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लोकसभा चुनाव के लिए युवाओं को लुभाने की कोशिश, हरियाणा कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले

Thu, 14 Feb 2019 09:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 14 Feb 2019 09:31 AM IST
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Haryana Cabinet Meeting Chaired by CM Manohar lal
हरियाणा कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के युवाओं को अपनी कला और संस्कृति से जोड़ने के लिए सरकार ने कल्चर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा राज्य संस्कृति नीति-कलश (कला एवं संस्कृति हरियाणा नीति) को स्वीकृत किया गया है। इस नीति का उद्देश्य न केवल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की रक्षा, संरक्षण, संर्वधन और प्रबंधन करना है, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए कला और संस्कृति की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देना है। ताकि विभिन्न कला प्रपत्र जनता के साथ लोकप्रिय हो सकें।

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इस नीति के तहत विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवा छात्रों को इस तरह से शिक्षित किया जाएगा कि वे न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक हों बल्कि इसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो सके। इस नीति के तहत कलाकारों और उनकी कलाओं के लिए सार्वजनिक के साथ-साथ निजी क्षेत्र से भी सहयोग सुनिश्चित करेगी।
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अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- बैठक में शहीद हवलदार रमेश सिंह, सेना और शहीद सिपाही समेर सिंह, सेना के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। भिवानी के शहीद हवलदार रमेश सिंह के बेटे कंवर सिंह को अनुकम्पा आधार पर ग्रुप-डी के पद पर नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
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- मंत्रिमंडल की बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग के संबंध में हरियाणा सरकार व्यवसाय (आवंटन) नियम, 1974 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
- बैठक में जिला झज्जर के गांव उखलचना (कोट) को तहसील बादली से निकालकर तहसील झज्जर में शामिल करने को मंजूरी प्रदान की गई है।

- हरियाणा परिवहन विभाग, परिवहन आयुक्त कार्यालय (ग्रुप-डी) सेवा नियम, 2018 के निर्माण को अपनी स्वीकृति दी है। नियमों को हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-डी) परिवहन आयुक्त कार्यालय सेवा नियम, 2018 कहा जाएगा। सेवा में भर्ती के लिए सेवादार, चौकीदार, स्वीपर व स्वीपर-कम-माली के पद हेतु सीधी भर्ती द्वारा व हरियाणा सरकार या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से लगे किसी कर्मचारी के स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति द्वारा होगी।

-  बैठक में सिविल अस्पताल, अंबाला सदर के मेडिकल एवं पैरा- मेडिकल स्टॉफ के लिए रिहायशी आवास प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की।
- हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति अधिनियम, 2018 के मसौदा नियम-2019 को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने अधिनियम के क्रियान्वयन के उद्देश्य से हरियाणा राज्य आयोग अनुसूचित जाति अधिनियम, 2018 के तहत नियम बनाए गए हैं। साथ ही उक्त आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भी की है।

-  बैठक में अपील प्राधिकारी द्वारा अपील के मामलों को हटाने की शक्ति को प्रतिबंधित करने के लिए एचवीएटी नियम, 2003 में संशोधन को मंजूरी दी है।
- बैठक में भूमि अर्जन के कारण राज्य के भू-स्वामियों को पुनर्वास तथा पुर्नस्थापन पॉलिसी (आर एंड आर नीति) के तहत सरकारी नौकरी मुहैया कराने और एक पद कनिष्ठ अभियंता, छह पद लिपिक एवं एक पद सेवादार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर निकालने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

-  हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचना और नए नियमों और कर की दर को तैयार करना, संशोधन और अधिसूचना जारी करने जैसे कार्यों सहित राज्य में जीएसटी के क्रियान्वयन से संबंधित सभी मामलों के लिए मुख्यमंत्री की शक्तियों को आगामी छह महीने तक जारी रखा जाएगा। 

