हरियाणा बजट सत्र: कांग्रेस ने किया राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार
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हरियाणा विधानसभा के सोमवार को शुरू हुए बजट सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने पर कांग्रेस के सभी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया और राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोक रहे इनेलो के सदस्यों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
सोमवार दोपहर जैसे ही सदन की कार्यवाही का शुभारंभ हुआ, कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को अभिभाषण नहीं पढ़ने को कहा। इस दौरान इनेलो के विधायक भी नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के नेतृत्व में अपनी सीटों से खड़े हो गए। कांग्रेस के सभी सदस्य राज्यपाल और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए तो इनेलो के अभय चौटाला ने भी राज्यपाल से अभिभाषण नहीं पढ़ने का आग्रह करते हुए मांग की कि पहले वे एसवाईएल पर पंजाब विधानसभा द्वारा लाए जा रहे बिल को पारित नहीं करने का भरोसा दिलाएं। उन्होंने तब तक राज्यपाल को अभिभाषण शुरू नहीं करने दिया, जब तक राज्यपाल ने भरोसा नहीं दे दिया।
अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही करीब एक घंटे तक स्थगित रही। इसके बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष से अनिल विज ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कुछ सदस्यों ने व्यवधान डालने की कोशिश की जोकि हरियाणा विधानसभा कार्यवाही नियम 17 का उल्लंघन है। उन्होंने स्पीकर को बताया कि नियम 17 में साफ कहा गया है कि राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होने से पहले, अभिभाषण के दौरान और अभिभाषण के बाद में सदन में किसी तरह का व्यवधान, पोस्टर, परचा आदि नहीं दिखाया जा सकता। विज ने कांग्रेस व इनेलो सदस्यों की ओर से उत्पन्न किए गए व्यवधान को सदन की अवमानना करार देते हुए विधानसभा अध्यक्ष से दोषी सदस्यों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
विज का समर्थन करते हुए संसदीय मामले मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण संवैधानिक प्रक्रिया है। इसमें बाधा डालना सदन का अपमान करना है, इसलिए मैं प्रस्ताव पेश करता हूं कि ऐसे सदस्यों को सदन से निलंबित किया जाए। साथ ही इनेलो के सदस्यों की ओर से उत्पन्न किए गए व्यवधान के लिए मैं उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करता हूं। शर्मा की ओर से लाए गए प्रस्ताव का सदन के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी समर्थन किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के सभी सदस्यों को मौजूदा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर परिचर्चा चलने तक सदन से निलंबित कर दिया। उन्होंने इनेलो के सदस्यों के व्यवहार पर भी आपत्ति जताते हुए निंदा प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
कांग्रेस सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए
निलंबन और निंदा प्रस्ताव पारित होते ही कांग्रेस के सभी सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और उन्होंने स्पीकर के फैसले पर आपत्ति जताते हुए नारेबाजी जारी रखी। इसी दौरान वेल में खड़े कुलदीप शर्मा ने वहां रखी अभिभाषण की प्रतियां फाड़कर हवा में लहरा दीं। आखिरकार मार्शलों ने सभी सदस्यों को सदन से बाहर किया।
विज ने कांग्रेस सदस्यों को जेल भेजने की मांग की
कांग्रेस के सदस्य अपने निलंबन के खिलाफ जब वेल में खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे, तब सत्ता पक्ष की ओर से अनिल विज ने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के सदस्यों को सुनाई गई निलंबन की सजा बहुत कम है, इसलएि कांग्रेस के सभी सदस्यों को कम से कम एक दिन के लिए जेल भेजा जाए या फिर इन पर एक रुपये का जुर्माना लगाया जाए। कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी के बीच स्पीकर ने विज की मांग को नजरअंदाज कर दिया।
अलग-अलग फैसले पर हजकां ने जताया एतराज
स्पीकर की ओर से कांग्रेस और इनेलो के खिलाफ प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने विधानसभा में आज के दिन को काला दिन की संज्ञा देते हुए कहा कि पहले तो सदन की कार्यवाही ही समय पर शुरू नहीं की गई।
फिर राज्यपाल के अभिभाषण के बाद स्पीकर उठकर चले और कार्यवाही स्थगित किए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बाद में एक विधायक के जरिए स्थगन को 15 मिनट के लिए बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि सदन बड़े अजीब ढंग से चल रहा है, कांग्रेस और इनेलो दोनों ने ही राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोका, लेकिन दोनों दलों पर कार्यवाही अलग-अलग की गई, जो भेदभाव दर्शाती है।