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कब बनेगा मनेठी में एम्स: स्वास्थ्य मंत्री विज बोले- 200 एकड़ भूमि एकमुश्त मिलने पर ही होगा निर्माण

Wed, 04 Mar 2020 10:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Mar 2020 10:14 PM IST
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Haryana assembly, Health Minister Anil Vij, Manethi AIIMS
हरियाणा विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के मनेठी में एम्स निर्माण का रास्ता 200 एकड़ भूमि एकमुश्त मिलने पर ही साफ होगा। केंद्र सरकार ने जिला रेवाड़ी के गांव मनेठी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना की घोषणा की है।

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प्रदेश सरकार पोर्टल पर भूमि उपलब्ध होते ही उसे खरीद कर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को एम्स की स्थापना के लिए सौंपेगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव के एम्स पर लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी। उनकी और राव की नोकझोंक भी हुई।
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राव ने कहा कि सरकार भूमि जल्दी हासिल कर इसका निर्माण कराए। एम्स घोषणा के दो साल बाद भी नहीं बना, जबकि अन्य राज्यों में इसके साथ हुई एम्स की घोषणाओं पर अमल शुरू हो गया है। भाजपा ने एम्स के नाम पर वोट ले लिए। अगर एम्स की घोषणा न की होती तो रेवाड़ी जिले में भाजपा की एक सीट न आती। इस पर विज ने कहा कि विधायक एम्स की स्थापना के लिए धरातल पर काम करें। लोगों को भूमि देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 

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विज ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 4 जुलाई, 2015 को बावल, जिला रेवाड़ी में एक जनसभा में ग्राम मनेठी में एम्स की स्थापना की घोषणा की थी। एम्स की स्थापना डॉक्टरों की मौजूदा कमी कम होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने पहली फरवरी, 2019 को अपने बजट भाषण में हरियाणा को देश का 22वां नया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देने की घोषणा की थी। 

5 फरवरी, 2019 को पत्र जारी कर हरियाणा सरकार ने एम्स की स्थापना के लिए पेश की गई जमीन की स्वीकृति प्रदान की। ग्राम पंचायत मनेठी की 224 एकड़ 7 कनाल 7 मरला भूमि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान और अनुसंधान संस्थान मनेठी रेवाड़ी की स्थापना के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को 99 वर्ष की अवधि के लिए एक रुपये प्रतिवर्ष प्रति एकड़ की दर से पट्टे पर दे दी गई।

चिह्नित स्थल का भूमि उपयोग अरावली वृक्षारोपण योजना के अंर्तगत गैर कृषि था इसलिए वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत उक्त भूमि की मंजूरी आवश्यक थी। जोकि नहीं मिली। डीसी रेवाड़ी ने ग्राम मनेठी और ग्राम माजरा मुस्तिल भलखी में निजी भूमि मालिकों के स्वामित्व वाली 947 एकड़ व 891 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भेजा है, जिसे रेवाड़ी में एम्स बनाने के लिए ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। किसानों व भूमि मालिकों से भूमि की पेशकश नियमित रूप से पोर्टल पर प्राप्त हो रही है। कुल 134 आवेदन (लगभग 136 एकड़ भूमि) ई-भूमि पोर्टल पर प्राप्त हो चुके है। 

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