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SYL पर हरियाणा सीएम खट्टर ने साफ किया अपना रुख, दिखाए तल्ख तेवर

Fri, 21 Apr 2017 11:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 21 Apr 2017 11:01 AM IST
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Haryana CM khattar Clears His Stand on SYL Verdict
अमित शाह और CM खट्टर के बीच बातचीत
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एसवाईएल को लेकर अपना स्टैंड साफ कर दिया है। वहीं तल्ख तेवर दिखाते हुए दो टूक बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोर्ट के बाहर बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के नहर निर्माण को लेकर दिए गए फैसले को लागू कराया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के संदेश के बाद ही हरियाणा के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा था।
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एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है। अब इसमें बीच का रास्ता निकालने की कोई गुंजाइश नहीं है। पीएम के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान भुवनेश्वर में भी उनकी बातचीत हुई है। उन्होंने एसवाईएल को लेकर सभी पहलुओं से पीएम को अवगत कराया है। खट्टर ने बताया कि वीरवार को उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इस दौरान उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य को लेकर भी पूछा।
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इसके साथ ही हरियाणा में तीन पासपोर्ट केंद्र खोलने के लिए आभार जताया। सीएम ने कहा कि अगर पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा से किसी मामले में ईडी ने पूछताछ की है तो ये प्रवर्तन निदेशालय की जिम्मेदारी है, उसने अपने दायित्वों का निर्वाहन किया होगा। जांच करना भी निदेशालय का काम है और उसे वह करेगा ही। विधायकों के बगावती तेवरों पर सीएम ने कहा कि पार्टी में ऐसा कुछ नहीं है।
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एसवाईएल के अधूरे हिस्से का जल्दी निर्माण कराए केंद्र सरकार

Haryana CM khattar Clears His Stand on SYL Verdict
Haryana CM Manohar lal khattar - फोटो : अमर उजाला
एसवाईएल को लेकर नई दिल्ली में हुई मुख्य सचिव स्तर की वार्ता में हरियाणा ने अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए नहर के अधूरे हिस्से के जल्द निर्माण की मांग उठाई है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव डॉ. अमरजीत सिंह से वीरवार को मुलाकात की।

नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में मुलाकात के दौरान ढेसी ने नहर के निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों और राष्ट्रपति संदर्भ का हवाला देते हुए हरियाणा की पैरवी की। उन्होंने बताया कि हरियाणा के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने 28 नवंबर 2016 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा था।

उस पर संज्ञान लेते हुए आगामी कार्रवाई के लिए वीरवार को केंद्रीय जल संसाधन सचिव ने हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिव के साथ बैठक की। उन्होंने जल संसाधन सचिव से कहा कि केंद्र सरकार नहर के अधूरे हिस्से का जल्दी निर्माण कराए।

इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी तथा इंजीनियर इन चीफ बीरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

दो मुद्दों को प्रमुखता से उठाया

Haryana CM khattar Clears His Stand on SYL Verdict
मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव ढेसी ने एसवाईएल के विषय में दो मुद्दों का प्रमुखता से जिक्र किया। पहला उच्चतम न्यायालय के जनवरी 2002 व जून 2004 में आए निर्णय तथा दूसरा 10 नवंबर 2016 को राष्ट्रपति संदर्भ पर आया निर्णय।

ढेसी ने केंद्रीय मंत्रालय के सचिव को बताया कि हरियाणा सरकार ने इनके क्रियान्वयन के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जून 2016 को एक्जीक्यूशन एप्लीकेशन डाली हुई है। इस पर 10 और 12 अप्रैल को सुनवाई हो चुकी है और आगामी 27 अप्रैल को भी सुनवाई होनी है। केंद्र सरकार से आग्रह है कि उच्चतम न्यायालय के अंतिम निर्णय को भी लागू कराया जाएगा।

केंद्र स्थापित कर रहा समन्वय : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एसवाईएल मामले में अपना फैसला हरियाणा के हक में दिया है। इसके तहत केंद्र सरकार अच्छी पहल करते हुए दोनों प्रदेशों में समन्वय स्थापित कर नहर निर्माण का रास्ता साफ कर रही है।
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