चुनाव आयोग के 5 स्पेशल इंतजाम
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मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि चुनाव में शराब बांटने और प्रत्याशियों के खर्च पर निगरानी के लिए 270 उड़नदस्ते और 270 निगरानी टीमें गठित की गई हैं।
अब तक हरियाणा में अलग अलग टीमों की ओर से करीब पौने दो करोड़ रुपये की अफीम और चूरा पोस्त पकड़ा गया है, जबकि 6 करोड़ रुपये की शराब पकड़ी जा चुकी है। वे शनिवार को यहां चुनावी तैयारी और समीक्षा के लिए अधिकारियों संग बैठक काने यहां आए थे।
बैठक के बाद वीएस संपत ने प्रेसवार्ता कर बताया कि कानून एवं व्यवस्था पर नजर बनाए रखने के लिए पहली बार पांच पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा 46 सामान्य आब्जर्वर, 21 चुनावी आब्जर्वर तथा 10 मतदाता जागरूकता आब्जर्वर भी तैनात होंगे।
अधिकारियों से बैठक करने से पहले राजनीतिक दलों के साथ भी बैठक की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 16357 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस बार अति संवेदनशील केंद्रों की संख्या संवेदनशील से भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2665 संवेदनशील और 2700 अति संवेदनशील केंद्रों के रूप में पहचान की गई है। इस मौके पर पर केंद्रीय चुनाव आयुक्त डॉ एस एन ए जैदी, उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा, महानिदेशक पीके दास, हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद भी मौजूद थे।
पेड न्यूज चुनाव खर्च में होगी शामिल
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अब तक प्रचार अभियान में विज्ञापन के रूप में समाचारों के संबंध में चुनाव आयोग के पास पेड न्यूज की 32 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 26 शिकायतें सही पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि पेड न्यूज को उम्मीदवार के चुनाव खर्च में शामिल किया जाएगा। जिलास्तर पर भी निगरानी टीमें गठित की गई हैं।
सभी के घर पहुंचेगा फोटोयुक्त मतदान पर्ची
वीएस संपत ने बताया कि चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं को निर्वाचन विभाग की ओर से फोटोयुक्त मतदान स्लिप घर पर ही उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इसे पहचान पत्र के रूप में भी मान्य समझा जाएगा। चुनाव में 80 केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कंपनियां उपलब्ध कराई जा रही है।
उम्मीदवारों को एकल खिड़की की सुविधा
उम्मीदवारों की सुविधा के लिए एकल खिड़की की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें सभी संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। उम्मीदवारों को रैलियां, हैलीकॉप्टर के उपयोग तथा वाहनों के प्रयोग की अनुमति प्रदान की जाएगी। 90 विधानसभा सीटों के लिए कुल 1351 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
मतदाताओं के लिए बिछेगा रेड कारपेट
वोटिंग जागरूकता के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में पांच माडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। इन मॉडल बूथों पर मतदाताओं के लिए रेड कारपेट बिछाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र में इन 5 बूथों की पहचान कर ली है जिसे माडल बनाया जाना है। वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए ऐसा कदम उठाया जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार 90 सीटों के लिए करीब 500 पोलिंग मॉडल बूथ बनाने का प्रस्ताव है। चुनाव आयोग के अनुसार यह पोलिंग बूथ पक्की इमारतों पर ही बनाया जा सकता है। सबसे पहले साल 2013 में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार माडल पोलिंग बूथ बनाए गए थे।
उस समय हर जिले में कम से कम एक माडल पोलिंग बूथ का चयन किया गया था। भारतीय चुनाव आयोग के निर्देश पर स्थानीय आयोग ने मॉडल पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। यह बूथ ऐसी जगह पर होंगे जहां पर मतदाता आसानी से पहुंच सकेंगे। मतदान केन्द्र के बाहर स्थापित हैल्पडैस्क पर उपलब्ध रहेंगे।
ये सुविधाएं भी वोटर्स को मिलेंगी
- पोलिंग बूथ पर कुर्सियों की व्यवस्था होगी
- गर्भवती महिला को अलग से वोट डालने की व्यवस्था
- ब्लाइंड और बुजुर्ग को मतदान करने की प्राथमिकता
- पानी, रोशनी और पंखे की व्यवस्था
- वोटरो को वोटर स्लिप मिलने में कोई असुविधा में नहीं होगी
- साफ सफाई की समुचित व्यवस्था होगी
- पहली बार वोट डालने आए मतदाताओं का विशेष ख्याल रखा जाएगा
- इन बूथ में तैनात कर्मचारियों का व्यवहार मतदाता के प्रति काफी साहनुभूति वाला होगा, वोट डालने के लिए धन्यावाद भी किया जाएगा
- पोलिंग बूथ के भवन देखने में सुंदर और आर्कषक होंगे
- बूथ पर डिस्प्ले बोर्ड लगे होंगे जिसमे विधानसभा क्षेत्र का नाम अंकित होगा
- इन बूथों में साफ सुथरे शोचाल्य की भी व्यवस्था होगी
- प्रदेश में करीब 500 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जा रहे हैं जहां पर मतदाताओं का विशेष ख्याल रखा जाएगा।