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Haryana Congress: हुड्डा की चली... सैलजा की भी सुनी, जाट और दलितों को बराबर तवज्जो; इसलिए होल्ड कीं बाकी सीटें
Sat, 07 Sep 2024 11:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 07 Sep 2024 11:28 AM IST
सार
कांग्रेस की दिग्गजों को साधने की कोशिश है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा चहेतों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे। कांग्रेस हाईकमान चार दागी विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में था लेकिन हुड्डा ने पक्ष लिया और उन्हें टिकट दिलाया।
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Haryana Assembly Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांग्रेस हाईकमान ने 32 प्रत्याशियों की पहली सूची में हरियाणा में धड़ों में बंटे दिग्गज नेताओं को साधने की कोशिश की है। अलग-अलग खेमों में बंटे सभी विधायकों को दोबारा टिकट देकर पार्टी नेतृत्व ने किसी भी बड़े नेता को नाराज नहीं किया है। प्रदेश के 28 विधायकों में से अधिकतर हुड्डा खेमे में हैं, जबकि कुछ विधायक कुमारी सैलजा और सुरजेवाला गुट में शामिल हैं।
भाजपा में पहली सूची जारी होने के बाद से हुई बगावत से सबक लेते हुए कांग्रेस ने छोटी सूची जारी की है। मौजूदा विधायकों की सीट पर कोई विवाद नहीं है। इसलिए पार्टी नेतृत्व ने सीटिंग गेटिंग का फार्मूला अपनाया है। कांग्रेस हाईकमान के सभी गुटों को साधने का नीति अपनाने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा अपने चेहते नेताओं को टिकट दिलाने में कामयाब रहे।
21 अगस्त को ही कांग्रेस में शामिल हुए जजपा के बागी विधायक रामकरण काला और सात मई को भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को देने वाले धर्मपाल गोंदर को हुड्डा की सिफारिश पर ही टिकट मिला है। इन दोनों नेताओं ने हुड्डा की अगुवाई में पार्टी का दामन थामा था। सात घंटे पहले पार्टी में शामिल हुईं विनेश फोगाट को टिकट दिलाने में भी हुड्डा का अहम रोल रहा है।
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इनके अलावा हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया और स्क्रीनिंग कमेटी दागियों व विवादित विधायकों के टिकट काटने के हक में थे, लेकिन यहां पर भी हुड्डा ने चारों दागी विधायकों को लेकर पार्टी हाईकमान के सामने मजबूती से पक्ष रखा था। हुड्डा के इस फैसले पर भी हाईकमान ने मुहर लगाई और जेल में बंद सुरेंद्र पंवार समेत धर्म सिंह छौक्कर, राव दान सिंह और मामन खान को भी टिकट दे दी।
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भाजपा में पहली सूची जारी होने के बाद से हुई बगावत से सबक लेते हुए कांग्रेस ने छोटी सूची जारी की है। मौजूदा विधायकों की सीट पर कोई विवाद नहीं है। इसलिए पार्टी नेतृत्व ने सीटिंग गेटिंग का फार्मूला अपनाया है। कांग्रेस हाईकमान के सभी गुटों को साधने का नीति अपनाने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा अपने चेहते नेताओं को टिकट दिलाने में कामयाब रहे।
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21 अगस्त को ही कांग्रेस में शामिल हुए जजपा के बागी विधायक रामकरण काला और सात मई को भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को देने वाले धर्मपाल गोंदर को हुड्डा की सिफारिश पर ही टिकट मिला है। इन दोनों नेताओं ने हुड्डा की अगुवाई में पार्टी का दामन थामा था। सात घंटे पहले पार्टी में शामिल हुईं विनेश फोगाट को टिकट दिलाने में भी हुड्डा का अहम रोल रहा है।
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इनके अलावा हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया और स्क्रीनिंग कमेटी दागियों व विवादित विधायकों के टिकट काटने के हक में थे, लेकिन यहां पर भी हुड्डा ने चारों दागी विधायकों को लेकर पार्टी हाईकमान के सामने मजबूती से पक्ष रखा था। हुड्डा के इस फैसले पर भी हाईकमान ने मुहर लगाई और जेल में बंद सुरेंद्र पंवार समेत धर्म सिंह छौक्कर, राव दान सिंह और मामन खान को भी टिकट दे दी।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी मनी लांड्रिंग समेत कई केस दर्ज हैं। इसके पीछे एक तर्क यह भी है कि पार्टी ने सभी आरोपी विधायकों को टिकट देकर जनता को संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा सरकार ने उन्हें गलत फंसाया है और पार्टी उनके साथ खड़ी है।
बबली को इनकार, गोंदर, काला और विनेश के लिए तोड़ा नियम
कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला की अगुवाई में शामिल हुए किसी भी नेता को पहली सूची में टिकट नहीं दिया गया है। लोकसभा चुनाव में सैलजा की खुलकर मदद करने वाले देवेंद्र बबली टोहाना से टिकट मांग रहे थे, लेकिन बाबरिया ने उनको टिकट देने से साफ इनकार कर दिया था और कहा कि एक साल के अंदर शामिल हुए नेताओं को पार्टी टिकट नहीं देगी, लेकिन गोंदर, रामकरण काला और विनेश फोगाट के मामले में यह नियम तोड़ दिया।
कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला की अगुवाई में शामिल हुए किसी भी नेता को पहली सूची में टिकट नहीं दिया गया है। लोकसभा चुनाव में सैलजा की खुलकर मदद करने वाले देवेंद्र बबली टोहाना से टिकट मांग रहे थे, लेकिन बाबरिया ने उनको टिकट देने से साफ इनकार कर दिया था और कहा कि एक साल के अंदर शामिल हुए नेताओं को पार्टी टिकट नहीं देगी, लेकिन गोंदर, रामकरण काला और विनेश फोगाट के मामले में यह नियम तोड़ दिया।
सैलजा समर्थित विधायकों को भी टिकट
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा के समर्थन वाले चार विधायकों को भी कांग्रेस ने टिकट दिया है। इनमें कालका से प्रदीप चौधरी, नारायणगढ़ से शैली गुर्जर, असंध से शमशेर सिंह गोगी और सढौरा से रेणु बाला शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कई हलकों में अपने नेताओं के नाम की सिफारिश की हुई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा के समर्थन वाले चार विधायकों को भी कांग्रेस ने टिकट दिया है। इनमें कालका से प्रदीप चौधरी, नारायणगढ़ से शैली गुर्जर, असंध से शमशेर सिंह गोगी और सढौरा से रेणु बाला शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कई हलकों में अपने नेताओं के नाम की सिफारिश की हुई है।
अधिक दावेदारों वाली सीटें की होल्ड
कांग्रेस ने अधिक दावेदारों वाली सीटों पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, ताकि शुरुआत में ही विवाद न हो। भाजपा से टिकट कटने के बाद कांग्रेस का दामन थामने वाले रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा का नाम पहली सूची में नहीं आया है। वहीं, जजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह समेत अन्य नेताओं को भी अगली सूची का इंतजार करना होगा। पंचकूला की सीट भी होल्ड कर ली गई है। यहां से पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन के अलावा पवन बंसल के बेटे भी दौड़ में हैं।
कांग्रेस ने अधिक दावेदारों वाली सीटों पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, ताकि शुरुआत में ही विवाद न हो। भाजपा से टिकट कटने के बाद कांग्रेस का दामन थामने वाले रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा का नाम पहली सूची में नहीं आया है। वहीं, जजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह समेत अन्य नेताओं को भी अगली सूची का इंतजार करना होगा। पंचकूला की सीट भी होल्ड कर ली गई है। यहां से पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन के अलावा पवन बंसल के बेटे भी दौड़ में हैं।
जाट और अनुसूचित जाति को बराबर तवज्जो
कांग्रेस ने पहली सूची में जाट समाज से 9, अनुसूचित जाति से 9, ओबीसी से 7 (गुर्जर 3, यादव 2, सैनी 1, तेली 1), जट सिख समाज से 1, पंजाबी समाज से 1, ब्राह्मण समाज से 2 और मुस्लिम समाज से 3 प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं।
कांग्रेस ने पहली सूची में जाट समाज से 9, अनुसूचित जाति से 9, ओबीसी से 7 (गुर्जर 3, यादव 2, सैनी 1, तेली 1), जट सिख समाज से 1, पंजाबी समाज से 1, ब्राह्मण समाज से 2 और मुस्लिम समाज से 3 प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं।
कांग्रेस पहली सूची पर भाजपा का हमला
हरियाणा भाजपा ने कांग्रेस की पहली सूची जारी होने पर तंज कसा है। सोशल मीडिया पर हरियाणा भाजपा ने लिखा कि विनेश फोगाट के जुलाना पहुंचने की घोषणाभर से भर्ती रोको गैंग के एक अहम सदस्य और पूरे कुनबे में बेचैनी है। भर्तियों को अटकाकर जिन्होंने हरियाणा के युवाओं को दर दर भटकाया उनके साथ कांग्रेस इतनी जल्दी न्याय करेगी, उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। निर्दलीय लड़ने की हिम्मत है तो मौन व्रत तोड़ें।
हरियाणा भाजपा ने कांग्रेस की पहली सूची जारी होने पर तंज कसा है। सोशल मीडिया पर हरियाणा भाजपा ने लिखा कि विनेश फोगाट के जुलाना पहुंचने की घोषणाभर से भर्ती रोको गैंग के एक अहम सदस्य और पूरे कुनबे में बेचैनी है। भर्तियों को अटकाकर जिन्होंने हरियाणा के युवाओं को दर दर भटकाया उनके साथ कांग्रेस इतनी जल्दी न्याय करेगी, उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। निर्दलीय लड़ने की हिम्मत है तो मौन व्रत तोड़ें।