कपड़ा नीति में 5000 करोड़ निवेश और 50 हजार नौकरियों का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने नई कपड़ा नीति को धरातल पर उतारने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। अहम संशोधनों के साथ कपड़ा नीति पर मनोहर मंत्रिमंडल ने बुधवार को मुहर लगा दी। नीति के तहत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 50 नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि नीति में प्रदेश हित में कुछ संशोधन किए गए हैं नए संशोधन के अनुसार एंकर-यूनिटस को 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक के फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट के साथ इंडस्ट्री माना गया है। 

इसमें एक हजार या अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। जिनमें हरियाणा निवासियों के लिए कुल अकुशल रोजगार का कम से कम 70 और कुल रोजगार का कम से कम 30 प्रतिशत होगा। ऐसी यूनिटस दो सहायक इकाईयां लगा सकती हैं। ये सहायक इकाईयां पूरे हरियाणा में कहीं भी स्थापित की जा सकती हैं। इन एंकर-यूनिटस को सी और डी ब्लॉकों में 50 करोड़ रुपये तक की 25 प्रतिशत की दर से पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

टेक्सटाइल पार्कों के लिए इस पॉलिसी के तहत सभी लाभ उन इकाइयों के लिए उपलब्ध होंगे, जिन्हें पॉलिसी नोटिफिकेशन के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट से लाइसेंस मिलेगा। कृषि क्षेत्र में औद्योगिक लाइसेंस के लिए लाइसेंसधारी से सरकार की विभिन्न एजेंसियां, विभाग वास्तविक आधार पर आधारभूत संरचना प्रदान करने का खर्च लेंगे। शहरी क्षेत्र में दिए गए औद्योगिक लाइसेंस के लिए समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुसार बाह विकास शुल्क लिया जाएगा।

19 डीएसपी का पदनाम होगा एएसपी
हरियाणा पुलिस सेवा नियम, 2002 में संशोधन को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे डीएसपी को एएसपी के 19 पदों पर डेजीगनेट किया जाएगा। यानि डीएसपी का पदनाम बदलकर एएसपी होगा। डीसएसपी पद पर 10 वर्ष की नियमित सेवा करने वाले ही एएसपी के समान वेतनमान पाएंगे।

एनसीआर से डीजल ट्रैक्टर, कम्बाइन हटाएगा हरियाणा कानून

हरियाणा के एनसीआर के दायरे में आने वाले जिलों से अब जल्द डीजल ट्रैक्टर और कंबाइन हारवेस्टर को उनकी निर्धारित संचालन अवधि के बाद हटाने की कवायद शुरू की जाएगी। ऐसा उच्चतम न्यायलय के निर्देशों के अनुपालन में होगा। इसके लिए बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में एक कानून विधेयक को पारित किया गया। 

मंत्रिमंडल की बैठक में एक वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के तहत आने वाले सभी जिलों के लिए विशेष प्रावधानों हेतु हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) विधेयक, 2019 के मसौदे को मंजूरी दी गई है। इस अधिनियम को हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2019 कहा जाएगा। यह एनसीआर में पड़ने वाले हरियाणा के जिलों से कृषि और संबंधित गतिविधियों में प्रयोग होने वाले निर्दिष्ट डीजल ट्रैक्टरों और कम्बाइन हारवेस्टर को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर धीरे-धीरे समाप्त करने में मदद करेगा।

राज्य सरकार इस अधिनियम के लागू होने से एक वर्ष की अवधि के भीतर, कृषि और सम्बन्धित गतिविधियों में प्रयोग होने वाले डीजल ट्रैक्टरों और कम्बाइन हारवेटस्टर के लिए चरणबद्ध तरीके से मानदंड और रणनीति तैयार करने के लिए सभी उपाय करेगी। प्रावधानों के अधीन और किसी भी निर्णय, या किसी भी अदालत या ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद, डीजल ट्रैक्टरों के पंजीकरण और संचालन को ऐसे समय तक संचालित करने की अनुमति दी जाएगी जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता।

इसमें यह भी स्पष्ट किया गया सरकार द्वारा जारी किए गए सभी नोटिस या ऐसे वाहनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिन्हें दस साल या उससे अधिक की अवधि के लिए पंजीकृत किया गया है।

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