युवाओं को हरभजन सिंह की सलाह, मोबाइल में नहीं ग्राउंड में आकर खेले गेम्स
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भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोमवार का कहा कि आजकल बच्चे ग्राउंड में कम और मोबाइल में अधिक गेम्स खेलते हैं। जरूरत है, ग्राउंड में आकर खेलने की। तभी देश का भविष्य स्वस्थ और उज्ज्वल होगा। हरभजन सिंह ने पठानकोट के प्रताप वर्ल्ड स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। वह पठानकोट में इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी एचएसआईसीए (हरभजन सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट अकादमी) का शुभारंभ करने आए थे।
स्कूल चेयरमैन भारत भूषण, डायरेक्टर विशाल महाजन, डायरेक्टर सन्नी महाजन, प्रिंसिपल शुभ्रा ने हरभजन सिंह का स्वागत किया। हरभजन सिंह ने कहा अकादमी इसलिए महत्वपूर्ण है कि पठानकोट पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर का हब जिला है। उन्होंने बताया कि इस समय देश भर में उनकी 7 अकादमी चल रही हैं।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में एक भी अकादमी नहीं है, जिसके चलते पठानकोट उन्हें सही लगा। वहीं प्रताप वर्ल्ड स्कूल में 4 एकड़ का ग्राउंड, क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए बढ़िया मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे खिलाड़ियों को अधिक तकनीकी सीखने को मिलती हैं। इसके अलावा प्रताप वर्ल्ड में पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
‘विद्यार्थियों को करना चाहिए खेलों का नशा’
उन्होंने कहा कि देश के हर कोने से टैलेंट को इकट्ठा कर भारतीय टीम को और भी मजबूत बनाने में सहयोग देंगे। जिंदगी के कई पहलु विद्यार्थियों के साथ साझे किए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते कहा कि सपने, जज्बा और टैलेंट ही खिलाड़ी को आगे ले जाता है। जब मैने अपने करियर की शुरूआत की तो मेरे पास सिर्फ सपने थे, बस मैने कोच का कहा माना और आज यहां खड़ा हूं।
पंजाब में नशे के सवाल पर हरभजन सिंह ने कहा कि नशा करना है तो खेलों का करें। खेलों का नशा करने वालों के पास बहुल विकल्प हैं, कोई क्रिकेट का करे, कोई फुटबॉल तो कोई हॉकी का नशा करे। यह नशा न तो परिवारों को उजाड़ता है और न ही सेहत को। जिंदगी एक बार मिलती है, इसलिए हर विद्यार्थी को किसी न किसी खेल का नशा करना चाहिए। इस मौके पर जिला स्केट्स कोच भूपिंद्र सिंह, अभिषेक भारद्धाज व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।