Haryana: नई आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी, विदेशी शराब भी ट्रैक एंड ट्रेकिंग सिस्टम के दायरे में
मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि बैठक में सिर्फ एक्साइज पॉलिसी पर चर्चा हुई। इसके अलावा कोई मुद्दा बैठक में नहीं रखा गया।
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हरियाणा में साल 2024-25 के लिए आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लग गई। नई नीति 12 जून 2024 से 11 जून 2025 तक लागू रहेगी। चुनाव आयोग की शर्त के मुताबिक सरकार ने पुरानी नीति में मामूली संशोधन ही किया है। पहले के मुकाबले देसी शराब का कोटा बढ़ाया गया है और विदेशी शराब को भी ट्रैक एंड ट्रेसिंग सिस्टम के दायरे में लाया गया है। इससे पहले केवल हरियाणा और भारत में बनी शराब ही इस सिस्टम के दायरे में थी। 27 मई से शराब ठेकों की नीलामी शुरू हो जाएगी।
नई नीति में डिस्टलरीज के लिए कांच की बोतलों में ही शराब पैक करने की शर्त नहीं रखी गई है। उनको कांच और प्लास्टिक दोनों प्रकार की बोतलों में शराब पैकिंग के विकल्प दिए गए हैं। इससे पहले, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आबकारी मंत्री रहते सरकार ने फैसला लिया था कि हरियाणा में नए साल में डिस्टलरीज प्लास्टिक की बोतलों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। बाद में तत्तकालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस फैसले को पलट दिया था और आगामी एक साल तक शराब कारोबारियों को दोनों विकल्प दिए थे। पिछले साल की तरह ही इस बार भी शराब ठेकोें की संख्या 2400 ही रहेगी।
31 जुलाई तक लगाने होंगे फ्लो मीटर
नई आबकारी नीति में शर्त रखी गई है कि शराब बनाने वाली फैक्टरियों को 31 जुलाई तक फ्लो मीटर लगाने होंगे। इसके अलावा पूरे प्लांट के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए प्रत्येक बोतल पर क्यू आर कोड होगा, जिससे शराब के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। गांवों में शराब ठेकों का खुलने का समय अप्रैल से अक्टूबर में सुबह 8 से रात 11 बजे तक रहेगा। नवंबर से मार्च तक 8 बजे से रात 10 बजे तक रहेगा। शहरी क्षेत्रों में शराब ठेके पहले की तरह सुबह 8 से आधी रात 12 बजे तक खुल सकेंगे।
ई-टेंडरिंग से अलॉट होंगे शराब ठेके
फिलहाल हरियाणा सरकार चुनाव में व्यस्त है। 25 मई को मतदान के बाद नए ठेकों के अलॉटमेंट के लिए ई-टेंडरिंग के आवेदन मांगने की तिथि तय की जाएगी। वैसे विभाग ने अभी से इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोकसभा चुनाव के चलते हरियाणा सरकार ने आबकारी नीति लाने के लिए आयोग से मंजूरी मांगी थी। आयोग ने सशर्त मंजूरी देते हुए कहा था कि पॉलिसी में अधिक बदलाव नहीं किए जाएं और राजनीतिक फायदे के लिए इसका प्रचार प्रसार न किया जाए। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता हटने के बाद ही नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।
क्या है ट्रैक एंड ट्रेसिंग सिस्टम
हरियाणा में जहरीली शराब के मामले सामने आने के बाद सरकार ने राज्य में शराब आपूर्ति के लिए ट्रैक एवं ट्रेसिंग सिस्टम बनाने का फैसला लिया था। हरियाणा आबकारी नीति 2023-24 में ये क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेसिंग सिस्टम लागू करने के लिए प्रावधान किया गया था। क्यूआर कोड से सरकार को शराब के उत्पादन, आपूर्ति से लेकर उसकी बिक्री के संबंध में तमाम जानकारी मिल सकेगी। इससे तय एरिया में ही ठेकेदार शराब बेच सकेंगे और तस्करी रुकेगी।
देसी शराब का कोटा 1200 लाख प्रूफ लीटर
साल 2024-25 के लिए आईएमएफएल का अधिकतम मूल कोटा 700 लाख प्रूफ लीटर और देशी शराब का अधिकतम मूल कोटा 1200 लाख प्रूफ लीटर होगा। कारोबार को सुचारू बनाने के लिए विभाग की ओर से आयातित शराब ब्रांडों की न्यूनतम खुदरा बिक्री कीमतें तय की जाएंगी। 12 जून 2024 से शुरू होने वाली नई नीति वर्ष में आईएमएफएल और देशी शराब पर उत्पाद शुल्क में मामूली वृद्धि होगी। ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति को आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पिछले तीन एसेसमेंट वर्षों का आयकर रिटर्न प्रस्तुत करना होगा और उसकी न्यूनतम नेटवर्थ 60 लाख रुपये होनी चाहिए।