विधानसभा सत्र: अवधि को लेकर विपक्ष से तकरार, प्रश्नकाल नहीं होगा अबकी बार
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हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अवधि को लेकर तकरार के आसार बन गए हैं। सरकार जहां इस सत्र को कम से कम अवधि में निपटाना चाहती है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी को तैयार है। सरकारी सूत्रों की माने तो सरकार शीतकालीन सत्र को सिर्फ एक दिन की अवधि में ही खत्म करना चाहती है।
इसमें जहां कुछ महत्वपूर्ण बिलों को पारित करवाया जाएगा, वहीं पुराने मानसून सत्र के चार प्रश्नों पर भी चर्चा होगी। मगर इस शीतकालीन सत्र में कोई भी विधायक सदन में अपने हल्कों से जुड़े प्रश्न नहीं पूछ पाएंगे। क्योंकि इस बार किसी भी विधायक से किसी भी प्रश्न की मांग ही नहीं की गई है।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि सरकार इस सत्र को इमरजेंसी रूप से शार्ट नोटिस पर बुलाया गया सत्र करार देते हुए इसे कम अवधि में ही निपटाना चाहती है। जबकि विधायकों से प्रश्न पूछने के लिए कम से कम सरकार को विधानसभा सत्र की घोषणा 15 दिन पहले करनी पड़ती। ताकि विधायक अपने हलकों से जुड़े सवाल भेज सकें और उन प्रश्नों का जवाब देने के लिए सरकार अपनी तैयारी कर सके। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ।
अवधि तय करने को कल ही बैठक, कल ही सत्र
सत्र कितने दिन तक चलेगा इसकी अवधि तय करने के लिए बिजजेस एडवाइजरी की बैठक 28 दिसंबर को सुबह साढ़े नौ बजे तय हुई है। इसमें सीएम समेत नेता प्रतिपक्ष, सीएलपी लीडर, विधानसभा स्पीकर समेत संसदीय कार्यमंत्री मौजूद रहेंगे। विपक्ष दबाव बनाएगा कि शीतकालीन सत्र लंबा चलाया जाए, ताकि जनता से जुड़े अहम मुद्दों और समस्याओं पर सदन पर चर्चा हो सके। इसी बैठक के तुरंत बाद 11 बजे से शीतकालीन विधानसभा सत्र भी शुरू हो जाएगा।
सरकार के पास गिनाने को कोई उपलब्धि नहीं इसलिए लंबे सत्र से बच रही: हुड्डा
इसी मसले पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब कोई आदमी मकान खाली करता है तो वह भागता है। यही हाल सरकार का है। सरकार भागने की तैयारी में है। सरकार के पास गिनाने को कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए सरकार लंबे विधानसभा सत्र से बच रही है। उनके अनुसार कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार जानबूझकर इस सत्र को एक ही दिन में निपटाने की कोशिशों में लगी हुई है।
मुद्दों से भाग रही सरकार: अभय
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि सरकार इस विधानसभा सत्र को एक ही दिन में खत्म करना चाहती है। इससे ये साबित हो गया है कि सरकार मुद्दों से भाग रही है। सरकार नहीं चाहती कि जनता से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में कोई चर्चा हो। इसलिए सरकार सत्र को एक ही दिन चलाने के पक्ष में है। लेकिन बिजनेस एडवाइजरी की कमेटी में सरकार के इस रवैया का विरोध किया जाएगा।
डीजीपी के चयन संबंधी बिल होगा पारित
इस विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार कुछ महत्वपूर्ण बिलों को पारित करवाना चाहती है। इसमें सबसे अहम बिल डीजीपी की नियुक्ति संबंधी रहेगा। इसके अंतर्गत पुलिस एक्ट में संशोधन कर प्रदेश स्तर पर ही एक आयोग गठित किया जाएगा। जो डीजीपी का चयन करेंगे। डीजीपी के चयन के लिए सरकार को अब यूपीएससी को आईपीएस के पैनल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार अपने स्तर पर ही इसका चयन कर सकेगी। इसके अलावा एक बिल किसी यूनिवर्सिटी का नाम प्रख्यात लोक कलाकार पंडित लख्मी चंद के नाम पर रखने और एक बिल रेरा से संबंधित लाया जाएगा।