JEE Advance Result: मृणाल बने पंजाब टॉपर, ऑल इंडिया 19वीं रैंक, चंडीगढ़ के चिन्मय की 42वीं, हर्ष की 48वीं रैंक
चंडीगढ़ के आठ विद्यार्थियों ने टॉप-100 में जगह बनाई है। इनमें दो जुड़वा भाई सौमिल और सौम्य बंसल भी शामिल हैं। सौम्य और सौमिल बंसल ने गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल हाउसिंग बोर्ड कांप्लेक्स मनीमाजरा से 12वीं कक्षा की पढ़ाई की है।
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जेईई एडवांस के नतीजे में बठिंडा के मृणाल गर्ग ने आल इंडिया 19वां स्थान हासिल करने के साथ पंजाब में टॉप किया है। उन्होंने जेईई मेंस सेशन-1 और 2 में भी टॉप किया था। उस दौरान ऑल इंडिया में उनका पांचवां स्थान था। वहीं, चंडीगढ़ सेक्टर-43 निवासी चिन्मय खोकर ऑल इंडिया 42वीं रैंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉपर बने।
चंडीगढ़ के ही सेक्टर-35 निवासी हर्ष जाखड़ ने ऑल इंडिया 48वीं रैंक लेकर ट्राइसिटी में दूसरे और सेक्टर-16 निवासी अनिरुद्ध ने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। इनके अलावा निवेश ने ऑल इंडिया 60वीं, सॉमिल ने ऑल इंडिया 69वीं और सौम्य ने ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल किया।
मृणाल चंडीगढ़ में अपनी मां के साथ रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। वह शुरू से पढ़ाई में होशियार रहे हैं। मृणाल एनटीएसई, केवीपीवाई के स्कॉलर होने के साथ-साथ आईओक्यूसी और आईएनएमओ के क्वालिफायर भी हैं। उनके पिता चरणजीत गर्ग शहर एक बिजनेसमैन हैं, जबकि मां रेनू बाला गृहिणी हैं।
मृणाल का मुंह मीठा कराती दादी।
आठवीं कक्षा से ही मृणाल ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में रुचि दिखाते हुए चंडीगढ़ से अपनी पढ़ाई को जारी रखा था। अभिभावकों ने बताया कि मृणाल दिन में लगभग 14 घंटे पढ़ाई करते हैं।
चिन्मय ट्राइसिटी टॉपर, हर्ष दूसरे व अनिरुद्ध तीसरे स्थान पर रहे
जेईई एडवांस में सेक्टर-43 निवासी चिन्मय खोकर ऑल इंडिया 42वीं रैंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉपर बने। चंडीगढ़ के ही सेक्टर-35 निवासी हर्ष जाखड़ ने ऑल इंडिया 48वीं रैंक लेकर ट्राइसिटी में दूसरे और सेक्टर-16 निवासी अनिरुद्ध ने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। इनके अलावा निवेश ने ऑल इंडिया 60वीं, सॉमिल ने ऑल इंडिया 69वीं और सौम्य ने ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल किया।
इनके अलावा ट्राइसिटी के कई और विद्यार्थी परीक्षा में सफल रहे हैं। सफलता हासिल करने वाले छात्रों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया और ढोल की थाप पर डांस कर खुशी मनाई। सफल छात्रों के परिजन भी काफी खुश नजर आए।
सार्थ सिंगला, सौमिल बंसल, हर्ष झाकर, सौम्य बंसल (बाएं से दाएं )
पंजाब टॉपर मृणाल ने ऑपरेशन के बावजूद पढ़ाई नहीं छोड़ी
मृणाल गर्ग की मां रेणु बाला ने बताया कि लगभग एक साल पहले तैयारियों के दिनों में उनके बेटे का ऑपरेशन हुआ था। कमर में कई टांके लगे थे। उस दौरान भी मृणाल ने तैयारी नहीं छोड़ी और पेट के बल लेटकर पढ़ाई करता रहा। आज बेटे की मेहनत सफल हो गई। मुझे बेटे पर गर्व है। मृणाल के पिता चरणजीत गर्ग बिजनेसमैन हैं।
उन्होंने भी बेटे की सफलता पर खुशी जताई। मृणाल आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन लगभग 10 घंटे पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के अलावा गिटार बजाना पसंद है। मृणाल के अलावा शहर के सभी टॉपर्स ने उपलब्धि के लिए पढ़ाई के साथ तनावमुक्त रहने के लिए सॉफ्ट स्किल्स अपनाने के लिए की सलाह दी।
सफलता के लिए लक्ष्य पर नजर और रिविजन जरूरी: चिन्मय
ट्राइसिटी टॉपर चिन्मय खोकर ने दसवीं में 80 प्रतिशत और बारहवीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। बारहवीं की पढ़ाई उन्होंने भवन विद्यालय पंचकूला से उत्तीर्ण की है। पिता विक्रांत खोकर निजी कंपनी में ब्रांच मैनेजर और मां सोनिया चौधरी शिक्षिका हैं। चिन्मय ने बताया कि भाई अदित आईआईटी कानपुर से पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हीं से इंजीनियरिंग की प्रेरणा मिली।
