हरियाणा : गांवों में महंगी होगी बिजली, अंबाला में होम्योपैथिक कॉलेज की स्थापना, पढ़ें- कैबिनेट के 15 फैसले
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हरियाणा कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर अपनी मोहर लगाई है। मानेसर में नए नगर निगम के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है तो वहीं दिल्ली-पानीपत रैपिड रेल कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की है। अब हरियाणा के गांवों में बिजली महंगी होगी। सरकार ने गांवों में दो प्रतिशत पंचायत टैक्स लगाने का फैसला लिया है। हरियाणा योग परिषद को कैबिनेट ने हरियाणा योग आयोग में बदल दिया है। आइए पढ़ते हैं हरियाणा कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले...
1- सहायक आयुक्त, अतिरिक्त सहायक आयुक्त और हरियाणा में अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के पदों के उम्मीदवारों के लिए नियम-1 और 9 में संषोधन का अनुमोदन।
- अब नियम-1 के तहत इन पदों के लिए विभागीय परीक्षा साल में तीन बार होगी।
- नियम-9 के अनुसार उम्मीदवार को देवनागरी लिपि में हिंदी में कम से कम आधे अंक प्राप्त करने होंगे।
2- सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए सरकारी भूमि के अंतर-विभागीय हस्तांतरण संबधित विधियों की रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान करना।
- एक सरकारी विभाग से दूसरे सरकारी विभाग को, विभिन्न सरकारी बोर्डों एवं निगमों, नगर निगमों/ परिषदों/ समितियों और जिला परिशदों एवं खंड समितियों सहित ग्राम पंचायतों को सरकारी भूमि के हस्तांतरण तथा भूमि के हस्तांतरण से संबधित मामलों की जांच करने और रिपोर्ट प्रशित करने के लिए 17 फरवरी, 2020 को 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
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3- करनाल, पानीपत और शाहबाद चीनी मिलों में नये चीनी संयंत्र व सह-उत्पादन संयंत्र और एथनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए 235 करोड़ रुपये के सावधि ऋण के लिए राज्य सरकार की गारंटी का अनुमोदन।
- कैबिनेट ने गांव डाहर जिला पानीपत में 28 मेगावॉट सह-उत्पादन संयंत्र के साथ प्रतिदिन 5,000 टन गन्ना पिराई क्षमता की चीनी मिल का अनुमोदन किया। इसका विस्तार प्रतिदिन 7,500 टन गन्ना पिराई क्षमता तक किया जाएगा।
- इसी प्रकार करनाल में 18 मेगावॉट सह-उत्पादन संयंत्र के साथ प्रतिदिन 3,500 टन गन्ना पिराई क्षमता की चीनी मिल का अनुमोदन किया। इसका विस्तार प्रतिदिन 5,000 टन गन्ना पिराई क्षमता तक किया जाएगा।
- शाहबाद चीनी मिल में प्रतिदिन 60 किलो लीटर क्षमता के एथनॉल प्लांट का अनुमोदन।
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4- जिला रेवाड़ी में ज्वारा-गोदाना सड़क (हेली मण्डी-पालावास सड़क) पर 9.500 किमी पर नये टोल प्वाइंट की स्थापना का अनुमोदन।
5- वन विभाग को सड़कों से दूर लोक निर्माण विभाग की 30.85 हेक्टेयर सरप्लस भूमि के हस्तांतरण का अनुमोदन।
6- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड को ऋण सुविधाओं की अनुमति के लिए वाणिज्यिक बैंकों के पक्ष में 900 करोड़ रुपये की राज्य सरकार द्वारा गारंटी प्रदान करना।
7- गांव चांदपुरा जिला अंबाला में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना के लिए आयुष विभाग को नगर परिषद, अंबाला सदर की 61 कनाल 13 मरला भूमि के हस्तांतरण करने का अनुमोदन। यह भूमि वर्तमान कलेक्टर रेट 44 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पर दी जाएगी और इस पर 120 रुपये प्रति वर्ग गज विकास शुल्क अतिरिक्त लिया जाएगा।
8- सीनियर मेडिकल ऑफिसर के कुल पदों में से 25 प्रतिषत पदों की एचपीएससी की बजाय स्वास्थ्य विभाग स्वयं भर्ती करेगा। (116 पद खाली हैं)।
9- बिजली खपत पर पंचायतों के लिए पंचायत टैक्स लगाना (2 प्रतिशत)।
- पंचायतों को 100-125 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
