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हरियाणा विधानसभा: हंगामा, वाकआउट के बाद भी 9 विधेयक पारित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 30 Aug 2016 09:50 PM IST
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Assembly session
- फोटो : Amar Ujala
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हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को नौ विधेयक पारित किए गए। हालांकि, कुछ विधेयकों पर कांग्रेस के सदस्यों ने टीका-टिप्पणी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष कुछ सुझाव भी रखे। कुछ विधेयकों पर आए सुझावों को सत्ता पक्ष की ओर से मान भी लिया गया, लेकिन विधेयकों में फिलहाल सुझाव के अनुरूप बदलाव न करते हुए इन्हें ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
पारित किए गए विधेयकों में हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2016, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2016, न्यायालय फीस (हरियाणा संशोधन) विधेयक 2016, श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विधेयक 2016, हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधेयक 2016, हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2016, हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) विधेयक 2016, हरियाणा विधानसभा (सदस्य सुविधा) संशोधन विधेयक 2016 और हरियाणा राज्य विधानमंडल (निर्हरता निवारण) संशोधन विधेयक 2016 शामिल है।
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पारित किए गए विधेयकों में हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2016, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2016, न्यायालय फीस (हरियाणा संशोधन) विधेयक 2016, श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विधेयक 2016, हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधेयक 2016, हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2016, हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) विधेयक 2016, हरियाणा विधानसभा (सदस्य सुविधा) संशोधन विधेयक 2016 और हरियाणा राज्य विधानमंडल (निर्हरता निवारण) संशोधन विधेयक 2016 शामिल है।
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करण दलाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, कांग्रेस ने किया वाकआउट
Assembly session
- फोटो : Amar Ujala
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पारित हो गया। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने सोमवार को कार्यवाही के दौरान फसल बीमा योजना पर चर्चा करते हुए बीमा कंपनियों के 30 प्रतिशत कमीशन को लेकर सरकार की मंशा पर उंगली उठाई थी।
इस मामले पर सोमवार को भी सदन में काफी हंगामा हुआ था। स्पीकर ने दलाल को आरोपों के संबंध में सबूत पेश करने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते उन्होंने सदन को लिखित स्पष्टीकरण दिया। आज शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होते ही अनिल विज ने इस मामले को उठाया।
इस मामले पर सोमवार को भी सदन में काफी हंगामा हुआ था। स्पीकर ने दलाल को आरोपों के संबंध में सबूत पेश करने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते उन्होंने सदन को लिखित स्पष्टीकरण दिया। आज शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होते ही अनिल विज ने इस मामले को उठाया।
प्रश्नकाल के बाद अनिल विज ने फिर से उठाया मुद्दा
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- फोटो : Amar Ujala
संसदीय कार्यमंत्री रामबिलास शर्मा ने करण दलाल को सोमवार के घटनाक्रम पर माफी मांगने की सलाह देते हुए कहा कि अगर वह माफी मांग लें तो पूरा विवाद यहीं खत्म हो सकता है। इसके जवाब में दलाल ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान सदन में नहीं दिया है, जिसे लेकर भाजपा विधायकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
इस बीच भाजपा के कई विधायकों समेत विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने स्पीकर से आग्रह किया कि वह सोमवार की रिकार्डिंग निकलवाकर सार्वजनिक करें। विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री भी खडे़ हो गए और उन्होंने भी रिकार्डिंग और कार्यवाही निकलवाने की बात कही। बाद में पंचकूला विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने प्रस्ताव किया।
इस बीच भाजपा के कई विधायकों समेत विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने स्पीकर से आग्रह किया कि वह सोमवार की रिकार्डिंग निकलवाकर सार्वजनिक करें। विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री भी खडे़ हो गए और उन्होंने भी रिकार्डिंग और कार्यवाही निकलवाने की बात कही। बाद में पंचकूला विधायक ज्ञान चंद गुप्ता ने प्रस्ताव किया।