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Haryana budget: हर घर जल पहुंचाएगी हरियाणा सरकार, महाग्रामों में 2024 तक होगी सीवरेज की व्यवस्था
Sat, 29 Feb 2020 12:13 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 29 Feb 2020 12:13 AM IST
सार
- केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा करने का टारगेट रखा है।
- मगर हरियाणा सरकार इसे वर्ष 2022 में पूरा करना चाहती है।
- 128 महाग्रामों में 2024 से पहले सीवरेज व्यवस्था भी होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
केंद्र सरकार का सपना है कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक देश के हर घर में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचे। मगर हरियाणा ने इस लक्ष्य को दो साल पहले यानी 2022 तक पूरा करने का सपना देखा है। इसके लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 128 महाग्राम (जिन गांवों की आबादी 10 हजार से अधिक) में वर्ष 2024 तक सीवरेज व्यवस्था भी उपलब्ध करवा दी जाएगी।
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इरादे को वित्तमंत्री मनोहर लाल ने सदन में बजट पेश करते हुए व्यक्त किया। वित्तमंत्री ने वर्ष 2020-21 में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए 3591.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाने का लक्ष्य 2024 तक रखा गया है, लेकिन हमने हरियाणा में इस कार्य को वर्ष 2022 में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 32.88 लाख घर हैं और वर्तमान में राज्य के कुल 17.58 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन हैं।
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ग्रामीण जल आपूर्ति बढ़ोतरी कार्यक्रम के अंतर्गत गांवों में जल आपूर्ति का स्तर 55-70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक बढ़ाने के लिए मौजूदा जल आपूर्ति सुविधाओं का सुधार एवं मजबूतीकरण किया जाएगा। गांवों में 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से जल आपूर्ति बढ़ाने तथा सीवरेज व्यवस्था बिछाने के लिए शुरू की गई महाग्राम योजना अब तक 128 गांव चिह्नित किए गए हैं। प्रथम चरण के 20 गांवों का कार्य 31 मार्च 2021 तक पूरा हो जाएगा, दूसरे चरण में 37 गांवों का कार्य 31 दिसंबर 2023 तक व अंतिम तीसरे चरण में शेष 71 गावों का कार्य 31 दिसंबर 2024 तक पूरा कर दिया जाएगा।
नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भूना में जून, 2020 तक स्थापित कर दिया जाएगा व शेष 6 शहरों नांगल चौधरी, राजौंद, इस्माइलाबाद, सिसाय, बास व सढ़ौरा में परिशोधन सयंत्र लगाने का कार्य आगामी वित वर्ष 2020-21 मे शुरू किया जायेगा। इन्द्री, पलवल व युमनानगर में मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की जगह नये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जाएंगे।
इसके अलावा कैथल, पून्डरी, ऐलनाबाद, फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, सिरसा, रोहतक, तोशाम, असंध व सिवानी के मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उन्नयन किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र प्लांनिंग बोर्ड के तहत गन्नौर, सोहना, बेरी, झज्जर, कलानौर, सांपला, खरखौदा, होडल व समालखा में सीवरेज लाइन डालने व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन व नवीनीकरण इत्यादि के कार्य वर्ष 2020-21 में किये जाएंगे।