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मदद करने की बजाय अनपेड लीव पर भेज दी रिसेप्शनिस्ट, दो महीने बाद लौटी तो...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:34 AM IST
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harassment of receptionist
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प्रिंसिपल ने मदद करने की बजाय रेसप्शनिस्ट को अनपेड लीव पर भेज दिया। जब वह दो महीने बाद लौटी तो जो हुआ, देखकर वह चौंक गई। मामला चंडीगढ़ का है। रिसेप्शनिस्ट ने स्कूल कमेटी के दो सदस्यों पर जनवरी 2018 से सेक्सुअल हरासमेंट करने की शिकायत दी थी। वीरवार को दो महीने बाद जब रिसेप्शनिस्ट दोबारा स्कूल पहुंची तो उसे स्कूल में घुसने नहीं दिया गया और न ही इसका कारण बताया गया। प्रिंसिपल ने दो टूक कह दिया कि आपको अनपेड लीव पर भेज दिया गया है।
मामला शहर के सेक्टर 40 स्थित एक निजी स्कूल का है। स्कूल में एंट्री नहीं मिलने पर रिसेप्शनिस्ट ने पुलिस की मदद मांगी लेकिन पुलिस ने भी कोई मदद करने से इंकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि दो माह पहले रिशेप्सनिस्ट ने एसएसपी को सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत सिंगल विंडो सिस्टम से दी थी, जिसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट जल्द एसएसपी को सौंप दी जाएगी। स्कूल प्रबंधन ने भी रिसेप्शनिस्ट के खिलाफ शिकायत दे रखी है।
क्या है मामला
रिसेप्शनिस्ट का कहना है कि वह वर्ष 2011 से स्कूल में कार्यरत है। आरोप है कि उसकी नौकरी को रेगुलर करने की आड़ में मैनेजमेंट कमेटी के दो सदस्यों ने जनवरी 2018 में स्कूल प्रिंसिपल के सामने ही उसके साथ अश्लील हरकत की थी। मामले की शिकायत उसने एसएसपी निलांबरी विजय जगदले को दी लेकिन आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल यह है कि स्कूल प्रबंधन के लोग उसको और उसके परिवार को सरेआम धमकी दे रहे हैं।
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पीड़िता का कहना है कि उसने प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसके साथ प्रिंसिपल को 19 मई से 31 जुलाई तक पेड लीव पर भेज दिया था। पेड लीव खत्म होने के बाद स्कूल प्रिंसिपल को तो ज्वाइन करा दिया गया लेकिन जब वह बुधवार को स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रशासन ने उसे स्कूल में घुसने तक नहीं दिया। दोबारा वीरवार को फिर अपनी फैमिली के साथ स्कूल पहुंची तो फिर एंट्री नहीं दी गई।
उसने पुलिस से गुहार लगाई। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने भी स्कूल की ही पैरवी की। इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने की पूरी कोशिश की गई लेकिन देर रात तक उनका पक्ष नहीं मिला। जब भी स्कूल प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
अब 181 मांगी मदद
रिसेप्शनिस्ट ने बताया कि उसने हेल्पलाइनइ 181 पर फोन कर मदद मांगी। हेल्पलाइन के सदस्य मौके पर पहुंचे ओर उन्होंने स्कूल प्रशासन व पीड़िता दोनों का पक्ष सुना। इसके बाद उन्होंने अपनी बनती कार्यवाही की। पीड़िता ने बताया इस दौरान हेल्पलाइन के सदस्यों ने उससे पूरे मामले में पूछताछ कर डीडीआर दर्ज करवाने को कहा है।
इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच चल रही है। रिसेप्शनिस्ट ने सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत एसएसपी को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए की थी। एसएसपी से जांच मार्क होकर मेरे पास आई थी, जिसकी इंक्वायरी चल रही है। फाइनल रिपोर्ट जल्द ही एसएसपी को सौंप देेंगे।
- राजदीप सिंह, एसएचओ, सेक्टर-39 थाना
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मामला शहर के सेक्टर 40 स्थित एक निजी स्कूल का है। स्कूल में एंट्री नहीं मिलने पर रिसेप्शनिस्ट ने पुलिस की मदद मांगी लेकिन पुलिस ने भी कोई मदद करने से इंकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि दो माह पहले रिशेप्सनिस्ट ने एसएसपी को सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत सिंगल विंडो सिस्टम से दी थी, जिसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट जल्द एसएसपी को सौंप दी जाएगी। स्कूल प्रबंधन ने भी रिसेप्शनिस्ट के खिलाफ शिकायत दे रखी है।
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क्या है मामला
रिसेप्शनिस्ट का कहना है कि वह वर्ष 2011 से स्कूल में कार्यरत है। आरोप है कि उसकी नौकरी को रेगुलर करने की आड़ में मैनेजमेंट कमेटी के दो सदस्यों ने जनवरी 2018 में स्कूल प्रिंसिपल के सामने ही उसके साथ अश्लील हरकत की थी। मामले की शिकायत उसने एसएसपी निलांबरी विजय जगदले को दी लेकिन आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल यह है कि स्कूल प्रबंधन के लोग उसको और उसके परिवार को सरेआम धमकी दे रहे हैं।
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पीड़िता का कहना है कि उसने प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने उसके साथ प्रिंसिपल को 19 मई से 31 जुलाई तक पेड लीव पर भेज दिया था। पेड लीव खत्म होने के बाद स्कूल प्रिंसिपल को तो ज्वाइन करा दिया गया लेकिन जब वह बुधवार को स्कूल पहुंची तो स्कूल प्रशासन ने उसे स्कूल में घुसने तक नहीं दिया। दोबारा वीरवार को फिर अपनी फैमिली के साथ स्कूल पहुंची तो फिर एंट्री नहीं दी गई।
उसने पुलिस से गुहार लगाई। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने भी स्कूल की ही पैरवी की। इस मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जानने की पूरी कोशिश की गई लेकिन देर रात तक उनका पक्ष नहीं मिला। जब भी स्कूल प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
अब 181 मांगी मदद
रिसेप्शनिस्ट ने बताया कि उसने हेल्पलाइनइ 181 पर फोन कर मदद मांगी। हेल्पलाइन के सदस्य मौके पर पहुंचे ओर उन्होंने स्कूल प्रशासन व पीड़िता दोनों का पक्ष सुना। इसके बाद उन्होंने अपनी बनती कार्यवाही की। पीड़िता ने बताया इस दौरान हेल्पलाइन के सदस्यों ने उससे पूरे मामले में पूछताछ कर डीडीआर दर्ज करवाने को कहा है।
इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच चल रही है। रिसेप्शनिस्ट ने सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत एसएसपी को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए की थी। एसएसपी से जांच मार्क होकर मेरे पास आई थी, जिसकी इंक्वायरी चल रही है। फाइनल रिपोर्ट जल्द ही एसएसपी को सौंप देेंगे।
- राजदीप सिंह, एसएचओ, सेक्टर-39 थाना