बताया कि आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने की इच्छा है। दिन में 10 से 11 घंटे पढ़ाई करता था। चिन्मय ने बताया कि परीक्षा में सफलता के लिए रिविजन बहुत जरूरी है इसलिए मैं भी नियमित रूप से पढ़े हुए को रिवाइज करता था। दूसरों के लिए यही सलाह है कि नियमित रूप से टेस्ट दें और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। पढ़ाई के अलावा समय निकालकर फुटबॉल खेलने के साथ पॉकीमॉन देखना पंसद है।
भाई से मिली इंजीनियर बनने की प्रेरणा: हर्ष जाखड़
ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर हर्ष जाखड़ ने जेईई एडवांस से पहले स्विट्जरलैंड में ऑनलाइन आयोजित हुई 52वें अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड में रजत पदक हासिल किया था। इसके अलावा किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना-2022 में भी ऑल इंडिया स्तर पर 58वां स्थान हासिल किया था। हर्ष ने बताया कि तैयारी के लिए तीनों विषयों को नियमित रूप से पढ़ता था।
प्रतिदिन पढ़ाई के लिए सात से आठ घंटे का समय देता था। इसके अलावा पढ़ाई से समय निकालकर बास्केटबॉल खेलना पसंद है। उन्होंने बताया कि भाई आईआईटी दिल्ली में है, उसी को देखकर इंजीनियरिंग करने की प्रेरणा ली। आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहता हूं।
स्क्वैश के राज्यस्तरीय खिलाड़ी भी हैं अनिरुद्ध, कहा-पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी
ट्राइसिटी में तीसरे स्थान पर रहे अनिरुद्ध ने दसवीं में 95.4 प्रतिशत और बारहवीं में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। बारहवीं की पढ़ाई उन्होंने भवन विद्यालय पंचकूला से उत्तीर्ण की है। पिता डॉ. विशाल गर्ग और माता नीना गर्ग दोनों ही डॉक्टर हैं। बहन बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है।
दोनों भाई-बहन को गणित से बेहद लगाव है इसलिए दोनों ने इंजीनियरिंग करने का फैसला लिया। अनिरुद्ध ने बताया कि परीक्षा में सफल होने के लिए पहले तो नियमित रूप से पढ़ाई बहुत जरूरी है, दूसरा शिक्षकों के संपर्क में रहना चाहिए और अपने लक्ष्य को ध्यान में रहकर मेहनत करनी चाहिए। अनिरुद्ध भी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। पढ़ाई के अलावा अनिरुद्ध स्क्वैश के राज्यस्तरीय खिलाड़ी हैं और शतरंज खेलना बेहद पसंद है। उनका कहना है कि पढ़ाई के साथ खेल भी बेहद जरूरी है।
निवेश ने केमिस्ट्री ओलंपियाड में किया था भारत का प्रतिनिधित्व
चंडीगढ़ सेक्टर-32 निवासी निवेश ने चीन में हुए केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। जेईई और बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के अलावा किताबें पढ़ने और लॉन टेनिस को भी समय देते हैं ताकि तनावमुक्त रह सकें।
पिता अमित अग्रवाल निजी बैंक में रीजनल हेड हैं और मां मोनिका अग्रवाल गृहिणी। एमआईटी यूएस से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। निवेश ने कहा कि परीक्षा में सफल होने के लिए कार्यक्रम तय कर नियमित रूप से पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा तनावमुक्त रहना बहुत जरूरी है इसलिए अपनी हॉबी को भी समय देना चाहिए।
जुड़वां भाइयों सॉमिल और सौम्य ने टॉप 100 में बनाई जगह
सेक्टर-13 निवासी जुड़वां भाइयों सॉमिल और सौम्य ने जेईई एडवांस में टॉप 100 में जगह बनाई है। सौम्य बड़े हैं और सॉमिल उनसे पांच मिनट छोटे। दोनों भाई एक साथ पढ़ते हैं और एक-दूसरे को देखकर ही प्रेरणा लेते हैं। दोनों भाइयों ने बताया कि जेईई मेन उत्तीर्ण करने के बाद परिवार के साथ खुद से भी उनकी उम्मीदें बढ़ गई थीं इसलिए लक्ष्य बना लिया था कि जेईई एडवांस में टॉप करना है।
तैयारी के लिए नियमित रूप से रिविजन और टेस्ट सीरीज दिया। गवर्नमेंट मॉडल स्कूल मनीमाजरा से सॉम्य ने 93.4% और सॉमिल ने 96.6% अंकों के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। पिता मनीष बंसल बिजनेसमैन और मां पूजा बंसल गृहिणी हैं। दोनों भाई आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।