दिशा समिति की बैठक: खनन क्षेत्रों में लगेंगे पीजोमीटर, ड्राप आउट रोकने को ट्रैकिंग प्रणाली
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक में भाग लिया।
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हरियाणा सरकार ने अवैध खनन रोकने और भूजल स्तर में सुधार के लिए खनन स्थलों पर पीजोमीटर लगाने का फैसला लिया है। पीजोमीटर से वास्तविक भूजल स्तर की जानकारी मिल सकेगी, साथ ही अवैध खनन पर नियंत्रण लग सकेगा। खनन स्थलों के पांच किलोमीटर के दायरे में सभी सड़कों का रखरखाव संबंधित खनन ठेकेदार को ही करना होगा। वहीं, स्कूलों में ड्राप आउट रोकने के लिए सरकार ट्रैकिंग प्रणाली तैयार करेगी। यह फैसले मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक में लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन स्थलों पर भूजल का अत्यधिक दोहन करने के कारण इसमें कमी आ रही है, जिससे अवैध खनन की संभावना बढ़ जाती है। इस नियंत्रण के लिए अधिकारी कड़ी निगरानी रखें। स्कूल ड्रॉप आउट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग तक के प्रत्येक छात्र की आयु-वार ट्रैकिंग की एक नई प्रणाली लागू करेगा।
इस प्रणाली के तहत, उपरोक्त आयु वर्ग के बच्चे, जो परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) डाटा में पंजीकृत हैं, उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा ट्रैक किया जाएगा ताकि ऐसे सभी बच्चों के बारे में वास्तविक समय की जानकारी एकत्र की जा सके और ड्रॉप आउट दर को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को जिला स्तरीय दिशा समितियों की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए ताकि इन बैठकों में उठाए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को राज्य स्तरीय दिशा समिति में रखा जा सके।
बैठक में ये रहे शामिल
बैठक की सह-अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने की। मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी एस ढेसी, वी उमाशंकर, डॉ. अमित अग्रवाल, आशिमा बराड़ व विभागों के प्रशासनिक सचिव मौजूद रहे। जबकि जिला उपायुक्तों, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला नगर आयुक्तों वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। वहीं, सांसद संजय भाटिया, धर्मबीर सिंह, अरविंद शर्मा और राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीपी वत्स, विधायक निर्मल रानी भी मौजूद रहीं। सांसद बृजेंद्र सिंह वीसी से बैठक में शामिल हुए।
जनहित की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इनमें 28 विभागों से जुड़ी तमाम योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना से जोड़ा जाए ताकि पात्र परिवारों को स्वरोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
उज्ज्वला योजना के तहत दिए जाने वाले रसोई गैस कनेक्शन के संबंध में निर्देश देते हुए मनोहर लाल ने कहा कि प्रत्येक जिला उपायुक्त सुनिश्चित करे कि कोई भी परिवार गैस कनेक्शन से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर दूसरी और तीसरी किस्त जल्दी जारी करने को कहा गया। वहीं, अंत्योदय आहार और अटल किसान कैंटीन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
लाल डोरा से एक किलोमीटर के दायरे तक घरों को मिलेगा बिजली कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विभाग लाल डोरा से एक किलोमीटर के दायरे तक सभी घरों में बिजली कनेक्शन देने की संभावनाएं तलाशे। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में लाल डोरा के भीतर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। फिर भी कोई बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करता है, तो विभाग आवश्यकतानुसार कनेक्शन प्रदान करता है।
छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक शिक्षक को बनाया जाए नोडल अधिकारी
बैठक के दौरान सांसदों ने छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रणाली बनाने की मांग उठाई। इसे स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए, जो सभी रूटों की निगरानी रखेगा, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।