फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Harpreet Singh of Faridkot made paraglider with Bike Engine

जहां चाह वहां राह: साइकिल रिपेयर करते-करते हरप्रीत सिंह ने भरी आसमान में उड़ान, खुद बनाया पैराग्लाइडर

Tue, 04 Apr 2023 10:22 AM IST
निवेदिता वर्मा राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 04 Apr 2023 10:22 AM IST
सार

हरप्रीत के अनुसार हम खुद पर यकीन रख कर अपने सपने साकार कर सकते है और कामयाबी भी हासिल कर सकते हैं। हरप्रीत जब भी छुट्टी पर घर आता है तो वह किसी महफिल में नहीं जाता बल्कि इलाके के बच्चों को पैराग्लाइडिंग के बारे में जानकारी देता है।

विज्ञापन
Harpreet Singh of Faridkot made paraglider with Bike Engine
फरीदकोट का हरप्रीत सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

जहां चाह हो वहां राह मिल ही जाती है, हौसला हो तो बुलंदी की उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा ही एक हुनर फरीदकोट शहर में देखने को मिला जहां एक बेहद साधारण परिवार के नौजवान ने अपने सपनों की उड़ान खुद भरी है। स्थानीय भोलूवाला रोड के रहने वाले हरप्रीत सिंह ने साइकिल की रिपेयर करते करते तीन साल की मेहनत और ढाई लाख की लागत से पैराग्लाइडर बना डाला और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Punjab News: अमृतपाल के चाचा की हिरासत अवैध नहीं, गंभीर आरोप के बाद लगा NSA, हाईकोर्ट में पंजाब सरकार का जवाब
विज्ञापन


हरप्रीत सिंह का बचपन से पायलट बनने का सपना था मगर आर्थिक साधनों के अभाव और सिर पर पिता का साया ना होने से ये सपना मुश्किल लग रहा था। इसके बावजूद उसने हिमत नहीं हारी। अब वह अपने सपने को साकार करने में कुछ हद तक कामयाब हो गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इंडियन फ्लाइंग फोर्स पुडुचेरी में मिली नौकरी
साइकिल मैकेनिक हरप्रीत सिंह ने मोटरसाइकिल का इंजन लगा कर पैराग्लाइडर तैयार किया। इससे पहले उसने आर्मी असम से प्रशिक्षण हासिल किया और अब उसे इंडियन फ्लाइंग फोर्स पुडुचेरी में बतौर पैरा मोटर पायलट की नौकरी भी मिल गई है। वहां पर वह लोगों को आसमान की सैर करवाता है। हरप्रीत सिंह ने कहा कि अब उसका सपना है कि वह अपने इलाके के लोगों के लिए टू सीटर पैरामोटर ग्लाइडर बनाए और हर छोटे बड़े अमीर गरीब को आसमान की सैर करवाएं। 


 

तीन साल में ढाई लाख खर्च किए
हरप्रीत सिंह ने बताया कि इससे पहले वह साइकिल रिपेयर का काम करता था। पैरामोटर ग्लाइडर बनाने के लिए उसने खूब मेहनत की और तीन साल में ढाई लाख खर्च करके उसे सफलता मिली। इसका एक-एक पुर्जा इधर-उधर से एकत्रित किया। इसमें साइकिल का हैंडल लगाया जबकि पंख लकड़ी के लगाए। मोटरसाइकिल का इंजन लगा है। अब उसने टू सीटर पैरामोटर ग्लाइडर बनाने का काम शुरू कर दिया है लेकिन इसके लिए सरकार से सहयोग की उम्मीद है। 

हरप्रीत के अनुसार शहर के लोग पैराग्लाइडर का लुत्फ उठाने के लिए बाहर जाते है लेकिन मैं अपने शहर में ही लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवाना चाहता हूं। यदि सरकार मेरा साथ दे तो वह बड़ा पैरामोटर ग्लाइडर बना कर लोगों को आसमान की सैर करवा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed