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एक गुरुद्वारा, जहां तैयार किए जा रहे भविष्य के आईएएस-आईपीएस, निशुल्क दी जाती है कोचिंग
Mon, 25 Nov 2019 02:43 PM IST
खुशबू गोयल
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 25 Nov 2019 02:43 PM IST
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हम आपको बता रहे हैं एक गुरुद्वारे के बारे में, जहां भविष्य के आईएएस, आईपीएस और पीओ तैयार किए जा रहे हैं। धर्म शास्त्रों में माना गया है कि मानव सेवा, ही ईश्वर सेवा है। शहर के गुरुद्वारों में इस वाक्य को चरितार्थ किया जा रहा है। एक ओर जहां गुरुद्वारा कमेटियां धर्म संस्कारों की शिक्षा दे रहीं हैं, वहीं बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं।
स्कूल, कोचिंग संस्थानों के माध्यम से नई पौध तैयार की जा रही है। जो देश का भविष्य तय करेंगे। गुरुद्वारा समिति का लोगों के प्रति सेवा भाव भी ऐसा है कि उनके रहने से लेकर उनकी आर्थिक मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। अमर उजाला ऐसे ही गुरुद्वारों के सेवा भाव को लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। नीरज कुमार की एक रिपोर्ट...
सेक्टर-22बी के गुरुद्वारे ने उठाई बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी
सेक्टर-22बी के श्री गुरुद्वारा साहिब में बच्चों को निशुल्क आईएएस, आईपीएस, पीओ आदि नौकरियों के लिए तैयारी करवाई जाती है। यह वह बच्चे हैं जिनमें कुछ कर गुजरने की चाहत तो है, लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी शिक्षा पूरी करने में असमर्थ हैं। इन बच्चों के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी गुरुद्वारा कमेटी ने उठाई है।
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गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अमरजीत सिंह सहगल ने बताया कि गुरुद्वारे में बड़ा दरबार हॉल बनाया गया है। जहां रोज नित नेम के साथ ही गुरुबाणी, कथा और कीर्तन होता है। जरूरतमंद लोगों को ठहरने के लिए सराय और कमरे बनवाए गए हैं। मानव सेवा सर्वोपरि है। इसलिए गुरुद्वारा कमेटी ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की सेवा करने का प्रयास करती है, लेकिन सबसे बड़ा सुकून बच्चों के सपनों को पूरा करने पर होता है।
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स्कूल, कोचिंग संस्थानों के माध्यम से नई पौध तैयार की जा रही है। जो देश का भविष्य तय करेंगे। गुरुद्वारा समिति का लोगों के प्रति सेवा भाव भी ऐसा है कि उनके रहने से लेकर उनकी आर्थिक मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। अमर उजाला ऐसे ही गुरुद्वारों के सेवा भाव को लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहा है। नीरज कुमार की एक रिपोर्ट...
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सेक्टर-22बी के गुरुद्वारे ने उठाई बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी
सेक्टर-22बी के श्री गुरुद्वारा साहिब में बच्चों को निशुल्क आईएएस, आईपीएस, पीओ आदि नौकरियों के लिए तैयारी करवाई जाती है। यह वह बच्चे हैं जिनमें कुछ कर गुजरने की चाहत तो है, लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी शिक्षा पूरी करने में असमर्थ हैं। इन बच्चों के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी गुरुद्वारा कमेटी ने उठाई है।
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गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अमरजीत सिंह सहगल ने बताया कि गुरुद्वारे में बड़ा दरबार हॉल बनाया गया है। जहां रोज नित नेम के साथ ही गुरुबाणी, कथा और कीर्तन होता है। जरूरतमंद लोगों को ठहरने के लिए सराय और कमरे बनवाए गए हैं। मानव सेवा सर्वोपरि है। इसलिए गुरुद्वारा कमेटी ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की सेवा करने का प्रयास करती है, लेकिन सबसे बड़ा सुकून बच्चों के सपनों को पूरा करने पर होता है।
1954 में चंडीगढ़ आए कमेटी के सदस्य
