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भाजपा आलाकमान किसी जाट चेहरे को बनाना चाहते हैं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष, ये नाम दावेदारों में
Thu, 25 Jun 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 25 Jun 2020 10:44 AM IST
सार
- अमित शाह की पहली पसंद कैप्टन अभिमन्यु, जेपी नड्डा की पसंद धनखड़
- कैप्टन और धनखड़ का रास्ता रोक रहे मनोहर लाल, ढांडा के नाम पर विचार
- पार्टी को हुड्डा और चौटाला के मुकाबले चाहिए एक बड़ा चेहरा
- बीरेंद्र सिंह को अध्यक्ष बना पाना संभव नहीं, उनके पुत्र का मंत्री बनना तय
- नए चेहरों में कमल गुप्ता संदीप जोशी और दीपक मंगला शामिल
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जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे सीएम मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पार्टी आलाकमान हरियाणा में जाटों को लुभाने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसी जाट चेहरे की ताजपोशी करना चाह रहा है, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गैर जाट के नाम पर अड़ा है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह की पहली पसंद कैप्टन अभिमन्यु हैं। हालांकि अभिमन्यु चुनाव हार गए हैं, लेकिन शाह उनका नाम आगे बढ़ा रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के नाम की वकालत कर रहे हैं। धनखड़ बादली से चुनाव जरूर हार गए हैं, लेकिन नड्डा का सॉफ्ट कॉर्नर धनखड़ के लिए है। आलाकमान प्रदेश में जाट चेहरे को आगे रखकर इसलिए चलना चाहता है कि अभी पार्टी के पास पर्याप्त समय है। इसलिए कोई प्रतीकात्मक चेहरा न होकर ऐसा जाट चेहरा आगे आए, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और चौटाला के मुकाबले बड़ा नाम हो।
इसी सिलसिले में चौधरी बीरेंद्र सिंह के नाम पर भी विचार किया गया, लेकिन संघ बीरेंद्र सिंह के नाम पर सहमत नहीं है। संघ का कहना है कि बाहर से आए हुए व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता। बीरेंद्र सिंह कांग्रेस से आए हैं। दूसरा कारण यह भी है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह पार्टी के उम्र वाले मापदंड पर खरा नहीं उतरते। वहीं उनके बेटे विजेंदर सिंह का नाम मंत्री पद के लिए तय माना जा रहा है। ऐसे में एक ही परिवार से दो पद दे पाना संभव नहीं है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के नाम की वकालत कर रहे हैं। धनखड़ बादली से चुनाव जरूर हार गए हैं, लेकिन नड्डा का सॉफ्ट कॉर्नर धनखड़ के लिए है। आलाकमान प्रदेश में जाट चेहरे को आगे रखकर इसलिए चलना चाहता है कि अभी पार्टी के पास पर्याप्त समय है। इसलिए कोई प्रतीकात्मक चेहरा न होकर ऐसा जाट चेहरा आगे आए, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और चौटाला के मुकाबले बड़ा नाम हो।
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इसी सिलसिले में चौधरी बीरेंद्र सिंह के नाम पर भी विचार किया गया, लेकिन संघ बीरेंद्र सिंह के नाम पर सहमत नहीं है। संघ का कहना है कि बाहर से आए हुए व्यक्ति को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता। बीरेंद्र सिंह कांग्रेस से आए हैं। दूसरा कारण यह भी है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह पार्टी के उम्र वाले मापदंड पर खरा नहीं उतरते। वहीं उनके बेटे विजेंदर सिंह का नाम मंत्री पद के लिए तय माना जा रहा है। ऐसे में एक ही परिवार से दो पद दे पाना संभव नहीं है।
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गैर जाट चेहरे के तौर पर संदीप जोशी का नाम आगे
हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन संदीप जोशी का नाम भी गैर जाट चेहरे के तौर पर आगे आया है, लेकिन उनके नाम पर यह तर्क दिया गया है कि राज्यसभा में डीपी वत्स को ब्राह्मणों के प्रतिनिधित्व के लिए भेजा जा चुका है। ऐसे में जोशी के नाम पर भी सहमति नहीं बन पाई है। यदि पार्टी गैर जाट चेहरे पर विचार करेगी तो जोशी का नाम भी आगे होगा।
बरोदा उपचुनाव सिर पर
राज्य में बरोदा उपचुनाव नजदीक हैं। जाट चेहरा सामने आएगा तो निश्चित तौर पर इसका फायदा पार्टी को बरोदा उपचुनाव में मिलेगा। बरोदा विधानसभा में जाट मतदाताओं की अच्छी संख्या है। श्रीकृष्ण हुड्डा यहां से विधायक थे, जिनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई है।
कैप्टन और धनखड़ का रास्ता रोक रहे मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपनी पसंद के चेहरे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बनवाने के लिए अड़ गए हैं। कैप्टन और धनखड़ के नाम पर मुख्यमंत्री सहमत नहीं है। ऐसे में उनका कहना है कि चेहरा जो भी हो, वह उनकी पसंद के मुताबिक होना चाहिए।
