एक बार फिर आईएएस रानी का इस्तीफा: 2020 में आई थीं चर्चा में, यूपी-हरियाणा में बना था मुद्दा, जता चुकी हैं हत्या की आशंका
आईएएस रानी नागर ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र सात मई 2022 की सुबह सवा दस बजे राष्ट्रपति को भेजा है। नागर इससे पहले मई 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने पर चर्चा में आई थीं। उस समय यह हरियाणा व उत्तर प्रदेश में राजनीतिक मुद्दा भी बना था।
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हरियाणा कैडर की 2014 बैच की आईएएस रानी नागर ने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से अपना त्यागपत्र सात मई 2022 की सुबह सवा दस बजे राष्ट्रपति को भेजा है। इसकी एक-एक प्रति केंद्रीय कार्मिक प्रशिक्षण विभाग और मुख्य सचिव, हरियाणा को भी भेजी गई है।
नागर ने इस्तीफे की हस्तलिखित कॉपी अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि बिना किसी दबाव के पद से इस्तीफा दे रही हूं। इसे तुरंत प्रभाव से स्वीकार किया जाए। मैंने किसी के प्रभाव में आकर यह त्यागपत्र नहीं लिखा है। वह सात अगस्त 2021 से अवकाश पर हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार ने लंबे समय से गैर हाजिर रहने पर रानी नागर को चार्जशीट भी किया हुआ है। सरकार ने डयूटी पर न आने का कारण पूछा था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नागर वर्तमान में नागरिक संसाधन सूचना विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात हैं।
नागर इससे पहले मई 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने पर चर्चा में आई थीं। उस समय यह हरियाणा व उत्तर प्रदेश में राजनीतिक मुद्दा भी बना था। उत्तर प्रदेश के नेताओं ने उनका कैडर हरियाणा से बदलकर उत्तर प्रदेश करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। बाद में रानी ने इसे वापस ले लिया।
रानी नागर बीते 24 अप्रैल को अपनी हत्या की आशंका भी जता चुकी हैं। इस संबंध में भी उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि मार्च 2022 के अंत से गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित टू-ए-220 में पिता के घर पर रह रही हैं। किसी ने उनके कमरे में कारतूस, ताबीज और लोहे का सामान रखा है। उनका लिखा था कि वे नाजायज दबाव के आगे नहीं झुक रहीं और यह एक तरह से उन्हें जान से मारने की धमकी है। रानी ने चंडीगढ़ में कुछ अफसरों के खिलाफ जिला अदालत में केस भी किया हुआ है।