कैबिनेट के फैसले: 8557 गरीब महिलाओं का 3.23 करोड़ रुपये का ब्याज माफ, फरीदाबाद में बनेगा 200 बेड का एमसीएच ब्लॉक
मंगलवार को हरियाणा कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम फैसले लिए गए। हरियाणा सरकार ने गरीब महिलाओं का 3.23 करोड़ रुपये का ब्याज माफ कर दिया है। बशर्ते मूलधन एकमुश्त योजना के तहत जमा कराना पड़ेगा।
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हरियाणा सरकार 8557 गरीब महिलाओं का 3.23 करोड़ रुपये बकाया ब्याज माफ करेगी। बशर्ते, इन्हें कर्ज की मूल राशि 4.31 करोड़ रुपये एकमुश्त भुगतान योजना के तहत जमा करानी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया।
महिला विकास निगम ने गरीब महिलाओं को कृषि, उद्योग, व्यापार क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर्ज दिया था। जिसे समय से चुकाने में यह नाकाम रहीं। अब सरकार ने कर्ज की मूल राशि चुकाने पर 100 फीसदी बकाया ब्याज माफ करने के लिए एकमुश्त भुगतान योजना को मंजूरी दी है।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम वर्ष 1992 से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर्ज देता आ रहा है। इसके तहत स्वयं के उद्योग स्थापित करने के लिए गरीब व कमजोर वर्ग की 17 हजार 151 महिलाओं को 11 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि मार्जिन मनी के तौर पर दी थी। इसमें से 8 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों ने जमा करवा दी है।
निगम प्रबंधन ने समीक्षा में पाया कि 8557 ऐसी गरीब महिलाएं चिह्नित हुई हैं, जो वर्षों तक ब्याज भरने में समर्थ नहीं हैं। इसलिए मानवीय आधार पर इन महिलाओं को एकमुश्त भुगतान योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। ढांडा ने बताया कि योजना अधिसूचित होने के बाद छह माह में ऋण की मूल राशि का एकमुश्त भुगतान अथवा छह किश्त में करने पर बकाया ब्याज माफ हो जाएगा।
कृषि विभाग में 18 से 42 साल तक हो सकेगी नियुक्ति
मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के हरियाणा अधीनस्थ कृषि (ग्रुप सी) सेवा नियम, 1993 और हरियाणा कृषि (ग्रुप बी) सेवा नियम, 1995 में संशोधन करने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के अनुसार नियम 5 में ‘सत्रह’ और ‘पैंतीस’ शब्दों और चिह्नों के स्थान पर क्रमश: ‘अठारह’ और ‘बयालिस’ शब्दों और चिह्नों को प्रतिस्थापित किया जाएगा। यहां निर्धारित आयु में छूट के अलावा ग्रुप ए, बी, सी और डी के पदों के संबंध में सरकारी सेवा में प्रवेश के लिए व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष होगी।
फरीदाबाद में 200 बेड वाले एमसीएच ब्लाक निर्माण को सीएम की मंजूरी
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले ‘मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) ब्लॉक’ के निर्माण को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान की है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा एनएचएम के तहत राज्य के छह जिलों में एमसीएच विंग/ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दी गई है। साथ ही जिला सिविल अस्पतालों यानि पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और पलवल में पांच एमसीएच ब्लॉकों की स्थापना प्रक्रिया में है। वहीं, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज नलहड़ में एक एमसीएच ब्लॉक की स्थापना की जा रही है।