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हरियाणा विधानसभा चुनावी रणक्षेत्र में मुकाबले से पहले मचा टिकट का घमासान, हो रही जबरदस्त लॉबिंग
Thu, 19 Sep 2019 11:26 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 19 Sep 2019 11:26 AM IST
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मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे विभिन्न सियासी दलों में मुकाबले से पहले टिकट के लिए घमासान जारी है। भाजपा, कांग्रेस हो या फिर अन्य सियासी दल सभी को हर सीट पर जिताऊ चेहरे की तलाश है। राजनीतिक पार्टियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि ऐसे प्रत्याशी को ही मैदान में उतारा जाए, जो जीत का दम रखता हो।
मगर दावेदारों की साइड से देखें तो चुनाव लड़ने के लिए टिकट का हर तलबगार खुद को ‘उन्नीस’ मानने को तैयार नहीं है। हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, जजपा, आप, बसपा व अन्य दल प्रत्याशियों की तलाश या फिर उनके नाम फाइनल करने की एक्सरसाइज में जुटे हैं।
चुनावी बिगुल बजते ही संभवत : टिकट फाइनल करने की यह कसरत और तेज हो जाएगी। जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से ये पार्टियां सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगी।
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मगर दावेदारों की साइड से देखें तो चुनाव लड़ने के लिए टिकट का हर तलबगार खुद को ‘उन्नीस’ मानने को तैयार नहीं है। हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, जजपा, आप, बसपा व अन्य दल प्रत्याशियों की तलाश या फिर उनके नाम फाइनल करने की एक्सरसाइज में जुटे हैं।
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चुनावी बिगुल बजते ही संभवत : टिकट फाइनल करने की यह कसरत और तेज हो जाएगी। जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से ये पार्टियां सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगी।
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भाजपा : किसी सीट पर 18 से अधिक, तो कहीं 1 ही मैदान
इस वक्त जैसा माहौल बना हुआ है, उसमें सबसे ज्यादा चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार भाजपा में ही दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के अपने दावेदार नेता व कार्यकर्ता हों, या फिर दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने वाले, सभी विभिन्न सीटों से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा पाले हुए हैं। मोदी लहर में वे अपनी जीत की भी प्रबल संभवनाएं भी मानकर चल रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आलम यह है कि कुछ सीटों पर 18 से अधिक दावेदार हैं, जो भाजपा की टिकट मांग रहे हैं। मगर कुछ मंत्रियों व विधायकों की सीटें ऐसी भी हैं, जहां उनके मुकाबले कोई दूसरा दावेदार मैदान में नहीं है। इसके अलावा कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां स्थानीय भाजपा नेताओं ने अपने ही विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस बार प्रत्याशी बदले जाने की मांग की है।
इसके लिए स्थानीय भाजपा नेताओं ने मौजूदा विधायक के खिलाफ शिकायत के रूप में भाजपा के प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व को पत्र भी लिखें हैं। बहरहाल, सभी दावेदारों और शिकवे-शिकायतों को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपना पैनल तैयार कर रही है। लेकिन यह तय है कि भाजपा की टिकट उसे ही मिलेगी, जो सीएम मनोहर की पसंद होगा और उसके नाम पर संघ की सहमति होगी।
इस पर विचार करने के लिए संभवत : 21 सितंबर को भाजपा चुनाव समिति की बैठक भी हो सकती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आलम यह है कि कुछ सीटों पर 18 से अधिक दावेदार हैं, जो भाजपा की टिकट मांग रहे हैं। मगर कुछ मंत्रियों व विधायकों की सीटें ऐसी भी हैं, जहां उनके मुकाबले कोई दूसरा दावेदार मैदान में नहीं है। इसके अलावा कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां स्थानीय भाजपा नेताओं ने अपने ही विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस बार प्रत्याशी बदले जाने की मांग की है।
इसके लिए स्थानीय भाजपा नेताओं ने मौजूदा विधायक के खिलाफ शिकायत के रूप में भाजपा के प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व को पत्र भी लिखें हैं। बहरहाल, सभी दावेदारों और शिकवे-शिकायतों को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपना पैनल तैयार कर रही है। लेकिन यह तय है कि भाजपा की टिकट उसे ही मिलेगी, जो सीएम मनोहर की पसंद होगा और उसके नाम पर संघ की सहमति होगी।
इस पर विचार करने के लिए संभवत : 21 सितंबर को भाजपा चुनाव समिति की बैठक भी हो सकती है।
कांग्रेस : स्क्रीनिंग कमेटी गठित, लॉबिंग में जुटे दावेदार
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस को नया प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व सीएम हुड्डा को चुनाव की कमान मिलने के बाद कांग्रेसियों में एक अलग सा उत्साह देखा जा रहा है। कांग्रेस के पास भी चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की संख्या कम नहीं है। हर सीट पर दावेदार अपनी ताल ठोंकते हुए हाईकमान तक टिकट के लिए लॉबिंग में जुटे हैं।
कांग्रेस के मौजूदा 16 विधायकों को दोबारा टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि अन्य सीटों के लिए भी कांग्रेस को दमदार जीताऊ चेहरा चाहिए। इसके लिए कांग्रेस एक पूरी प्रक्रिया अपनाने वाली है। उधर, कांग्रेस ने मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी पहले ही गठित कर दी है।
पूर्व सीएम हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा भी इसके सदस्य हैं, जाहिर सी बात दोनों का ‘आशीर्वाद’ जिस दावेदार पर होगा, टिकट उसे ही मिलेगी।
कांग्रेस के मौजूदा 16 विधायकों को दोबारा टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि अन्य सीटों के लिए भी कांग्रेस को दमदार जीताऊ चेहरा चाहिए। इसके लिए कांग्रेस एक पूरी प्रक्रिया अपनाने वाली है। उधर, कांग्रेस ने मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी पहले ही गठित कर दी है।
पूर्व सीएम हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा भी इसके सदस्य हैं, जाहिर सी बात दोनों का ‘आशीर्वाद’ जिस दावेदार पर होगा, टिकट उसे ही मिलेगी।
कई दलों को प्रत्याशियों की तलाश
भाजपा और कांग्रेस के अलावा इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो), जननायक जनता पार्टी (जजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप) व स्वराज इंडिया पार्टी समेत अन्य क्षेत्रीय दलों ने सभी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाले दावेदारों के नाम मांगे हैं।
सभी दलों ने इसके लिए अपनी-अपनी व्यवस्था अनुसार प्रत्याशी परख समिति, चयन समितियां गठित कर रखी है। कुछ दल दावेदारों के इंटरव्यू ले रहे हैं। स्वराज इंडिया पार्टी को अपने बीस और जजपा अपने सात प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है। मगर सूत्रों की मानें तो कुछ दल ऐसे भी हैं, जिन्हे प्रत्याशियों की तलाश है। सभी सीटों के लिए उन्हे योग्य प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे हैं।
सभी दलों ने इसके लिए अपनी-अपनी व्यवस्था अनुसार प्रत्याशी परख समिति, चयन समितियां गठित कर रखी है। कुछ दल दावेदारों के इंटरव्यू ले रहे हैं। स्वराज इंडिया पार्टी को अपने बीस और जजपा अपने सात प्रत्याशियों की घोषणा भी कर चुकी है। मगर सूत्रों की मानें तो कुछ दल ऐसे भी हैं, जिन्हे प्रत्याशियों की तलाश है। सभी सीटों के लिए उन्हे योग्य प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे हैं।