- कृषि उपभोक्ताओं पर यह लागू नहीं होगा।
10- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को राज्य सरकार की ब्लॉक गारंटी लिमिट 15 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का अनुमोदन। इससे वर्ष 2020-21 की वार्षिक कार्य योजना के अनुसार 1100 लाभार्थियों को ऋण मिल सकेगा।
11- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त निगम को राज्य सरकार की ब्लॉक गारंटी लिमिट एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का अनुमोदन। इसका उद्देश्य राज्य में सफाई कर्मचारियों को सामाजिक-आर्थिक लाभों का पैकेज प्रदान करना है।
12- हरियाणा विकास एवं विनियमन, शहरी क्षेत्र अधिनियम-1975 और नियम-1976- लाइसेंस का माइग्रेशन में संशोधन का अनुमोदन। इस संशोधन के अनुसार अब लाइसेंस का माइग्रेषन करवाते समय लाइसेंसधारी अपनी बकाया नवीकरण शुल्क भुगतान की तिथि तक ब्याज सहित देगा।लेकिन जिस क्षेत्र से माइग्रेशन करवाया जाता है, उसकी लाइसेंस फीस, राज्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास शुल्क, परिवर्तन शुल्क और बाहरी विकास शुल्क तथा उन पर दिया गया ब्याज उसमें समायोजित किया जाएगा। समायोजन के बाद भी कोई राशि बचती है तो उसे जब्त समझा जाएगा।
13- हरियाणा विकास एवं विनियमन, शहरी क्षेत्र अधिनियम-1975 की धारा 9-ए के तहत अधिसूचित वहनीय आवास नीति-2013 में संशोधन। इसके तहत न्यूनतम भूमि सीमा, परियोजना भूमि सीमा में परिवर्तन और वाणिज्यिक घटक व पार्किंग प्रावधान में बढ़ोतरी का अनुमोदन।
- संशोधन के अनुसार परियोजना की अधिकतम भूमि सीमा 10 एकड़ से 30 एकड़ तक बढ़ाई गई है तथा न्यूनतम भूमि सीमा पांच एकड़ से कम करके चार एकड़ की गई है।
- लेकिन न्यूनतम भूमि चार एकड़ होने के बावजूद कॉलोनाइजर को पांच एकड़ में निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सामुदायिक भवन का निर्माण करना अनिवार्य होगा।
- अब वाणिज्यिक क्षेत्र नेट प्लान्ड एरिया चार प्रतिशत से बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया गया है।
- कॉलोनाइजर के लिए 0.5 के समान कार क्षेत्र उपलब्ध करवाने के वर्तमान प्रावधान को जारी रखा गया है। कॉलोनाइजर कार पार्किंग क्षेत्र के आवंटन के लिए फ्लैट की लागत के पांच प्रतिशत से अधिक वसूली नहीं कर सकेगा।
14- सीएनजी, पीएनजी स्टेशन तथा पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए सिंगल विण्डो प्लेटफार्म के माध्यम से सीएलयू देने की नीति में संशोधन का निर्णय। इस निर्णय के अनुसार शहरी सीमाओं में पेट्रोल पंप/फ्यूल स्टेशन के लिए कम से कम 20320 मीटर और सीएनजी/पीएनजी स्टेशन की स्थापना के लिए कम से कम 50330 मीटर भूमि का होना जरूरी होगा।
15- सरकारी कर्मचारी के एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण पर पदोन्नति के लिए समान अवसर और सेवा अवधि की समान स्थिरता हेतु हरियाणा ग्रुप-सी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) विधेयक-2020 को मंजूरी।
- इस विधेयक के लागू हो जाने से सभी विभागों में कॉमन ग्रुप-सी पदों के कर्मचारियों के लिए कॉमन काडर बन जाएगा।
- इससे उन्हें पदोन्नति के समान अवसर मिलेंगे और निर्धारित अवधि पूरा होने पर अथवा इससे भी पहले ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के तहत उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित किया जा सकेगा।
- इस समय एक कर्मचारी जिस भी विभाग में पद ग्रहण करता है, वह सेवानिवृत्ति तक उसी में रहता है। सामान्यत: उस विभाग के मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों के हर काडर/पद की वरिष्ठता सूची अलग-अलग रखी जाती है।
- इससे क्षेत्रीय कार्यालयों में काम कर रहे ग्रुप-सी के कर्मचारियों को पदोन्नति पाने में 10 से 20 साल लग जाते हैं, जबकि मुख्यालय पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनसे पहले ही पदोन्नति मिलती है।
- इस विधेयक के लागू होने के बाद सबको पदोन्नति के समान अवसर मिलेंगे।