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Haryana Election 2024: इसलिए भाजपा की लिस्ट में होगी देरी... आरएसएस ने हैट्रिक लगाने के लिए दिया ये अहम सुझाव

Sun, 25 Aug 2024 09:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 25 Aug 2024 09:26 AM IST
सार

हरियाणा में पैनल को अंतिम रूप देने में भाजपा में मंथन जारी है। सूची आने में देरी हो सकती है। रविवार की बैठक में सिर्फ जम्मू कश्मीर के उम्मीदवारों पर चर्चा होने के आसार हैं। भाजपा में बैठकों का दौर जारी है। 

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haryana assembly election 2024 BJP is brainstorming to finalize the panel, there may be a delay in the list
haryana assembly election 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा ने राज्य की 90 विधानसभा सीटों पर पैनल तैयार कर लिए हैं, मगर अंतिम मुहर पर थोड़ा समय लग सकता है। भाजपा की केंद्रीय समिति की बैठक रविवार को 25 अगस्त को होनी है। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पीएम नरेंद्र मोदी समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि केंद्रीय समिति की इस बैठक में फिलहाल जम्मू कश्मीर के भाजपा के उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर लगाई जानी है। 
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बैठक में हरियाणा के उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा अभी नहीं होगी। केंद्रीय समिति की अगली बैठक में चर्चा होने की संभावना है। इस बात की पुष्टि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने की है। बड़ौली ने कहा- अभी हरियाणा के उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है। पैनल को फाइनल करने की प्रक्रिया अभी बाकी है। फिलहाल रविवार को हरियाणा के उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी संभव नहीं है।
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भाजपा के सूत्रों ने बताया है कि केंद्रीय चुनाव समिति की अगली बैठक में हरियाणा के उम्मीदवारों पर चर्चा किए जाने की संभावना है। भाजपा की अगली बैठक 28 या 29 को होने की संभावना है। उसके बाद ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा भाजपा की चुनाव समिति की

दो दिवसीय बैठक में 90 सीटों के उम्मीदवारों पर चर्चा हुई थी। बैठक में हर एक सीट का पैनल तैयार किया गया है। पैनल में राज्य के पूर्व सांसद, लोकसभा चुनाव हारे उम्मीदवार, मौजूदा विधायक व मंत्री, सांसदों के बेटे व बेटियों, भाजपा नेताओं के रिश्तेदार और राज्यसभा सांसद के अलावा भाजपा के अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। जिन जगहों पर दिग्गजों ने दावा ठोक रखा है, वहां सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं।

पैनल बनाने के बाद भी टिकटों पर चलता रहा मंथन, सीएम भी दिल्ली पहुंचे
भाजपा की चुनाव समिति की ओर से पैनल बनाए जाने के बाद भी शुक्रवार देर रात विधानसभा चुनाव प्रभारी धमेंद्र प्रधान के घर पर मंथन चलता रहा। बैठक में हरियाणा के प्रभारी सतीश पुनिया,सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली व संगठन महामंत्री फणींद्रनाथ मौजूद रहे।

बैठक में पैनलों के उम्मीदवारों को लेकर फिर से चर्चा हुई और कई विधानसभा की सीटों के उम्मीदवारों के नामों को लेकर पेच फंसा हुआ है। इस बैठक के अगले ही दिन शनिवार को सीएम नायब सिंह सैनी को कुरुक्षेत्र रैली से फिर से दिल्ली बुला लिया गया। जबकि चंडीगढ़ में उनकी प्रेस कांफ्रेंस थी।

इस प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कर दिया गया और वह सीधे दिल्ली पहुंचे और पहले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उसके बाद सभी प्रभारियों के साथ सीएम और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के साथ बैठक का दौर चला।

भाजपा के सूत्रों ने बताया है कि इस बार टिकटों को फाइनल करना इतना आसान नहीं है। टिकट फाइनल करते वक्त भाजपा को संघ, सांसदों और संगठन की भी सुननी है। इसलिए इस बार टिकटों में थोड़ा विलंब हो सकता है।

आरएसएस का सुझाव, हैट्रिक के लिए नए लोगों को ज्यादा मौका दें
पिछले दिनों फरीदाबाद में भाजपा और आरएसएस के बीच दो दिवसीय बैठक हुई थी। बैठक में आरएसएस ने भाजपा नेताओं से कहा है कि पिछले दस साल की सत्ता होने से सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है और इसे खत्म करने के लिए ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को मौका दिया जाना चाहिए।

आरएसएस का तो सुझाव यह है कि 70 फीसदी नए लोगों को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। यदि भाजपा आरएसएस का सुझाव मानती है तो मौजूदा कई विधायकों के टिकट कट सकते हैं। हालांकि पिछली बार भी भाजपा ने कई विधायकों के टिकट काट दिए थे। इसके साथ आरएसएस ने यह भी कहा है कि टिकट देते वक्त किसी तरह आपस में बिखराव नहीं होना चाहिए।

आरएसएस ने बूथ मैनेजमेंट को और ज्यादा सक्रिय करने पर बल दिया है। संघ का कहना है कि लोकसभा चुनाव में बूथ स्तर के पदाधिकारी समझते रहे कि मोदी के नाम पर सब लोग वोट डालने आएंगे, जबकि ऐसा हुआ नहीं था। इसलिए हर बूथ पर फोकस करना जरूरी है।

आरएसएस के प्लान पर काम करते हुए भाजपा रविवार को सभी बूथों पर कार्यालय खोलेगी और लोगों से संपर्क साधेगी। वहीं आरएसएस ने इस बार भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ उनके कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदान किया जा सके।
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