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कार्रवाईः हरियाणा विस चुनाव से पहले वाड्रा की फर्म को भूमि विकास के लिए मिला लाइसेंस होगा रद्द
Fri, 20 Sep 2019 09:33 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Sep 2019 09:33 AM IST
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रॉबर्ट वाड्रा
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हरियाणा सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा को तगड़ा झटका दिया है। सरकार वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को भूमि विकास के लिए मिले लाइसेंस को रद्द करने जा रही है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हरियाणा विकास, विनियमन और शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के तहत लाइसेंस रद्द करने की औपचारिकताएं विभाग ने पूरी कर ली हैं। प्रक्रिया के तहत कॉलोनाइजर को नोटिस देकर उसका पक्ष भी सुना जा चुका है। विभाग के निदेशक केएम पांडुरंग ने कहा कि लाइसेंस रद्द करने के लिए प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं।
लाइसेंस धारक का पक्ष सुना जा चुका है, अब अंतिम निर्णय लेना है। गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित शिकोहपुर गांव में जिस भूमि के लिए स्काईलाइट कंपनी को लाइसेंस मिला था, उसने वह भूमि आगे डीएलएफ को बेच दी और लाइसेंस भी रिन्यू नहीं कराया। इसलिए उस लाइसेंस को रद्द (डीमड टू हेव लैप्सड) माना जाएगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अधिनियम के तहत कार्रवाई कर फाइल अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेज दी है।
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हरियाणा विकास, विनियमन और शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के तहत लाइसेंस रद्द करने की औपचारिकताएं विभाग ने पूरी कर ली हैं। प्रक्रिया के तहत कॉलोनाइजर को नोटिस देकर उसका पक्ष भी सुना जा चुका है। विभाग के निदेशक केएम पांडुरंग ने कहा कि लाइसेंस रद्द करने के लिए प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं।
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लाइसेंस धारक का पक्ष सुना जा चुका है, अब अंतिम निर्णय लेना है। गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित शिकोहपुर गांव में जिस भूमि के लिए स्काईलाइट कंपनी को लाइसेंस मिला था, उसने वह भूमि आगे डीएलएफ को बेच दी और लाइसेंस भी रिन्यू नहीं कराया। इसलिए उस लाइसेंस को रद्द (डीमड टू हेव लैप्सड) माना जाएगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अधिनियम के तहत कार्रवाई कर फाइल अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेज दी है।
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ये है स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का मामला
वर्ष 2007 में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी कंपनी ने गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के जरिए साढ़े 3 एकड़ जमीन खरीदी। इस कंपनी के निदेशक रॉबर्ट वाड्रा हैं। आरोप है कि उस दौरान हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नियमों को ताक पर रखते हुए इस जमीन को कॉमर्शियल बना दिया। इसके बाद डीएलएफ ने स्काईलाइट कंपनी को करोड़ों का फायदा पहुंचाते हुए ये जमीन 58 करोड़ रुपये में खरीद ली।
इसे लेकर पुलिस में मामला दर्ज है। सुरेंद्र कुमार ने गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई है। बीते जनवरी में ईडी इस मामले में स्काईलाइट कंपनी व पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर चुकी है। पुलिस के अनुसार कंपनी ने जब रजिस्ट्री करवाई, उस समय उसकी वर्थ एक लाख रुपये थी और कंपनी के अकाउंट में पैसे भी नहीं थे। रजिस्ट्री के दौरान जो चेक लगाए गए, वह भी कहीं पर कैश नहीं हुए।
खेमका ने 2012 में रद्द कर दिया था डीएलएफ लैंड डील का इंतकाल
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अनुसार 2012 में महानिदेशक चकबंदी अशोक खेमका ने स्काईलाइट और डीएलएफ के बीच हुई लैंड डील का इंतकाल रद्द कर दिया था। उन्होंने लैंड डील के टाइटल में कुछ समस्याएं होने को आधार बनाया था। इसके बाद ही डॉ. अशोक खेमका सुखिर्यों में आए थे।
इसे लेकर पुलिस में मामला दर्ज है। सुरेंद्र कुमार ने गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई है। बीते जनवरी में ईडी इस मामले में स्काईलाइट कंपनी व पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर चुकी है। पुलिस के अनुसार कंपनी ने जब रजिस्ट्री करवाई, उस समय उसकी वर्थ एक लाख रुपये थी और कंपनी के अकाउंट में पैसे भी नहीं थे। रजिस्ट्री के दौरान जो चेक लगाए गए, वह भी कहीं पर कैश नहीं हुए।
खेमका ने 2012 में रद्द कर दिया था डीएलएफ लैंड डील का इंतकाल
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अनुसार 2012 में महानिदेशक चकबंदी अशोक खेमका ने स्काईलाइट और डीएलएफ के बीच हुई लैंड डील का इंतकाल रद्द कर दिया था। उन्होंने लैंड डील के टाइटल में कुछ समस्याएं होने को आधार बनाया था। इसके बाद ही डॉ. अशोक खेमका सुखिर्यों में आए थे।