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टिकट देने से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं दिग्गज

Mon, 08 Sep 2014 02:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 08 Sep 2014 02:12 PM IST
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haryana assembly election, big leaders think damage control

हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। पार्टी हाईकमान को इस बात की आशंका सता रही है कि टिकट वितरण के बाद असंतुष्ट नेता नाराज होकर दूसरे दल का दामन न थाम ले। इस भगदड़ से निपटने के लिए सभी दलों में मंथन का दौर जारी है। हालांकि चुनाव की अधिसूचना से पहले ही कई दलों के दिग्गज पाला बदल चुके हैं।

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फिलहाल राजनीतिक दल इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि जिन नेताओं को टिकट नहीं मिलेगा उन्हें पार्टी में क्या भरोसा देकर रोका जाए। दूसरी तरफ जो नेता चुनाव लड़ने का पूरा मूड बना चुके हैं। ऐसे नेताओं के दलबदल से इनकार नहीं किया जा सकता। छोटे दलों की नजर ऐसे असंतुष्टों पर है जो टिकट न मिलने की स्थिति में उनके पास आ सकते हैं।

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भाजपा में सबसे ज्यादा दावेदार

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भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक है। अब तक करीब छह दर्जन नेता भाजपा का दामन थाम चुके हैं। इनमें से अधिकतर चुनाव लड़ने के मूड में हैं। पार्टी नहीं चाह रही कि किसी का टिकट कटने की स्थिति में किसी तरह का डैमेज हो।

लिहाजा डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए रणनीति तैयार हो रही है। उधर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही कह चुके हैं कि सिटिंग एमएलए अपना टिकट पक्का न समझें। हालांकि बीरेंद्र सिंह के जाने के बाद कांग्रेस में डैमेज हो चुका है, लेकिन फिर भी पार्टी इस बात को लेकर चिंतित है कि और डैमेज न हो।

वर्करों को प्राथमिकता देगी बीजेपी

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-मोटे तौर पर बीजेपी ने उन विधानसभा क्षेत्रों में किसी को टिकट न देने का मन बनाया है। जहां पर भाजपा के खुद के मजबूत कार्यकर्ता मौजूद हैं। ऐसे अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने किसी दूसरे दल के मजबूत नेता को ज्वाइन भी नहीं करवाया है।

इसके अलावा जहां भाजपा मजबूत नहीं वहां पर दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को टिकट मिल सकता है। जिसमें कई नेताओं ने खुद की और अपने करीबियाें की सूची पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सौंप दी है।

हालांकि भाजपा अपने पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट देने की वकालत कर रही है, लेकिन कई सारे धन कुबेर भी पार्टी में टिकट के लिए सक्रिय हैं। जिसमें फरीदाबाद और गुड़गांव के कुछ बिल्डर भी शमिल हैं।

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हजकां इन सीटों पर लगा रही पूरा जोर

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हजकां ने सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की घोषणा की है, लेकिन पार्टी का ज्यादा जोर पंचकूला, कालका, साढौरा, नीलोखेड़ी, समालखा, घरौंडा, असंध, इंद्री, करनाल, पुंडरी, आदमपुर, हिसार, हांसी, बुवानीखेड़ा, बरवाला, अटेली, सोहना, फतेहाबाद सीटों पर है।

इनेलो में बिखराव से नेतृत्व चिंतित
इंडियन नेशनल लोकदल में अभी टिकट वितरण के बाद भगदड़ मच चुकी है। पार्टी में पहली बार हुए बिखराव को लेकर नेतृत्व चिंतित है। लिहाजा इस बात से उबरने का तरीका ढूंढा जा रहा है।

सभी दलों की निगाह भाजपा की रणनीति पर:
हरियाणा में नई बनी पार्टियों के पास सभी नब्बे विधानसभा सीटों पर मजबूत प्रत्याशी नहीं, लिहाजा भाजपा के टिकट वितरण पर इन दलों की नजर है। पार्टियों का सोचना है कि टिकट वितरण के बाद भगदड़ मचे तो कुछ लोगों को शामिल कर उन्हें टिकट दिया जाए।

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