय पर रोक लगा दी।
- 30 अक्तूबर को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता बरतने के लिए हरियाणा पुलिस भर्ती में इंटरव्यू सिस्टम बंद करने का अहम फैसला लिया।
- अनुशासन प्रिय मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ सहित हरियाणा के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत देने के साथ-साथ लोगों के काम और समस्याएं प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए। 31 अक्तूबर को वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सभी विभागों की कार्यप्रणाली ऑनलाइन करने की घोषणा की।
- चंडीगढ़ को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बयान के बाद उपजे विवाद को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शांत किया। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेश भाई-भाई हैं और आपसी बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा।
- इसी दिन ही सभी जिलों में सीएम विंडो शुरू करने का फैसला लिया। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने फास्ट ट्रायल क्लीयरंस योजना लागू करने की घोषणा की।