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हरियाणा: सीएम मनोहर लाल बोले- भ्रष्टाचार मामलों में मेरा कोई सगा नहीं, दोषी नपेंगे, पदक लाने वाले खिलाड़ियों को मिलती रहेगी नौकरी

Tue, 22 Mar 2022 11:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 22 Mar 2022 11:04 PM IST
सार

मनोहर लाल ने कहा कि पदक लाने वाले खिलाड़ियों को खेल कोटे के तहत ए, बी, सी और डी श्रेणी की नौकरी पहले की तरह मिलती रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदक लाओ-पद पाओ नीति के तहत पदक लाने वालों की संख्या कम है, जबकि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा रहती है।

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Haryana CM Manohar Lal held a press conference after the budget session
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में मेरा कोई सगा नहीं है, जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। हर आरोपी के खिलाफ जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई आईएएस अधिकारी व अन्य कोई भी हो। मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा का बजट सत्र संपन्न होने के बाद प्रेसवार्ता कर रहे थे। फरीदाबाद नगर निगम में भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस अधिकारियों का नाम सामने आने पर उन्होंने यह बात कही। 

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उन्होंने कहा कि नगर निगम घोटाले पर सरकार नजर बनाए हुए है। उनकी कोशिश है कि निर्दोष कोई न फंसे और दोषी बच न पाए। एक-एक केस की जांच गहनता से चल रही है। एक दिन पहले भी एक जांच की रिपोर्ट आई है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है। अंत्योदय के मूलमंत्र को कांग्रेस विधायक अमित सिहाग ने भी समझा है और उसकी चर्चा सदन में भी की है।
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27 मार्च को तिगांव में रैली
सीएम ने कहा कि कोविड की वजह से पिछले काफी समय से उनके कार्यक्रम नहीं हो पा रहे थे। अब 27 मार्च से तिगांव रैली के साथ इनकी शुरुआत होगी। इसके बाद अप्रैल में सफीदों में एक रैली की जाएगी। गरीब व छोटे किसानों को वित्तीय प्रबंधन पर सलाह देने के लिए चार-पांच व्यक्तियों की एक समर्पित टीम लगाई जाएगी।

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50 घंटे तक हुई चर्चा 
बजट सत्र की करीब 12 बैठकें बुलाई गईं, जिनमें सदन में 50 घंटे तक चर्चा हुई। 15 अहम विधेयक पारित हुए। बजट पर अपने बहुमूल्य सुझाव लेने के लिए विभिन्न क्षेत्र के 477 हितधारकों के साथ बजट पूर्व आठ बैठकें की गईं, जिनमें एम्स और मेदांता के डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष तो बजट का सही उच्चारण भी नहीं कर पा रहा है। वे बजट को समझने का दावा कैसे कर सकते हैं। विपक्ष यह समझने में विफल रहा है कि बजट का परिव्यय सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने पर आधारित है। 

पदक लाने वालों को मिलती रहेंगी पहले की तरह नौकरियां
मनोहर लाल ने कहा कि पदक लाने वाले खिलाड़ियों को खेल कोटे के तहत ए, बी, सी और डी श्रेणी की नौकरी पहले की तरह मिलती रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदक लाओ-पद पाओ नीति के तहत पदक लाने वालों की संख्या कम है, जबकि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा रहती है। वहीं, गलत ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामले अब सामने आ रहे हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के तीन प्रतिशत कोटे को खत्म कर दिया था। बाकायदा मुख्य सचिव की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी की नौकरियों में खिलाड़ियों का कोटा खत्म करने की जानकारी दी गई थी। सरकार के इस फैसले का खिलाड़ी विरोध कर रहे हैं। सोमवार को ओलंपियन बाक्सर बिजेंद्र सिंह की अगुवाई में खिलाड़ियों ने भिवानी में प्रदर्शन भी किया था। 

एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 10 से 20 प्रतिशत तक बनी हुई कॉलोनी भी अधिकृत हो सकेंगी। इस तरह की कॉलोनी यदि खाली पड़ी है तो उसके डेवलेपमेंट चार्ज बिल्डर को देना होगा। जहां पर मकान बने हुए हैं, उन्हें कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत चार्ज देना होगा।

थोथी घोषणाएं करने में सरकार का विश्वास: हुड्डा
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी-जेजेपी सरकार सिर्फ थोथी घोषणाएं करने में विश्वास रखती है। हर बजट में सरकार यह सोचकर घोषणा करती है कि उसको पूरा नहीं करना है। वो चाहे हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा हो या फिर अन्य घोषणाएं। हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने प्रदेश को कर्ज में डुबोने के सिवाय कोई कार्य नहीं किया। इस सरकार की कारगुजारियों के चलते आज प्रदेश लगभग तीन लाख करोड़ के कर्ज तले दब गया है। 

हालात ऐसे हो गए हैं कि रूटीन के कामों और कर्ज उतारने के लिए भी सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। बावजूद इसके सरकार ने बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की हैं। इनको पूरा करने के लिए ना सरकार के पास पैसा है और ना ही कोई नीयत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में एक लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि पूरे साल में प्रदेश में महज 1600 करोड़ रुपये का ही निवेश हुआ है। ऐसे में एक लाख करोड़ निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने में 50 वर्ष से भी ज्यादा का समय लगेगा। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस बजट से किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटा व्यापारी, बेरोजगार समेत हर वर्ग को निराशा हाथ लगी है। सर्वाधिक बेरोजगारी, रिकॉर्ड महंगाई, आर्थिक मंदी, अर्थव्यवस्था की जर्जर हालत जैसी चुनौतियों से निपटने में यह बजट फेल साबित होगा।

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