गुरुद्वारा स्थापन कमेटी के महासचिव गुरजोत सिंह साहनी ने बताया कि चंडीगढ़ गुरुद्वारा स्थापन कमेटी संयुक्त पंजाब के दौरान शिमला में गठित की गई थी। जब चंडीगढ़ बनने की शुरुआत हुई तो 1954 में इस कमेटी के सदस्य चंडीगढ़ आ गए।
इसके बाद चंडीगढ़ में गुरुद्वारा साहिब, मस्जिद और मंदिर के लिए जमीन अलॉट करने के लिए आवेदन मांगे गए। ड्रॉ निकलने पर सेक्टर-22डी में गुरुद्वारा साहिब, 23 में मंदिर और 20 में मस्जिद के लिए जगह अलॉट की गई थी।
पीजीआई के मरीजों के लिए लैब अैर अन्य सुविधाएं
गुरुद्वारा स्थापन कमेटी के मुख्य प्रवक्ता परमदीप सिंह पभात ने बताया कि देशभर से काफी संख्या में लोग पीजीआई में दिखाने आते हैं। प्राइवेट लैब में सभी टेस्ट भी मंहगे होत हैं और कई बार लोगों के पास ठहरने को जगह भी नहीं होती। कमेटी ने श्री गुरु हर राय साहिब डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित किया है।
यहां उच्च तकनीक की मशीनें हैं। इनमें सीटी स्कैन, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। लैब में कम मूल्य पर लोगों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं लोगों को ठहरने के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है। दांतों के इलाज के लिए चेरिटेबल डिस्पेंसरी खोली गई है। लोगों को यहां आने पर कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।
इसके बाद चंडीगढ़ में गुरुद्वारा साहिब, मस्जिद और मंदिर के लिए जमीन अलॉट करने के लिए आवेदन मांगे गए। ड्रॉ निकलने पर सेक्टर-22डी में गुरुद्वारा साहिब, 23 में मंदिर और 20 में मस्जिद के लिए जगह अलॉट की गई थी।
पीजीआई के मरीजों के लिए लैब अैर अन्य सुविधाएं
गुरुद्वारा स्थापन कमेटी के मुख्य प्रवक्ता परमदीप सिंह पभात ने बताया कि देशभर से काफी संख्या में लोग पीजीआई में दिखाने आते हैं। प्राइवेट लैब में सभी टेस्ट भी मंहगे होत हैं और कई बार लोगों के पास ठहरने को जगह भी नहीं होती। कमेटी ने श्री गुरु हर राय साहिब डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित किया है।
यहां उच्च तकनीक की मशीनें हैं। इनमें सीटी स्कैन, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। लैब में कम मूल्य पर लोगों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं लोगों को ठहरने के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है। दांतों के इलाज के लिए चेरिटेबल डिस्पेंसरी खोली गई है। लोगों को यहां आने पर कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाता है।
स्कूलों में तैयार कर रहे भविष्य की नई पौध
श्री गुरुद्वारा साहिब की ओर से दो स्कूलों का भी संचालन किया जाता है। श्री ग़ुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी और पब्लिक स्कूल में 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इन स्कूलों में काफी रियायती फीस है। स्कूल में बच्चों को खेलों के साथ-साथ गुरुबाणी कीर्तन और सिख इतिहास से भी जोड़ा जाता है। यहां शुभकरमन इंस्टीट्यूट और कंप्यूटर कोचिंग सेंटर भी स्कूलों में संचालित होता है, जिससे बच्चों को हर तरह की शिक्षा मिल सके।
जरूरतमंद मरीज के लिए 10 लाख तक का फंड
स्थापन कमेटी की ओर से ऐसे जरूरतमंद मरीजों को भी फंड दिया जाता है जो अपना इलाज करवाने में सक्षम नहीं हैं। उनके लिए 10 लाख रुपये तक का फंड रखा गया है। अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित रोगियों के परिवारों को यह राशि दी जाती है। इसके लिए कमेटी ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो मरीज के बारे में पूरी जानकारी जुटाती है।
जरूरतमंद मरीज के लिए 10 लाख तक का फंड
स्थापन कमेटी की ओर से ऐसे जरूरतमंद मरीजों को भी फंड दिया जाता है जो अपना इलाज करवाने में सक्षम नहीं हैं। उनके लिए 10 लाख रुपये तक का फंड रखा गया है। अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित रोगियों के परिवारों को यह राशि दी जाती है। इसके लिए कमेटी ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो मरीज के बारे में पूरी जानकारी जुटाती है।