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सपना पूरा करने साइकिल पर निकले विकलांग आदित्य
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Nov 2013 01:25 PM IST
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कामयाबी के शिखर तक पहुंचने की कई दास्तानें हैं पर हैदराबाद के आदित्य की कहानी कुछ अलग है। उन्होंने एक हादसे में अपनी टांग खो दी पर, अपने हौसले से दुनिया की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
आदित्य मेहता का संकल्प है एयरटेल एंड्योरेंस राइड-38 किलोमीटर का सफर तय करने का। वह यह सफर 36 दिन में तय करेंगे। यह लंबा सफर तय करने के लिए आदित्य ने बाइक या कार नहीं, बल्कि साइकिल को चुना है।
उन्होंने इस यात्रा की शुरुआत की श्रीनगर से। उनको यहीं पर सबसे ज्यादा रिस्पांस भी मिला। एक तो यहां वन वे था दूसरा खाई। डर तो लग रहा था। जरा सी गलती से मौत तय थी।
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उन्होंने अपने हौसले से यह रास्ता भी पार कर लिया। बुधवार को आदित्य को भारती एयरटेल के आईटी पार्क स्थित कार्यालय से आईटीबीपी के आईजी अरविंद कुमार ने फ्लैग ऑफ किया।
बेचारा शब्द से आता है गुस्सा
बातचीत के दौरान आदित्य ने बताया उनको बेचारा शब्द से सबसे ज्यादा गुस्सा आता है। जब सड़क हादसे मे एक टांग कटी तो लोगों ने बात-बात में कई बार बेचारा कहा।
उन्होंने कहा कि इतना दुख हादसे में अपनी टांग खो देने का नहीं था, बल्कि जितना दुख और डर इस बात से लग रहा था कि मुझे कोई बेचारा न कह दे।
उन्होंने कहा कि मुझे एक दिन पिता ने कहा जिंदगी मे उतार-चढ़ाव, सुख-दुख के पड़ाव आते है। इसका मतलब ये नहीं कि जिंदगी जीना छोड़ दें।
उन्होंने कहा कि खुद जिंदगी को यादगार और खूबसूरत बनाएं। उन्होंने कहा कि मैने कड़ी मेहनत की और संकल्प लिया कि श्रीनगर से कन्या कुमारी तक साइकिल पर सफर तय करूंगा।
आदित्य का रुटीन
-सुबह पांच बजे से शुरू करते हैं साइकिल राइड
-एक दिन मे 12 किलोमीटर तक का सफर
-राइड के दौरान तीन किलोग्राम बढ गया वजन
-रोजाना आठ घंटे करते हैं रेस्ट
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आदित्य मेहता का संकल्प है एयरटेल एंड्योरेंस राइड-38 किलोमीटर का सफर तय करने का। वह यह सफर 36 दिन में तय करेंगे। यह लंबा सफर तय करने के लिए आदित्य ने बाइक या कार नहीं, बल्कि साइकिल को चुना है।
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उन्होंने इस यात्रा की शुरुआत की श्रीनगर से। उनको यहीं पर सबसे ज्यादा रिस्पांस भी मिला। एक तो यहां वन वे था दूसरा खाई। डर तो लग रहा था। जरा सी गलती से मौत तय थी।
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उन्होंने अपने हौसले से यह रास्ता भी पार कर लिया। बुधवार को आदित्य को भारती एयरटेल के आईटी पार्क स्थित कार्यालय से आईटीबीपी के आईजी अरविंद कुमार ने फ्लैग ऑफ किया।
बेचारा शब्द से आता है गुस्सा
बातचीत के दौरान आदित्य ने बताया उनको बेचारा शब्द से सबसे ज्यादा गुस्सा आता है। जब सड़क हादसे मे एक टांग कटी तो लोगों ने बात-बात में कई बार बेचारा कहा।
उन्होंने कहा कि इतना दुख हादसे में अपनी टांग खो देने का नहीं था, बल्कि जितना दुख और डर इस बात से लग रहा था कि मुझे कोई बेचारा न कह दे।
उन्होंने कहा कि मुझे एक दिन पिता ने कहा जिंदगी मे उतार-चढ़ाव, सुख-दुख के पड़ाव आते है। इसका मतलब ये नहीं कि जिंदगी जीना छोड़ दें।
उन्होंने कहा कि खुद जिंदगी को यादगार और खूबसूरत बनाएं। उन्होंने कहा कि मैने कड़ी मेहनत की और संकल्प लिया कि श्रीनगर से कन्या कुमारी तक साइकिल पर सफर तय करूंगा।
आदित्य का रुटीन
-सुबह पांच बजे से शुरू करते हैं साइकिल राइड
-एक दिन मे 12 किलोमीटर तक का सफर
-राइड के दौरान तीन किलोग्राम बढ गया वजन
-रोजाना आठ घंटे करते हैं रेस्ट