चार मंत्री कर रहे हैं जाटों का प्रतिनिधित्व
वर्तमान सरकार में उप मुख्यमंत्री के तौर पर दुष्यंत चौटाला जाटों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हीं के परिवार से रणजीत सिंह चौटाला बिजली मंत्री हैं। जेपी दलाल कृषि मंत्री हैं। कमलेश ढांडा को भी सरकार ने जाट कोटे से मंत्री बनाया है।
बरोदा उपचुनाव सिर पर
राज्य में बरोदा उपचुनाव नजदीक हैं। जाट चेहरा सामने आएगा तो निश्चित तौर पर इसका फायदा पार्टी को बरोदा उपचुनाव में मिलेगा। बरोदा विधानसभा में जाट मतदाताओं की अच्छी संख्या है। श्रीकृष्ण हुड्डा यहां से विधायक थे, जिनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई है।
कैप्टन और धनखड़ का रास्ता रोक रहे मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपनी पसंद के चेहरे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बनवाने के लिए अड़ गए हैं। कैप्टन और धनखड़ के नाम पर मुख्यमंत्री सहमत नहीं है। ऐसे में उनका कहना है कि चेहरा जो भी हो, वह उनकी पसंद के मुताबिक होना चाहिए।
चार मंत्री कर रहे हैं जाटों का प्रतिनिधित्व
वर्तमान सरकार में उप मुख्यमंत्री के तौर पर दुष्यंत चौटाला जाटों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हीं के परिवार से रणजीत सिंह चौटाला बिजली मंत्री हैं। जेपी दलाल कृषि मंत्री हैं। कमलेश ढांडा को भी सरकार ने जाट कोटे से मंत्री बनाया है।
बराला के नाम पर चौधरी बीरेंद्र ने लगाया ब्रेक
दिल्ली में मुख्यमंत्री मनेाहर लाल से मुलाकात के बाद चौधरी बीरेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष मजबूत जनाधार वाला होगा। मजबूत प्रदेश अध्यक्ष से मुख्यमंत्री की परेशानी कम होगी। सुभाष बराला का नाम पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बराला का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
सीएम मनोहर लाल ने दिए ये सभी नाम
सूत्रों के मुताबिक, सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन नाम सुझाए हैं, जिसमें कमल गुप्ता, संदीप जोशी और दीपक मंगला का नाम शामिल है। कमल गुप्ता हिसार से दूसरी बार विधायक बने हैं। संदीप जोशी हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन हैं और दीपक मंगला पलवल से विधायक हैं। पिछली सरकार में मंगला मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव रहे हैं।
सीएम ने दिल्ली में डेरा डाला
मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपनी पसंद की पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देर शाम उनकी यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष का नाम अमित शाह की मोहर लगने के बाद ही तय होगा।
महिपाल ढांडा के नाम ने भी पकड़ा जोर
महिपाल ढांडा के नाम पर भी तेजी से विचार किया जा रहा है। ढांडा को पार्टी कर्मठ सिपाही के तौर पर आगे बढ़ाना चाहती है। ढांडा हरियाणा में भाजपा युवा मोर्चा और किसान मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा दूसरी बार के विधायक हैं। इसके अलावा जाट चेहरा भी हैं। लिहाजा पार्टी ढांडा के नाम पर विचार कर रही है। संघ को भी ढांडा के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है।
सीएम मनोहर लाल ने दिए ये सभी नाम
सूत्रों के मुताबिक, सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन नाम सुझाए हैं, जिसमें कमल गुप्ता, संदीप जोशी और दीपक मंगला का नाम शामिल है। कमल गुप्ता हिसार से दूसरी बार विधायक बने हैं। संदीप जोशी हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन हैं और दीपक मंगला पलवल से विधायक हैं। पिछली सरकार में मंगला मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव रहे हैं।
सीएम ने दिल्ली में डेरा डाला
मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपनी पसंद की पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देर शाम उनकी यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात हुई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष का नाम अमित शाह की मोहर लगने के बाद ही तय होगा।
महिपाल ढांडा के नाम ने भी पकड़ा जोर
महिपाल ढांडा के नाम पर भी तेजी से विचार किया जा रहा है। ढांडा को पार्टी कर्मठ सिपाही के तौर पर आगे बढ़ाना चाहती है। ढांडा हरियाणा में भाजपा युवा मोर्चा और किसान मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा दूसरी बार के विधायक हैं। इसके अलावा जाट चेहरा भी हैं। लिहाजा पार्टी ढांडा के नाम पर विचार कर रही है। संघ को भी ढांडा के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है।