हरियाणा के भाजपा नेताओं में उभरा असंतोष
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हरियाणा की यह कहावत कि माल खाए बांदरी, लठ्ठ खाए रीछ। यह कहावत इन दिनों प्रदेश भाजपा के नेता सुनाने में लगे हैं। दरअसल कांग्रेस और इनेलो से आए नेताओं को विधानसभा चुनाव में टिकट मिलने की संभावना ज्यादा होने और खुद के हाशिए पर चले जाने की आशंका से भयभीत नेता अब अपना दर्द खुलेआम बयां करने लगे हैं।
जनसंघ के जमाने से भाजपा का झंडा उठाने वाले नेता और कार्यकर्ता अचानक कांग्रेस और इनेलो से नेताओं व कार्यकर्ताओं की भीड़ पार्टी में आते देख अपनी दावेदारी को लेकर खुलेआम मैदान में कूदने लगे हैं। माना जा रहा है कि इसी घमासान के चलते भाजपा को उम्मीदवारों के नाम घोषित में मुश्किल हो रही है।
सूत्रों के अनुसार अब तक भाजपा के 47 उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं। लेकिन पार्टी में विद्रोह की आशंका देख भाजपा हाईकमान नाम घोषित नहीं कर पा रहा है। अब मंगलवार को पहली सूची आने की उम्मीद है।
परिस्थितियां अपने अनुकूल
दरअसल लोकसभा चुनाव में दस में से सात सीटें जीतने के बाद प्रदेश भाजपा के नेता विधानसभा चुनाव में परिस्थितियां अपने अनुकूल मान रहे हैं। लेकिन अंतिम समय में टिकट को लेकर कांग्रेस और इनेलो से आए भाजपा में आए नेताओं को मिलने की आशंका ने उन्हें परेशान कर रखा है। इन नेताओं का मानना है कि वर्षों तक संघर्ष करने के बाद जब उन्हें फल मिलने का समय आया तो दूसरे दलों से आए दलबदलुओं को पार्टी हाईकमान गले लगाने लग गया है।
सूत्रों के मुताबिक हथीन से पार्टी के पूर्व विधायक भगवान सहाय रावत प्रबल दावेदार हैं लेकिन कांग्रेस से आए हर्षकुमार अब इस सीट की दावेदारी कर रहे हैं। बल्लभगढ़ से शारदा राठौर के अलावा भाजपा नेता राम विलास शर्मा अपने समधी मूलचंद शर्मा की दावेदारी ठोंक रहे हैं। इस सीट पर पुराने भाजपा के नेता भी अपनी दावेदारी कर रहेहैं।
चौधरी बीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी को दिलाना चाहते हैं टिकट
कमोवेश यही स्थिति पलवल की है जहां बीजेपी नेता गिरिराज डागर दावेदार हैं लेकिन हाल ही में भाजपा में शामिल सुभाष कत्याल जो कि पूर्व मंत्री भी रह चुकेहैं, वे भी दावेदारी कर रहे हैं। चर्चा है कि कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए चौधरी बीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी को उचाना से टिकट दिलाना चाहते हैं। साथ ही उनके पास अपने 30 लोगों की भी लिस्ट है।
इसी प्रकार झज्जर से दरियाव सिंह दावेदारी कर रहे हैं, जबकि इनेलो से भाजपा में शामिल हुई कांता देवी भी यहीं टिकट मांग रही हैं। सिरसा से भाजपा के जगदीश चोपड़ा पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं जबकि दूसरा गुट कांग्रेस से आयी सुनीता सेतिया को टिकट दिलाने की तरफदारी कर रहा है। महम से भाजपा के शौरभ फरमाना के सामने दलबदल कर आए शमशेर खड़करा ने ताल ठोंक रखी है।