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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Chief Minister Manohar Lal unveiled statue of Netaji Subhash Chandra Bose at MLA Hostel 

पराक्रम दिवस: चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल में नेताजी की प्रतिमा का अनावरण, पार्क में लगाई गई प्रतिमा

Sun, 23 Jan 2022 12:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 23 Jan 2022 12:50 PM IST
सार

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि जब देश आजाद नहीं था तब भी नेता जी ने शैडो सरकार बनाई, जिसको कई देशों ने भी मान्यता दी। जिस अंग्रेजी सरकार का सूरज नहीं डूबता था, नेता जी ने उसकी जड़ें हिलाने का काम किया था।  

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Haryana Chief Minister Manohar Lal unveiled statue of Netaji Subhash Chandra Bose at MLA Hostel 
नेताजी सुभाष चंद्र बोस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बारिश की तेज फुहारों और शीतलहर के बीच रविवार को एमएलए हॉस्टल में देशभक्ति की गर्माहट देखने को मिली। हरियाणा विधानसभा की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पराक्रम दिवस मनाया गया। समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के भाषणों ने नेताजी की यादों को ताजा कर दिया।

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विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा और विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने भी नेताजी से जुड़े संस्मरण साझा किए। इससे पहले एमएलए हॉस्टल के सामने हाल ही में बनाए गए पार्क में नेताजी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। पार्क में नेताजी के जीवन पर प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक अद्वितीय नेता थे, जिन्होंने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व कर न केवल भारत की धरती पर, बल्कि पूरे विश्व में आजादी की मशाल जलाई। उन्होंने देश को ब्रिटिश शासन के चंगुल से मुक्त करवाने के लिए बेमिसाल संघर्ष किया। नेताजी ने आजाद हिंद फौज के बल पर विदेशी शासन की नींव हिला दी और अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा था।
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ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि आज का दिन बहुत अहम है, क्योंकि देश में पहले से ही आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। हम नेताजी के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पार्क के उद्घाटन के दिन ही तय किया था कि इसमें नेताजी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने में अहम भूमिका निभाई।
 
देवेंद्र बबली ने कहा कि उनके दादा कैप्टन उमराव सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। यह हमारा परम कर्तव्य है कि नेताजी के सर्वोच्च बलिदान के लिए अपनी कृतज्ञता प्रकट करें। इस मौके पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तांवड़े, सांसद रतन लाल कटारिया, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल और विधानसभा सचिव राजेंद्र कुमार नांदल भी मौजूद रहे।


स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल हो: धनखड़
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सच्ची श्रद्धांजलि के लिए स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम में शामिल की जाए। देश के संपूर्ण विश्वविद्यालयों में इसे अनिवार्य विषय घोषित किया जाए। यह मांग हरियाणा कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र सिंह धनखड़ ने केंद्र व राज्य सरकार से की है। 

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