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कई मायनों में एतिहासिक रहा मानसून सत्र, पहली बार सीएम की गैरमौजूदगी में दुष्यंत ने संभाला मोर्चा

Wed, 26 Aug 2020 09:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Aug 2020 09:22 PM IST
सार

  • गृह मंत्री अनिल विज व संसदीय कार्यमंत्री कंवर पाल भी रहे मुखर
  • प्रश्नकाल न शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी टले, दो घंटे 48 मिनट चली कार्यवाही

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Haryana Assembly Monsoon season is historic in many aspect
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र। - फोटो : हरियाणा डीपीआर।

विस्तार

कोराना के बीच हुआ हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र कई मायनों में एतिहासिक रहा। सदन का नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था। सीएम की गैर मौजूदगी में डिप्टी सीएम सदन के नेता व स्पीकर की अनुपस्थिति में डिप्टी स्पीकर कार्यवाहक स्पीकर की भूमिका में रहे। दोनों ने अपना दायित्व बखूबी निभाया। यह सब पहली बार हरियाणा विधानसभा के इतिहास में हुआ। दर्शक दीर्घा में विधायक भी पहली बार ही बैठे। एक सीट पर एक ही विधायक मौजूद रहा। स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों व सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया।

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सीएम मनोहर लाल कोराना से ग्रसित हैं। उनकी जगह डिप्टी सीएम ने सदन में मोर्चा संभाला। विपक्ष के सवालों व आरोपों का मजबूती के साथ जवाब दिया। उन्हें गृह मंत्री अनिल विज और संसदीय कार्यमंत्री कंवर पाल का पूरा साथ मिला। डिप्टी सीएम के साथ दोनों मुखर रहे। सदन की कार्यवाही 2 घंटे 48 मिनट चली। दोपहर बाद दो बजे से शाम चार बजकर 48 मिनट तक सदन चला। सदन की कार्यवाही को इसके बाद स्थगित कर दिया गया। सरकार कोरोना के हालात सामान्य होने पर दोबारा से सत्र बुलाएगी।

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ऐसा भी पहली बार हुआ जब सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल नहीं रखे गए। प्रश्नों का लिखित जवाब विधायकों को भेजा गया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हुई। कांग्रेस व इनेलो के तीस अन्य ध्यानाकर्षण प्रस्तावों व चार काम रोको प्रस्ताव पर अब आगामी सत्र में विचार किया जाएगा। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता के कोरोना संक्रमित होने के कारण कार्यवाहक स्पीकर का दायित्व निभा रहे डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा पूरे रंग में दिखे।

कांग्रेस और इनेलो ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन विधानसभा नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्षी विधायकों की एक न चलने दी। इनेलो विधायक अभय चौटाला की तो गंगवा के साथ तीखी बहस हुई। चौटाला ने उन पर अनेक आरोप लगाए लेकिन कार्यवाहक स्पीकर नियमों को आधार बनाकर डटे रहे और उनके दबाव में नहीं आए। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल व अन्य कांग्रेसी विधायकों ने भी स्पीकर से काफी बहस की।

किरण चौधरी समेत कुछ विधायक सत्र से गैरहाजिर भी रहे। कोरोना संक्रमित होने के कारण परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा, कृषि मंत्री जेपी दलाल, भाजपा विधायक हरविंद्र कल्याण, लक्ष्मण नापा, असीम गोयल, रामकुमार कश्यप सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाए। अधिकारी दीर्घा में भी एक कुर्सी पर एक ही अफसर बैठा। उनके बगल की कुर्सी पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बना हुआ था। सभी विधायकों को दस्ताने, सैनिटाइजर व जूते के ऊपर पहनने के लिए कवर दिए गए थे। सीएम की सीट खाली रही। कार्यवाहक स्पीकर रणबीर गंगवा डिप्टी स्पीकर वाले आसन पर ही विराजमान हुए। 

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