गुरुग्राम शूटआउटः बेटे के अंतिम संस्कार में एकदम टूट गए जज कृष्णकांत, हालत देख सभी रोने लगे
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गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत के बेटे धुव्र का अंतिम संस्कार हिसार में किया गया। इस दौरान गमगीन जज चीत्कार मार कर रो पड़े। वो अपने बेटे के शव से लिपट कर फूट-फूट कर रो रहे थे। हिसार के प्रीति नगर निवासी व न्यायाधीश कृष्णकांत के बेटे ध्रुव के शव का अंतिम संस्कार बुधवार को बस स्टैंड के निकट ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में 11.55 बजे किया गया। गमगीन माहौल में ध्रुव के ताऊ संजय आर्य ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान अपनी पत्नी और बेटे को खो देने वाले जज कृष्णकांत बुरी तरह टूटे हुए नजर आए। उनकी आंखों में बार-बार आंसू आ रहे थे और परिजन उन्हें सांत्वना दे रहे थे।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश महेश ग्रोवर और न्यायाधीश रविंद्र जैन ने जज कृष्णकांत को सांत्वना देने के लिए गले लगाया तो वे फूट-फूट कर रो पड़े। इतना ही नहीं जब ध्रुव के शव को लेकर श्मशानघाट पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए चिता पर ले जाने लगे तो जज कृष्णकांत के सब्र का बांध टूट गया और एक पिता का हृदय चित्कार कर उठा। वे बेटे ध्रुव के शव से लिपट गए और फूट-फूट कर रोने लगे। यह दृश्य देख कर वहां मौजूद हर किसी का हृदय पसीज गया और सभी की आंखे नम हो गई।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश व शहर के गणमान्य लोग पहुंचे अंतिम संस्कार में
ध्रुव के अंतिम संस्कार में शहर ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों से भी लोग पहुंचे और एक हजार से अधिक लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इनमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश महेश ग्रोवर व रविंद्र जैन, गुरुग्राम कोर्ट से सेशन जज आरके सौंधी, सेशन जज प्रमोद गोयल सहित जिले के सभी जज प्रीति नगर स्थित उनके आवास पर पहुंचे।
हिसार से एडीजे देशराज चालिया, डॉ. पंकज, परमवीर निज्जर, आरके जैन, अमित गर्ग, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुरेंद्र कुमार, अमरीक सिंह, गगनदीप, निधि बंसल के अलावा विधायक कमल गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता पीके संधीर, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप बाजिया, प्रदीप श्योराण, राजेश कालीरामणा सहित अनेक वकीलों ने ध्रुव के निधन पर शोक व्यक्त किया।
इस दौरान प्रीति नगर में न्यायाधीश के आवास पर हाईकोर्ट व जिले के सभी जजों के पहुंचने के कारण गली में व श्मशान घाट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। मौके पर पुलिस की पांच पीसीआर मौजूद रहीं, जिसमें करीब 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। बाद में पीसीआर मोक्ष वाहन के साथ श्मशानघाट तक भी गई। सुरक्षा के लिए सिटी थाना प्रभारी मनदीप सांगवान दल बल के साथ मौजूद थे।
ध्रुव का शव बुधवार दोपहर 11 बजकर 25 मिनट पर उनके निवास स्थान प्रीति नगर पहुंचा। शव पहुंचते ही गमगीन माहौल चीत्कार में बदल गया। घर में मौजूद महिलाओं के रोने-बिलखने की आवाजें आने लगीं। अंतिम संस्कार की तैयारी की प्रक्रिया में करीब 30 मिनट लगे, जिसके बाद शव को ऋषि नगर स्थित श्मशानघाट के लिए ले जाया गया। ध्रुव के पार्थिव शरीर पर हाईकोर्ट के दो न्यायाधीश की तरफ से पुष्प चक्र अर्पित किए गए। इसके बाद सेशन जज के भाई संजय आर्य ने ध्रुव की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां पर यही चर्चा थी कि सुरक्षागार्ड के एक मिनट के गुस्से ने न्यायाधीश कृष्णकांत का परिवार छीन लिया।
यह था मामला
गौरतलब है कि न्यायाधीश कृष्णकांत की पत्नी रेणू उर्फ रीतू और बेटे ध्रुव को उन्हीं के गनमैन महिपाल ने गुरुग्राम की मार्केट में 13 अक्तूबर को गोली मार दी थी। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां रेणू उर्फ रीतू ने तो एक दिन बाद ही दम तोड़ दिया था, जबकि ध्रुव 10 दिनों से मेदांता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। मंगलवार को वह जिंदगी की जंग हार गया और उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने मृतक ध्रुव के किडनी व लीवर को दूसरों की जान बचाने के लिए दान कर दिया था।